Saturday, March 2, 2024
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मरवाही उपचुनाव: उम्मीदवारी पर खतरा देख; अमित जोगी पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, जाति प्रमाण पत्र के विवाद का है मामला….

मरवाही विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवारी पर खतरा देख छजकां प्रमुख अमित जोगी अब सुप्रीम कोर्ट की शरण में चले गए हैं। खुद के आदिवासी होने और चुनाव को लेकर हाल ही में पैदा हुई आशंकाओं के मद्देनजर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। उनकी पत्नी ऋचा जोगी का जाति प्रमाण पत्र सामने आने के बाद यह आशंका होने लगी है कि अमित या ऋचा जाति प्रमाण पत्र के विवाद में फंसकर कहीं चुनाव ही नहीं लड़ पाएं।

रायपुर. मरवाही विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवारी पर खतरा देख छजकां प्रमुख अमित जोगी अब सुप्रीम कोर्ट की शरण में चले गए हैं। खुद के आदिवासी होने और चुनाव को लेकर हाल ही में पैदा हुई आशंकाओं के मद्देनजर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। उनकी पत्नी ऋचा जोगी का जाति प्रमाण पत्र सामने आने के बाद यह आशंका होने लगी है कि अमित या ऋचा जाति प्रमाण पत्र के विवाद में फंसकर कहीं चुनाव ही नहीं लड़ पाएं। इस आशंका के मद्देनजर अमित ने सुप्रीम कोर्ट जाने का रास्ता चुना है। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन के बाद खाली हुई मरवाही विधानसभा सीट पर जल्द ही उपचुनाव होने वाले हैं। लेकिन इससे पहले जोगी परिवार एक बार फिर जाति संबंधी मामले में बुरी तरह उलझा हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री श्री जोगी की जाति को लेकर विवाद सालों-साल अदालत में चलता रहा। उनकी मृत्यु के पहले तक मामला अदालत में विचाराधीन था। इसी क्रम में उनके पुत्र अमित जोगी की जाति को लेकर भी पेंच फंसा है। दरअसल अमित जोगी को मरवाही विधानसभा चुनाव के लिए उनकी पार्टी छजकां का स्वाभाविक उम्मीदवार माना जा रहा है। वे चुनाव की तैयारी में भी डटे हुए हैं। लेकिन इसी बीच उनके जाति प्रमाणपत्र को लेकर स्थानीय प्रशासन ने जांच पड़ताल शुरु करवा दी है। इधर राज्य सरकार ने जाति संबंधी मामले को लेकर नियमों में भी बदलाव कर दिया है। इन कारणों से अमित की उम्मीदवारी पर खतरा मंडरा रहा है।

ऋचा को आज तक की मोहलत इधर, राज्य सरकार द्वारा जाति प्रमाण पत्र संबंधी मामले में नियम बदलने के बाद अमित जोगी की पत्नी ऋचा जोगी के जाति प्रमाण पत्र का मामला सामने आया है। उनके अनुसूचित जाति के होने संबंधी प्रमाण पत्र को प्रशासन ने ही जारी किया है। लेकिन विवाद सामने आने के बाद सरकार ही इस प्रमाण पत्र को गलत ठहरा रही है। माना जा रहा है कि जाति मामले को लेकर अमित अगर चुनाव नहीं लड़ पाए तो ऋचा जोगी प्रत्याशी होंगी। लेकिन अब प्रमाणपत्र को लेकर उनकी उम्मीदवारी भी खतरे में पड़ती दिख रही है। ऋचा को अपनी बात रखने के लिए 12 अक्टूबर तक का समय दिया गया है। हां, हम सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं- अमित अमित जोगी ने हरिभूमि से चर्चा में स्वीकार किया है कि वे सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं। उनका कहना है कि हम सारे वैधानिक विकल्पों का उपयोग करेंगे। राज्य सरकार जिस तरह घेराबंदी कर रही है, उसके बाद न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट ही सही रास्ता है।

  • Krishna Baloon
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