- मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर व वरिष्ठ पार्षद श्री नरेन्द्र देवांगन
- कोरबा दर्री मुख्य मार्ग पर स्थित मेजर ध्यानचंद चौक पर मनाया गया राष्ट्रीय खेल दिवस
कोरबा (BCC NEWS 24): महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने आज कहा कि हॉकी की जादूगर मेजर ध्यानचंद खिलाड़ियों के सदैव प्रेरणास्त्रोत रहेंगे, उन्होने अपनी खेल प्रतिभा के दम पर खेल जगत में भारत को जो प्रतिष्ठा दिलाई थी, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होने कहा कि मेजर ध्यानचंद जी के जन्मदिवस को हम राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाते हैं, इस मौके पर मैं हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को नमन करती हूॅं, उनकी खेल प्रतिभा का अभिनंदन करती हूॅं। कोरबा दर्री मुख्य मार्ग में स्थित मेजर ध्यानचंद चौक पर आज राष्ट्रीय खेल दिवस का आयोजन किया गया। इस मौके पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय, सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर व वरिष्ठ पार्षद श्री नरेन्द्र देवांगन ने मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया, आयोजन की मुख्य अतिथि महापौर श्रीमती राजपूत ने मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा को नमन करते हुए आगे कहा कि खेल दिवस के इस अवसर पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम खेलों के विकास व खिलाड़ियों को खेल सुविधा मुहैया कराने के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।
हॉकी के महान खिलाड़ी थे मेजर ध्यानचंद – इस मौके पर आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद वास्तव में हॉकी के महान खिलाड़ी थे, उन्होने देश को ओलंपिक में अनेक बार स्वर्ण पदक दिलाया, उन्होने दुनियाभर में अपनी हॉकी की खेल प्रतिभा के द्वारा भारत को पहचान दिलाई। मेजर ध्यानचंद जब खेलने के लिए मैदान में उतरते थे तो गेंद उनकी हॉकी स्टिक से ऐेसे जुडती थी मानो उनकी स्टिक में चुंबक लगा हो और यह चुंबक होता था उनकी खेल की श्रेष्ठता का, यह चुंबक होता था उनकी खेल की प्रतिभा का। उन्होने कहा कि तानाशाह हिटलर भी मेजर ध्यानचंद जी की खेल प्रतिभा से इतने प्रभावित थे कि उन्होने उन्हे अपने देश की नागरिकता व अपनी सेना में कर्नल का पद देने की पेशकश की थी किन्तु देशभक्त मेजर ध्यानचंद ने इस आफर को ठुकरा दिया था।
मेजर ध्यानचंद के दौर में भारत को हराना नामुमकिन था
इस मौके पर सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर ने कहा कि मैं भी एक खिलाड़ी रहा हूॅं, मुझे गर्व है कि मेजर ध्यानचंद जी पर। उन्होने कहा कि मेजर ध्यानचंद के दौर में भारत को हराना नामुमकिन था, देश को ओलंपिक में लगातार स्वर्ण पदक दिलाने में उनका बड़ा योगदान रहा है। मेजर ध्यानचंद जी के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी कि हम खेलों के प्रति जागरूकता लाएं, खिलाड़ियों को आवश्यक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराएं।
खेलों के प्रति जागरूकता आवश्यक
इस मौके पर वरिष्ठ पार्षद श्री नरेन्द्र देवांगन ने कहा कि हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद ने भारत को हॉकी खेल में विश्व का सिरमौर बनाया था, उन्होने कहा कि खेलों के प्रति जागरूकता लाना आवश्यक है, अच्छे स्वास्थ्य के लिए खेल व व्यायाम जरूरी है, खेल व्यक्ति के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए अतिआवश्यक है, अतः हम सबका दायित्व है कि हम खेल एवं खिलाड़ियों को खेल सुविधाएं मुहैया कराने की दिशा में कार्य करें, खेलों के विकास में अपना योगदान दें।
कोरबा में प्रतिभाओं की कमी नहीं
इस मौके पर जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष श्री नौशाद खान ने अपने उद्बोधन में कहा कि मेजर ध्यानचंद के जन्मदिवस को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में हम मनाते हैं। उन्होने कहा कि कोरबा में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, बस उन्हें अवसर मिलना चाहिए कि वे सही मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। कोरबा के खिलाड़ियों के यदि समुचित सुविधाएं व अवसर मिले तो वे प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध कर सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान एम.आई.सी.सदस्य फिरतराम साहू, पार्षद सीमादेवी कंवर व राधा महंत, अनिल द्विवेदी, सुशील गर्ग, बलराम विश्वकर्मा, निगम के अपर आयुक्त विनय मिश्रा, जोन कमिश्नर एन.के.नाथ, उपायुक्त पवन वर्मा, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.संजय तिवारी, जनसंपर्क अधिकारी रावेन्द्र सिंह, निगम सचिव रामेश्वर सिंह कंवर, सहायक अभियंता राहुल मिश्रा, दीपक यादव, नारायण सिंह ठाकुर, सहित काफी संख्या में खिलाडीगण, खेलप्रेमी व अन्य नागरिकगण उपस्थित थे।

(Bureau Chief, Korba)