Chhattisgarh : मजदूर दिवस पर 12 संविदा कर्मचारी नौकरी से निकाले गए, रायपुर AIIMS में कंपनी मालिक बोले- कर्मचारी पुराने होकर गुटबाजी करते हैं, इसलिए बदलना चाहिए

          RAIPUR: छत्तीसगढ़ के रायपुर AIIMS में मजदूर दिवस के दिन ठेका कंपनी ने 12 लिफ्टमैन को नौकरी से निकाल दिया। जिसमें 6 लिफ्टमैन दिव्यांग और एक महिला भी शामिल है। इस पर एम्स आउटसोर्सिंग कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष ने ठेका कंपनी के मालिक से बात की, तो उन्होंने कहा कि यह हमारी शिकायत करते हैं। इसलिए इन्हें नौकरी से निकाल दिया गया है।

          कंपनी मालिक ने यह भी कहा कि, कर्मचारी पुराने होकर गुटबाजी करते हैं। इसलिए लेबर बदलते रहना चाहिए। इस मामले में AIIMS के अन्य आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने भी कंपनी के निर्णय को लेकर नाराजगी जताई है। यूनियन के अध्यक्ष ने नौकरी वापस नहीं लेने पर गुरुवार से काम बंद कर हड़ताल की चेतावनी दी है।

          एम्स के भीतर इक्कठा बैठे कर्मचारी।

          एम्स के भीतर इक्कठा बैठे कर्मचारी।

          अध्यक्ष बोले- परिवार के पेट में लात मार रही कंपनी

          इस मामले में एम्स आउटसोर्सिंग कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष दिवाकर सोनी ने कहा कि, एम्स में RD ठेका कंपनी के मालिक से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि यह कर्मचारी हमारे कंपनी के खिलाफ एम्स के अधिकारियों के पास शिकायत करते है। हम इन्हें नौकरी पर नहीं रखेंगे। सोनी ने कहा कि, कंपनी को शिकायतों का समाधान करना चाहिए। नौकरी से निकालना गलत है।

          कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष दिवाकर सोनी ने गुरुवार से AIIMS के अन्य आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के साथ हड़ताल पर जाने की बात की है।

          कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष दिवाकर सोनी ने गुरुवार से AIIMS के अन्य आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के साथ हड़ताल पर जाने की बात की है।

          ‘कंपनी के मालिक बोले- हमारा निर्णय अटल, नहीं बदलेगा’- अध्यक्ष

          इस मामले में यूनियन अध्यक्ष सोनी ने बताया कि, कंपनी के मालिक से जब इन्हें वापस नौकरी पर रखने के लिए निवेदन किया गया, तो उन्होंने उल्टे दादागिरी से बात की। साथ ही कहा कि कंपनी का निर्णय अटल है, जो बदलेगा नहीं।

          इस पूरे मामले को लेकर आउटसोर्सिंग कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष ने गुरुवार से AIIMS के अन्य आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के साथ हड़ताल पर जाने की बात की है। जिसके लिए अन्य पदाधिकारियों के साथ चर्चा की जा रही है।

          लेबर बदलते रहने चाहिए, पुराने होकर गुटबाजी बनाते है

          इस मामले में दैनिक भास्कर ने कर्मचारियों की JD ठेका कंपनी के मालिक पीसी गौतम से पक्ष जानने के लिए बात की गई, तो उन्होंने कहा कि ये कर्मचारी सुपरवाइजर की बात नहीं सुनते थे। उल्टा हमे कानून का पाठ पढ़ाते है। इसके अलावा हमारा 1 साल का कॉन्ट्रैक्ट इनके साथ खत्म हो गया है। अब हम इन्हें नौकरी पर नहीं रखेंगे। कर्मचारी पुराने होने के बाद गुटबाजी करते हैं। इसलिए लेबर बदलते रहना चाहिए।

          रायपुर एम्स में इन कर्मचारियों को ठेका कंपनी ने रखा हुआ था।

          रायपुर एम्स में इन कर्मचारियों को ठेका कंपनी ने रखा हुआ था।

          AIIMS ने कहा- हड़ताल जैसे स्थिति के लिए ठेका कंपनी जवाबदार

          इस मामले में रायपुर एम्स के PRO का कहना है कि, जिन कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया है, वो ठेका कर्मचारी थे। ये ठेका कंपनी और कर्मचारी के बीच का मामला है। हड़ताल जैसी स्थिति के लिए ठेका कंपनी जवाबदार है। एम्स प्रबंधन का ठेका कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट है।



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