Tuesday, February 10, 2026

            कोरबा: हसदेव नदी में डूबे तीसरे युवक की भी मिली लाश, 92 घंटे के बाद SDRF की टीम ने बरामद किया

            कोरबा: जिले में 3 फरवरी को हसदेव नदी में तीन दोस्त डूब गए। तीनों के शव SDRF की टीम ने बरामद कर लिए हैं। पहला शव 72 घंटे, दूसरा 80 घंटे और तीसरा 92 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मिला। तीनों युवक कॉलेज के छात्र थे। घटना दर्री थाना क्षेत्र की है।

            मिली जानकारी के मुताबिक मृतकों का नाम आशुतोष सोनकर (18) बजरंग प्रसाद (19) और सागर चौधरी (28) है। तीनों दोस्त हसदेव नदी में नहाने गए थे, जो सोमवार 15-20 फीट की गहराई में समा गए थे। तीसरे युवक की लाश घटना स्थल से 6 किलोमीटर दूर डैम में मिली है।

            आशुतोष, बजरंग प्रसाद और सागर चौधरी ने लापता होने से पहले सोशल मीडिया पर फोटो शेयर की थी।

            आशुतोष, बजरंग प्रसाद और सागर चौधरी ने लापता होने से पहले सोशल मीडिया पर फोटो शेयर की थी।

            अब जानिए कब और किस हाल में मिली लाशें ?

            नगर सेना और SDRF गोताखोरों की टीम ने सोमवार से सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पहले दिन टीम को सिर्फ तीनों दोस्तों के चप्पल-जूते, कपड़े, मोबाइल और बाइक नदी किनारे मिले थे। शाम तक तीनों का कोई सुराग नहीं मिला। अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू रोक दिया गया था।

            इसके 3 दिन बाद 2 शव गुरुवार को मिले थे। पहली लाश सागर चौधरी की जलकुंभी में फंसी हुई मिली थी, जो करीब 10-15 फीट की गहराई में थी। वहीं उसके करीब 8 घंटे बाद बजरंग प्रसाद की लाश मिली, जो घटना स्थल से करीब 2 किलोमीटर दूर है।

            तीसरी लाश 6 किलोमीटर दूर मिली

            वहीं आशुतोष की लाश शुक्रवार सुबह 6 किलोमीटर दूर मिली है। दर्री डैम में मछुआरे की नजर शव पर पड़ी। उसने पुलिस को सूचना दी, जहां रेस्क्यू टीम ने आशुतोष सोनकर के शव को बाहर निकाला।

            सागर चौधरी का शव जलकुंभी में फंसा मिला है।

            सागर चौधरी का शव जलकुंभी में फंसा मिला है।

            2 छात्र CSEB कर्मी के बेटे थे

            परिजनों ने बताया कि आशुतोष सोनकर आईटीआई कॉलेज, बजरंग प्रसाद और सागर चौधरी EVPG कॉलेज के छात्र थे। आशुतोष और बजरंग प्रसाद के पिता सीएसईबी कर्मचारी हैं। ये दोनों सीएसईबी कॉलोनी में परिवार के साथ रहते थे।

            वहीं सागर चौधरी आईटीआई कॉलोनी में रहता था, उसके पिता निजी कंपनी में काम करते हैं।

            सोमवार शाम सवा 5 बजे तीनों बाइक से जाते हुए सीएसईबी चौक पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए थे।

            सोमवार शाम सवा 5 बजे तीनों बाइक से जाते हुए सीएसईबी चौक पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए थे।

            जहां से लापता हुए थे, वहां 15-20 फीट की गहराई

            गोताखोरों के मुताबिक नदी में जिस जगह से तीनों लापता हुए थे, वहां नदी की गहराई करीब 15-20 फीट की है। इसके अलावा जलकुंभी भी भारी मात्रा में है। ऐसे में तीनों दोस्त नदी में नहाने के लिए उतरे तो जलकुंभी में फंस गए।

            हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि किसी एक को बचाने के चक्कर में तीनों फंस गए या फिर तीनों एक साथ जलकुंभी में फंसे और निकल नहीं पाए।

            हसदेव नदी में नगर सेना, गोताखोर और बिलासपुर SDRF की टीम ने सर्चिंग की। 92 घंटे बाद तीनों की लाशें मिल गई हैं।

            हसदेव नदी में नगर सेना, गोताखोर और बिलासपुर SDRF की टीम ने सर्चिंग की। 92 घंटे बाद तीनों की लाशें मिल गई हैं।

            पुलिस बोली- लाश पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा

            दर्री पुलिस ने बताया कि CCTV कैमरे और लोकेशन को ट्रैक कर हमारी टीम घटना स्थल पर पहुंची थी। करीब 92 घंटे बाद तीनों शवों को बरामद कर लिया गया है। पोस्टमॉर्टम के लिए भेज गया है। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

            स्थानीय लोगों के साथ मौके पर अफसर और रेस्क्यू टीम।

            स्थानीय लोगों के साथ मौके पर अफसर और रेस्क्यू टीम।


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