Sunday, March 1, 2026

              चेहरे की हड्‌डी जोड़ने लगाए 22 प्लेट्स- 60 स्क्रू… रोड एक्सीडेंट में चूर-चूर हो गई थी हड्‌डी, CIMS के डॉक्टरों ने युवक को दिया नया जीवन

              BILASPUR: बिलासपुर के छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (CIMS) के डॉक्टरों ने रोड एक्सीडेंट में घायल 34 साल के एक युवक के चेहरे का जटिल ऑपरेशन कर नया जीवन दिया है। हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक के चेहरे की हडि्डयां चूर-चूर हो गई, जिसे 22 प्लेट्स और 60 स्क्रू लगाकर सफल ऑपरेशन किया गया।

              खास बात यह है कि पूरे चेहरे की हड्डियों को जोड़ने के लिए चीरा लगाना पड़ता, जिससे चेहरे पर चीरे के निशान बन जाता। लेकिन, ऑपरेशन बाई कोरोनल फ्लैप लेकर और मुंह के अंदर से किया गया और चेहरे पर सिर्फ दो छोटे चीरे लगाए गए। इससे उसके चेहरे पर निशान नहीं दिखेगा।

              कोरबा निवासी 34 वर्षीय मोहन लाल (बदला हुआ नाम ) पिछले दिनों सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिससे उसके चेहरे की हड्डियां बुरी तरह से टूट कर चूर-चूर हो गई थी और चेहरा पूरी तरह से क्षत-विक्षत हो गया था। उसके माथे की हड्डी, नाक की हड्डी, ऊपरी जबड़े की हड्डी, निचले जबड़े की हड्डी, दोनों आँख के चारों ओर की हड्डियां छोटे-छोटे हिस्सों में टूट गई थी। हादसे के बाद मरीज पहले निजी चिकित्सालय में इलाज करवाने गया था।

              CIMS के डेंटल डिपार्टमेंट के डॉक्टरों ने किया जटिल ऑपरेशन।

              CIMS के डेंटल डिपार्टमेंट के डॉक्टरों ने किया जटिल ऑपरेशन।

              प्राइवेट अस्पताल में बताया 2-3 लाख रुपए का खर्च
              प्राइवेट अस्पताल में इलाज के लिए 2-3 लाख रूपए खर्च होने की बात कही। आर्थिक तंगी के कारण मरीज के परिजन प्राइवेट अस्पताल में इलाज नहीं करा सके। तब परेशान होकर इलाज कराने के लिए CIMS पहुंचे, जहां आयुष्मान के तहत निशुल्क इलाज कराने के लिए दन्त रोग विभाग के डॉक्टर्स से संपर्क किया। यहां डॉक्टर्स ने परीक्षण के बाद जरूरी जांच के बाद युवक के चेहरे का 3डी सिटी फेस कराया। फिर विभागाध्यक्ष डॉ संदीप प्रकाश के नेतृत्व में मरीज का ऑपरेशन का निर्णय लिया गया।

              9 घंटे के ऑपरेशन में युवक के चेहरे पर लगे 22 प्लेट्स और 60 स्क्रू
              मरीज और परिजनों की सहमति लेने के बाद डॉक्टरों ने चेहरे की हड्डियों को जोड़ने के लिए चुनौतीपूर्ण और जटिल शुरू किया। 18 मई को हुए इस ऑपरेशन में 8 से 9 घंटे लगे। इस दौरान उसके क्षत-विक्षत चेहरे को जोड़ा गया और हडि्डयों की जगह प्लेट्स और स्क्रू लगाए। डॉक्टरों ने बतायाक जब भी जबड़े का फ्रैक्चर होता है तो उसमें 2-4 प्लेट्स और 8 से 12 स्क्रूज लगते हैं। लेकिन, इस केस में फेस की सारी हड्डियां टूट चुकी थी और हर एक हड्डी बहुत सारे टुकड़े में थे। ऐसे में सभी हडि्डयों को जोड़ना और सही तरीके से बैठना एक बहुत कठिन और चुनौती रहा। मरीज के चेहरे में 22 प्लेट्स और 60 स्क्रूज की मदद से पूरे चेहरे को व्यवस्थित किया गया। सफल सजर्री में दन्त रोग विभाग के डॉ संदीप प्रकाश के साथ डॉ जंडेल सिंह ठाकुर, डॉ भूपेंद्र कश्यप, डॉ हेमलता राजमणि, डॉ प्रकाश खरे, डॉ सोनल पटेल एवं निश्चेतना विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ राकेश निगम के साथ उनकी नर्सिंग टीम ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

              चेहरे पर नहीं आएगा निशान
              इस ऑपरेशन की खास बात यह है कि पूरा चेहरे की हड्डियों को जोड़ने के लिए चीरा लगाना पड़ता, जिससे चेहरे पर चीरे के निशान बन जाते। इसलिए ऑपरेशन बाई कोरोनल फ्लैप लेकर व मुह के अंदर से किया गया और चेहरे पर सिर्फ दो छोटे चीरे लगाए गए। ऑपरेशन के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ, संतुष्ट एवं खुश है।


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