KORBA : मिडिल स्कूलों में दूर होगी शिक्षकों की समस्या, होगी 96 शिक्षकों की नियुक्ति

          • जिले के सभी मिडिल स्कूलों में होंगे न्यूनतम तीन शिक्षक
          • डीएमएफ से कलेक्टर ने दी स्वीकृति
          • जिले में शिक्षा व्यवस्था होगी और बेहतर

          कोरबा (BCC NEWS 24): जिले में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने जिला प्रशासन द्वारा लगातार पहल की जा रही है। हाई और हायर सेकंडरी स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति के साथ-साथ अब मिडिल स्कूलों में भी शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। जिला खनिज संस्थान न्यास(डीएमएफ) के माध्यम से कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने मिडिल स्कूलों के लिए 96 शिक्षकों की स्वीकृति प्रदान की है। इस स्वीकृति के साथ ही शिक्षा विभाग द्वारा शीघ्रता से भर्ती प्रक्रिया पूरी करने आवश्यक तैयारी की जा रही है। जिला प्रशासन की इस पहल के साथ ही जिले के माध्यमिक विद्यालयों में जहाँ तीन से कम शिक्षक थे,अब इन विद्यालयों में न्यूनतम तीन शिक्षक होंगे। मिडिल स्कूलों में शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था से विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। इससे जिले की शिक्षा व्यवस्था भी सुधरेगी।

          कोरबा जिले में लगभग 518 मिडिल स्कूल संचालित है। इनमें से अनेक स्कूलों में शिक्षकों की कमी होने से अध्यापन प्रभावित होने की शिकायत लंबे समय से आ रही थी। कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश देकर कम शिक्षक वाले विद्यालयों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए थे। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सूची प्रस्तुत किए जाने के पश्चात कलेक्टर ने डीएमएफ से 96 शिक्षकों की नियुक्ति की स्वीकृति प्रदान की है। इन शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया शाला प्रबंधन समिति के माध्यम से की जाएगी। सर्वप्रथम ग्राम पंचायत स्तर पर योग्य शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी। योग्य अभ्यर्थी नहीं मिलने पर विकासखंड स्तर पर,फिर जिला स्तर पर अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

          जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने लगातार अभिनव प्रयास किए जा रहे हैं। शिक्षा सत्र के शुरुवात के साथ ही हाई और हायर सेकंडरी स्कूलों में विषय विशेषज्ञ 118 शिक्षकों की नियुक्ति भी जारी है। कुछ दिन पहले ही प्राचार्य,व्याख्याताओं की बैठक लेकर कलेक्टर द्वारा गुणवत्तामूलक शिक्षा प्रदान करने और शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की पहल भी की गई है। जिले के विद्यार्थियों को नीट-जेईई परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग में भेजने, जिले के स्कूल-कॉलेजों से संबंधित छात्रावासों का जीर्णोद्धार और मेघावी छात्रों को स्कॉलरशिप सहित अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति तथा जर्जर स्कूलों का मरम्मत, नवीन स्कूल भवन बनाने,चतुर्थ श्रेणीं के पदों पर नियुक्ति की दिशा में भी जिला प्रशासन द्वारा लगातार पहल की जा रही है। इससे आने वाले समय में जिले की शिक्षा व्यवस्था और भी बेहतर होने की सम्भावना है।



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