छत्तीसगढ़ : न टेंडर, न स्वीकृति… चमक गया विधायक का बंगला, PWD ने भेजा 60 लाख का इस्टीमेट, 80% काम पूरा; अफसर बोले- ऊपर से निर्देश थे

        दंतेवाड़ा: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा विधानसभा से भाजपा MLA चैतराम अटामी को जिला मुख्यालय में स्थित पुराना सरकारी रेस्ट हाउस आवास के रूप में मिला है। स्वीकृति और टेंडर के बिना ही पुराना रेस्ट हाउस रिनोवेट हो गया है। रेस्ट हाउस को उनके ही भाजपा जिला बॉडी के एक पदाधिकारी ने अपने रिश्तेदार से रिनोवेट कराकर चमका दिया है।

        वहीं कुछ दिन पहले विधायक ने गृह प्रवेश भी कर दिया है। हालांकि वे परिवार के साथ अभी शिफ्ट नहीं हुए हैं। अब खास बात है कि रिनोवेट काम बिना शासकीय स्वीकृति और बिना टेंडर प्रक्रिया के हुआ है, फिर मनमानी तरीके से PWD ने 60 लाख रुपए का प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है।

        मोर्चा का काम चल रहा है।

        मोर्चा का काम चल रहा है।

        फिलहाल मोर्चा और बाउंड्रीवॉल का काम जारी है। कुल 4 पार्ट में काम होना था। 26 जून तक लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। अब PWD के अफसर एक पार्ट के लिए 60 लाख रुपए का प्रस्ताव बनाएं हैं। स्वीकृति के लिए राज्य शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। साफ तौर पर इसमें अधिकारियों के साथ नेता मिलीभगत कर भ्रष्टाचार करते दिख रहे हैं।

        तात्कालीन SDO राधेराम से सीधी बात

        सवाल- दंतेवाड़ा का पुराना रेस्ट हाउस MLA चैतराम अटामी को कब आबंटित हुआ है?

        जवाब- मुझे इसकी जानकारी नहीं है। आप कलेक्ट्रेट कार्यालय के आवास शाखा से पता कर लीजिए।

        सवाल- ये रेस्ट हाउस PWD के अधीन था, तो विधायक बंगला के लिए रिनोवेट काम किसने किया है?

        जवाब- नहीं ये PWD का काम नहीं है। RES डिपार्टमेंट को मालूम होगा। उनसे पूछ लीजिए।

        सवाल- जिले के एक अधिकारी ने हमें बताया है कि जब आप दंतेवाड़ा SDO थे तो उस समय आप की ही देखरेख में लगभग 80 प्रतिशत काम हुआ है, ये तो आप को मालूम ही होगा?

        जवाब- हां, ये बड़े अधिकारियों के निर्देश से किए थे। ऊपर से हमें कहा गया था। लेकिन काम सरकारी और विभागीय तौर से सेंक्शन नहीं हुआ है। ठेकेदार ने बिना सेंक्शन काम कर दिया है।

        सवाल- अभी कितना काम हो चुका है। कितने पैसे खर्च हुए होंगे?

        जवाब- देखिए 4 पार्ट में काम होना था। एक पार्ट पूरा कर लिए हैं। पैसा कितना लगा ये टेक्निकल वालों से पूछ लीजिए, मुझे नहीं मालूम है।

        सवाल- बिना स्वीकृति के शासकीय भवन में आखिर काम कैसे हो गया? क्या आप को ऊपर से लिखित में कोई आदेश मिला था क्या?

        जवाब- हमें ऊपर से सिर्फ मौखिक में आदेश मिला था। कुछ सिक्योरिटी रीजन बताया जा रहा था। इसलिए हमें कोई जानकारी नहीं दी गई थी।

        सवाल- अभी आप लोगों ने कितने रुपए का इस्टीमेट तैयार किया है? लागत कितनी होगी? क्या प्रस्ताव भेजा गया है?

        जवाब- हमने 60 लाख रुपए का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा है। फिलहाल काम सेंक्शन नहीं हुआ है।

        बाउंड्रीवॉल का काम जारी है।

        बाउंड्रीवॉल का काम जारी है।

        वर्तमान SDO बोले- मेरी जानकारी में नहीं

        वहीं दंतेवाड़ा के वर्तमान SDO मधु भौर्य ने बताया कि मेरे यहां ट्रांसफर होने से पहले का काम है। मुझे इस संबंध में ज्यादा जानकारी नहीं है। इस संबंध में हमने PWD विभाग EE एस एल ठाकुर से बातचीत कर उनका भी पक्ष जानना चाहा, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

        जिला पंचायत अध्यक्ष बोलीं– भ्रष्टाचार की सारी हदें पार

        दंतेवाड़ा जिला पंचायत अध्यक्ष तूलिका कर्मा ने बातचीत में कहा कि, प्रदेश में जब से भाजपा की सरकार आई है और दंतेवाड़ा में भी भाजपा के MLA बने हैं, तब से भ्रष्टाचार की सारी हदें पार कर दी है।

        यहां सालों पुराना रेस्ट हाउस मलाईदारों के हत्थे चढ़ गया है। आज तक न कोई निविदा हुई और न ही किसी कार्य एजेंसी का पता है। हम इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं।



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