Wednesday, February 28, 2024
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कोरबा: प्रशासन की निगरानी में ही लाइसेंस धारी लगा सकेंगे पटाखा दुकानें, गली-मोहल्लों में दुकानें लगाने पर रहेगा प्रतिबंध..विदेशी आतिशबाजी की बिक्री पर भी रोक…



कोरबा 31 अक्टूबर 2020/आगामी दीपावली के त्यौहार के अवसर पर इस वर्ष भी पटाखा बाजार सजेंगे। लेकिन इस वर्ष सुरक्षा और कोरोना संक्रमण को देखते हुये पटाखा बाजार पर प्रशासन की सख्त निगरानी रहेगी। गली-मोहल्लों में अलग-अलग पटाखा दुकानें नहीं लगेंगी। नगर निगम क्षेत्र में अलग-अलग पांच जगहों पर जोनवार संयुक्त रूप से पटाखा बाजार लगेगा। कोरबा शहर के चार जोनो टीपी नगर, कोरबा, कोसाबाड़ी और रविशंकर नगर के रहवासियों के लिये पटाखा बाजार इंदिरा स्टेडियम में लगेगा। बालको जोन का पटाखा बाजार दशहरा मैदान में, दर्री क्षेत्र का बाजार प्रतिक्षा बस स्टैण्ड के पास, बांकीमोंगरा जोन का बाजार दशहरा मैदान और बलगी क्षेत्र में पटाखा दुकानें बाजार के पास लगेंगी। कटघोरा नगर पालिका क्षेत्र में मेला ग्राउंड पर, दीपका में बस स्टैण्ड मैदान पर और पाली में टैक्सी स्टैण्ड मैदान पर पटाखा दुकानें लगेंगी। पटाखा व्यापारियांे और खरीददारों को निर्धारित कोविड प्रोटोकाॅल का पालन करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही पटाखों और आतिशबाजियों के भंडारण और बिक्री के लिये पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन भारत सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का भी पालन करना होगा। इस वर्ष पटाखा दुकानों के लाइसेंस संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों द्वारा जारी किये जा रहे हैं। इस वर्ष पैट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन के अनुसार लाइसेंस धारी पटाखा दुकानदार द्वारा विदेशी मूल के आतिशबाजी-पटाखों का भण्डारण या विक्रय नहीं किया जायेगा।
पटाखा बाजारों में दुकानदारों और ग्राहकों दोनो को ठीक ढंग से मास्क लगाने पर ही खरीदी-बिक्री की अनुमति होगी। हाथों को सेनेटाइज करने और सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करने की जिम्मेदारी दुकानदारों की होगी। इसके साथ ही आतिशबाजी और पटाखों के भण्डारण और बिक्री के समय अग्नि दुर्घटना तथा जान-माल की हानि को रोकने के लिये भी जरूरी इंतजाम दुकानदारों को करने होंगे। पटाखा दुकानदार लाइसेंस में दर्शायी गयी दुकान सीमा के अंदर ही आतिशबाजियों और पटाखांे का भण्डारण कर सकेंगे। दुकान के अंदर निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में पटाखों का भण्डारण प्रतिबंधित रहेगा। पटाखा दुकानों पर ग्राहकों का जमाव भी नहीं होगा, एक समय में सीमित संख्या मंे ही ग्राहक दुकानों पर पटाखों की खरीदी कर सकेंगे। पटाखा दुकानों के बाहर रेत से भरी, पानी से भरी बाल्टियां या ड्रम और पर्याप्त मात्रा मंे अग्नि शमन यंत्रों की व्यवस्था दुकानदारों को करनी होगी। दुकान के अंदर आतिशबाजियों और पटाखों के साथ माचिस, पेपर कैप्स या क्लोरेट मिश्रण युक्त किसी सामग्री का भण्डारण नहीं होगा। दुकान के अंदर आतिशबाजी को उसके मूल पैकिंग को खोलकर लूज अवस्था में नहीं रखा जायेगा। दुकान के बाहर किसी प्रकार का पण्डाल या अस्थायी शेड नहीं लगाया जायेगा। दुकान के अंदर बल्ब, ट्यूबलाइट आदि को दुकान के अंदर लटकाकर नहीं रखा जायेगा। दुकान के भीतर खुले बिजली के तार नहीं रखने के तथा एमसीबी लगाने के निर्देश दिये गये हैं।
पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन द्वारा जारी किये गये निर्देशानुसार दुकान में कार्यरत कर्मचारियों को आतिशबाजी और पटाखों को रखने, उठाने या पैक करने के समय ली जाने वाली आवश्यक सुरक्षा उपायों से पूरी तरह से अवगत कराना होगा। आतिशबाजी के दुकान में सभी कर्मचारियों को किसी प्रकार की अग्नि दुर्घटना होने के स्थिति में अग्नि शमन यंत्रों का उपयोग करने के लिये प्रशिक्षित भी करना होगा। दुकान के अंदर किसी भी प्रकार की आतिशबाजी जो कि विस्फोटक विभाग द्वारा अनुमोदित नहीं है तथा पैकेट पर आतिशबाजी को जलाने की विधि तथा चेतावनी अंकित नहीं है उन्हें रखने एवं बेचने की अनुमति नहीं होगी। पटाखा दुकान में केवल कम ध्वनि वाले आतिशबाजी का भण्डारण एवं विक्रय करने की अनुमति रहेगी। दुकान के अंदर एवं बाहर किसी भी प्रकार की ज्वलनशील सामग्री जैसे आतिशबाजी की खुली पेटी, डिब्बे, पाॅलिथीन आदि का जमाव या भण्डारण नहीं किया जा सकेगा। आतिशबाजी दुकान के लिये विस्फोटक नियम 2008 में जारी शर्तों एवं अन्य विस्फोटक नियमों का पालन करना जरूरी होगा। दुकानदारों को आतिशबाजी की दुकान पर अग्नि या दुर्घटना होने पर जनता को बाहर निकालने के लिये सुरक्षित रास्ते का प्रबंधन भी करना होगा।

  • Krishna Baloon
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