Saturday, April 20, 2024
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कोरबा: कर्मचारियों की लापरवाही से कोरोना संक्रमित की हुई मौत, परिजनों ने लगाया आरोप, मरीज़ के गिरकर घायल होने की सुचना तक नहीं दी गई…अधिकारी बोले जांच कर करेंगे कार्रवाई …..

  • डिंगापुर के कोविड हॉस्पिटल में गिरकर घायल होने पर भी नहीं दी थी सूचना
  • इलाज के दौरान मरीज की मौत, परिजन ने रेफर करवाकर निजी अस्पताल में कराया था भर्ती, कोविड हॉस्पिटल में लापरवाही करने का लगाया आरोप

कोरबा: रजगामार काॅलोनी निवासी एसईसीएल कर्मी 54 वर्षीय तुलाराम कुर्रे कोरोना संक्रमित थे। उन्हें पहले डिंगापुर कोविड हॉस्पिटल में भर्ती कराया था, जहां से उन्हें परिजन ने 30 अक्टूबर को रेफर कराकर कोसाबाड़ी स्थित निजी कोविड अस्पताल दाखिल कराया, जहां 7 नवंबर तक इलाज के बाद भी स्थिति नहीं सुधरी तो परिजन तुलाराम को रायपुर के एक बड़े अस्पताल में इलाज कराने रवाना हुए। बिलासपुर के आगे पहुंचते ही ऑक्सीजन लेवल कम होने से परिजन को बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में उन्हें भर्ती कराना पड़ा, जहां इलाज के दौरान 13 नवंबर की रात तुलाराम की मौत हो गई। शव का अंतिम संस्कार गृह ग्राम पथर्री (हरदीबाजार) में किया गया। मौत के बाद अब परिवार ने आरोप लगाते हुए शहर के डिंगापुर स्थित कोविड हॉस्पिटल की व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है। तुलाराम के बेटे चंद्रप्रकाश के मुताबिक कोविड हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 30 अक्टूबर को उनके पिता गिरकर घायल हो गए थे। इसकी सूचना भी कोविड हॉस्पिटल से उन्हें नहीं दी गई थी। न ही वह कैसे गिरे यह बताया गया। उन्हें जब इसका पता चला तो वे खुद ही उन्हें वहां से रेफर करवाकर निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने गिरने के कारण दिमाग पर चोट लगने और पैरालैसिस होना बताया। इसी कारण उनकी हालत लगातार बिगड़ते गई और जान चली गई। इसमें कोविड हॉस्पिटल के स्टाफ व जिम्मेदार अधिकारियों की सीधी लापरवाही हैं। गौरतलब है कि तुलाराम की मौत के बाद परिजन उनका अंतिम संस्कार व अन्य कार्यक्रम में व्यस्त हो गए थे। यह काम पूरा कर तुलाराम के बेटे ने 16 अक्टूबर को मामले का खुलासा किया है।

25 को मिले थे संक्रमित, दो दिन बाद हॉस्पिटल में भर्ती
चंद्रप्रकाश ने बताया 25 अक्टूबर को तुलाराम संक्रमित मिले थे। वे होम क्वारेंटाइन में थे। 26-27 को उन्हें खिलाई दवाई दी गई। 27 की रात सर्दी-खांसी बढ़ने पर उन्हें एसईसीएल के हॉस्पिटल ले गए, जहां उन्हें कोविड हॉस्पिटल ले जाने को कहा। तब रात में वहां भर्ती कराया था, जहां 29 अक्टूबर तक मोबाइल पर उनकी बात होती रही, लेकिन 30 को बात नहीं हुई तो चिंतित होकर उन्होंने पतासाजी की। तब हॉस्पिटल में गिरकर घायल होने का पता चला।

किसी ने बताया बेड से गिरना तो किसी ने बाथरूम में
परिजन के मुताबिक मोबाइल पर 30 अक्टूबर को कोविड हॉस्पिटल के नंबर पर लगातार कॉल करने पर भी रिसीव नहीं हो रहा था। कोविड कंट्रोल रूम के जरिए कोविड हॉस्पिटल से संपर्क हुआ। तब बेटे के पूछने पर उन्हें बेड से गिरना बताया गया, जबकि दामाद ने फोन किया तो किसी दूसरे स्टाफ ने बाथरूम में गिरकर घायल होना बताया। हॉस्पिटल में परिवार के मोबाइल नंबर दर्ज होने के बाद भी उन्हें घटना के तुरंत बाद सूचना नहीं दी गई।

घटना की जानकारी नहीं, जांच कर कार्रवाई करेंगे
ईएसआईसी कोविड हॉस्पिटल के प्रभारी डॉ. केएल ध्रुव ने बताया तुलाराम कुर्रे 28 अक्टूबर को भर्ती हुआ था। परिवार के निवेदन पर 30 अक्टूबर को लिखित आवेदन लेकर उन्हें डिस्चार्ज किया। भर्ती रहने के दौरान गिरने की घटना के बारे में कोई नहीं बता पा रहा है। उस दौरान ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ क्वारेंटाइन हो गए हैं। इस संबंध में जांच की जाएगी। अगर ऐसी लापरवाही पाई जाएगी तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।

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