Tuesday, February 17, 2026

              केंद्र सरकार ने रिलायंस इंडस्ट्रीज को ₹24,522 करोड़ का डिमांड नोटिस भेजा, दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के बाद जारी किया

              नई दिल्ली: भारत सरकार ने रिलायंस इंडस्ट्रीज को 2.81 बिलियन डॉलर यानी 24,522 करोड़ रुपए का डिमांड नोटिस भेजा है। कंपनी को यह नोटिस मिनिस्ट्री ऑफ पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस की तरफ से मिला है।

              कंपनी को यह नोटिस दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के बाद जारी किया गया। यह मामला ONGC ब्लॉक (KG-D6) से जुड़ा है। जिसके तहत रिलायंस पर आरोप है कि उसने ONGC ब्लॉक से गैस का माइग्रेशन किया था।

              यह मामला इंटरनेशनल कोर्ट तक पहुंचा था, जिसके बाद इंटरनेशनल आर्बिट्रेटर ने रिलायंस लेड कंसोर्टियम के पक्ष में साल 2018 में 1.55 बिलियन डॉलर यानी 13,528 करोड़ रुपए का फैसला सुनाया था।

              मई 2023 में सिंगल जज बेंच ने रिलायंस के पक्ष में फैसला सुनाया था

              इस फैसले के खिलाफ भारत सरकार की तरफ से दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी। मई 2023 में सिंगल जज बेंच ने रिलायंस के पक्ष में फैसला सुनाया था। सरकार की तरफ से दोबारा डिविजन बेंच के सामने इसे चुनौती दी गई।

              अब दिल्ली हाई कोर्ट की डिविजन बेंच ने सिंगल जज की इस रूलिंग को पलट दिया है। जिसके बाद भारत सरकार की तरफ से रिलायंस इंडस्ट्रीज को यह फ्रेश डिमांड नोटिस भेजा गया है।

              रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर आज 0.41% गिरा

              रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर आज मंगलवार (4 मार्च) को 0.41% की गिरावट के साथ 1,166 रुपए के स्तर पर कारोबार कर रहा है। कंपनी का शेयर पिछले 5 दिन में 3.05% और एक महीने में 9.26% गिरा है। वहीं पिछले 6 महीने में इसमें 23.00% और एक साल में 22.64% की गिरावट रही।

              रिलायंस को तीसरी तिमाही में ₹18,540 करोड़ का मुनाफा

              रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 16 जनवरी को वित्त वर्ष 2024-25 के तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए थे। तीसरी तिमाही में कंपनी को 18,540 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है। सालाना आधार पर इसमें 7.38% की बढ़ोतरी हुई है। एक साल पहले की इसी तिमाही में कंपनी का कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 17,265 करोड़ रुपए रहा था।

              वहीं अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 2.44 लाख करोड़ रुपए रहा। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी ने 2.28 लाख करोड़ रुपए का रेवेन्यू जनरेट किया था। सालाना आधार पर इसमें 7% की बढ़ोतरी हुई है। वस्तुओं और सेवाओं को बेचने से मिली राशि को रेवेन्यू या राजस्व कहा जाता है।

              भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट सेक्टर कंपनी है रिलायंस

              रिलायंस भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट सेक्टर कंपनी है। ये अभी हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन, पेट्रोलियम रिफाइनिंग और मार्केटिंग, पेट्रोकेमिकल्स, एडवांस मटेरियल और कंपोजिट, रिन्यूएबल एनर्जी, डिजिटल सर्विस और रिटेल सेक्टर में काम करती है।


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