कोरबा: कोयला चोरी के फर्जी आंकड़े और बचत स्टॉक की संसदीय समिति से जांच कराएं कोयला मंत्री : ज्योत्सना महंत

              • एसईसीएल के विस्थापितों व प्रभावितों की समस्याओं से सांसद ने कराया अवगत

              कोरबा (BCC NEWS 24): कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने कोयला मंत्री जी.किशन रेड्डी को कोरबा प्रवास पर पत्र लिखकर मांग की है कि कोरबा जिले में स्थित एसईसीएल की परियोजनाओं में पिछले दो वित्तीय वर्ष में कोयला चोरी, बिक्री के साथ-साथ कोयला उत्पादन के मामलों की जांच संसदीय समिति से कराई जाए। सांसद का कहना है कि कोरबा जिले की खदानों से कोयला चोरी की शिकायतें आती हैं और इनमें बहुत सारे आंकड़े फर्जी होते हैं। इससे कोल राजस्व प्राप्ति की हानि होती है। इन परियोजनाओं के भू-विस्थापितों और प्रभावितों की समस्याओं से मंत्री को अवगत कराया गया है।

              सांसद ज्योत्सना महंत ने कोयला मंत्री को पत्र भेजकर बताया है कि जिले में कुसमुंडा, गेवरा, दीपका और कोरबा क्षेत्र की खदानों में विसंगतियों के कारण ग्रामीणों और अधिकारियों में टकराहट आम बात है। आए दिन ग्रामीण अपना आक्रोश खदान बंद कर निकालते हैं, जिससे उत्पादन बाधित होता है। मुआवजा की दरों में भिन्नता, रोजगार नहीं मिलने, आऊटसोर्सिंग को बढ़ावा देने से लोग नाराज हैं। जिले की परियोजनाओं में धारा 4, 7, 9, 11 के प्रकाशन के एक दशक बीत जाने पर भी सोनपुरी, पाली-पड़निया, खैरभौना के लोगों को मुआवजा नहीं मिला है। इसलिए जहां अधिग्रहण को 10 वर्ष से ज्यादा समय हो गया है वहां खरीदी-बिक्री की रोक हटाई जानी चाहिए।

              कोयला मंत्री से मांग की गई है कि वन टाईम सेटलमेंट कर रोजगार के पुराने मामलों को जल्द निपटारा किया जाए। कोल इंडिया पॉलिसी 2012 को वापस लेकर हर खाते में स्थायी रोजगार और नौकरी दी जानी चाहिए। बसाहट के लिए 10 डिसमिल भूमि और बसाहट के एवज में 25 लाख की राशि देने की मांग सांसद ने की है। यह भी कहा गया है कि किसी मामले में आंशिक अधिग्रहण के बजाय गांव का संपूर्ण अर्जन किया जाए। इसके साथ खदान बंद होने व अनुपयोगी होने पर पुरानी अर्जित भूमि मूल खातेदार को लौटाने की व्यवस्था हो। यह प्रावधान कोरबा जिले की सभी परियोजनाओं में लागू करने की जरूरत है।

              सांसद ने कोयला मंत्री से कहा है कि भू-विस्थापितों के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा, नि:शुल्क उपचार, सीएसआर के तहत सभी पुनर्वास गांवों में बुनियादी सुविधा देने सहित आऊटसोर्सिंग कंपनियों में भू-विस्थापितों को 70 प्रतिशत नियोजन की व्यवस्था कराई जाए। उन्होंने कहा कि खदान विस्तार के लिए ब्लॉस्टिंग की स्थिति में होने वाले नुकसान की भरपाई भी की जाए। कोरबा में माइनिंग कॉलेज की स्थापना सीएसआर से कराए जाने की मांग भी कोयला मंत्री से की गई है। साथ ही इस बात पर जोर दिया गया कि कोयला खदानों में ठेका कंपनियों द्वारा माइनिंग मैनेजर और सुपरवाईजर नहीं रखे जाने से दुर्घटना की आशंका रहती है इसलिए इन पदों पर डिप्लोमा डिग्रीधारकों को नियोजित किया जाए।  जिला कांग्रेस कमेटी के ग्रामीण अध्यक्ष मनोज चौहान ने कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी के गेवरा प्रवास पर भेंट कर सांसद का पत्र सौप कर कोरबा जिले में संचालित एसईसीएल की कोयला खदानों के भू-विस्थापितों व प्रभावितों की समस्याओं का निराकरण करने अवगत कराया।


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