Saturday, February 14, 2026

              नई दिल्ली: RSS के कार्यक्रम में बोले PM मोदी, कहा- दंगों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सिखों की मदद की, 1984 कत्लेआम में कई सिख परिवारों को संघ कार्यकर्ताओं ने अपने घर में शरण दी

              नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 1984 में हुए सिख कत्लेआम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने सिखों की मदद की थी। RSS कार्यकर्ताओं ने कई कई सिख परिवारों को अपने घरों में शरण दी थी।

              प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब में बाढ़ के समय भी RSS कार्यकर्ता सबसे पहले पीड़ितों के पास पहुंचे थे। वहां संघ के कार्यकर्ताओं ने बिना स्वार्थ सेवा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संघ के गठन के 100 वर्ष पूरे होने पर दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।

              इसको लेकर भाजपा के प्रवक्ता आरपीएन सिंह ने कहा कि वह भी इन दंगों में इसी वजह से बच पाए थे, क्योंकि उस समय आरएसएस ने उनकी मदद की। उस समय उसके माता-पिता भी उनके साथ थे।

              वहीं, एसजीपीसी मेंबर गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने कहा कि कई हिंदू परिवारों ने सिखों की जान बचाई थी। हालांकि, वह RSS वाले थे या नहीं, इस बारे में जानकारी नहीं।

              उन्होंने कहा- RSS अपने हिंदू धर्म के लिए काम कर रही है। जबकि, सिख संस्थाएं अपने धर्म के लिए करती हैं। उस दौरान कांग्रेस ने जो जुल्म हम पर किया, वह दीवार पर लिखा हुआ है। उसे भुलाया नहीं जा सकता है।

              1984 के सिख विरोधी दंगों में 3500 के करीब लोगों की जान गई थी। - फाइल फोटो

              1984 के सिख विरोधी दंगों में 3500 के करीब लोगों की जान गई थी। – फाइल फोटो

              1984 सिख दंगों के बारे में जानिए…

              • इंदिरा गांधी की हत्या पर हिंसा भड़की, 3500 लोगों को जान गई: 31 अक्टूबर 1984 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई। इसके अगले दिन यानी 1 नवंबर 1984 को दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सिख विरोधी दंगे भड़क उठे। दंगे में कितने लोगों की मौत हुई, इस पर अलग-अलग रिपोर्ट सामने आईं। PTI के मुताबिक तब केवल दिल्ली में ही करीब 2700 लोग मारे गए थे, जबकि देशभर में मरने वालों का आंकड़ा 3500 के करीब था।
              • कांग्रेस नेताओं को कोर्ट ने समन भेजे: मई 2000 में दंगों से जुड़े केस की जांच के लिए जी. टी. नानावती कमिशन का गठन किया गया। 24 अक्टूबर 2005 को CBI ने नानावती कमिशन की सिफारिश पर केस दर्ज किया। 1 फरवरी 2010 को ट्रायल कोर्ट ने कांग्रेस नेता सज्जन कुमार, बलवान खोकर, महेंद्र यादव, कैप्टन भागमल, गिरधारी लाल, किशन खोकर, महा सिंह और संतोष रानी को आरोपी के तौर पर समन जारी किया।
              • एक आरोपी बरी, CBI ने हाईकोर्ट में अपील की: 30 अप्रैल 2013 को कोर्ट ने सज्जन कुमार को बरी कर दिया। इसके बाद 19 जुलाई 2013 को सीबीआई ने हाईकोर्ट में सज्जन कुमार को बरी किए जाने के खिलाफ अपील की। 22 जुलाई 2013 को हाईकोर्ट ने सज्जन कुमार को CBI की याचिका पर नोटिस जारी किया।
              • 4 को उम्रकैद, 2 को 10 साल की सजा हुई: 17 दिसंबर 2018 को हाईकोर्ट ने सज्जन कुमार को दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई। बलवान खोकर, भागमल और गिरधारी लाल की उम्रकैद की सजा बरकरार रही। महेंद्र यादव और किशन खोकर की सजा बढ़ाकर 10 साल अदालत ने की।
              • पूर्व प्रधानमंत्री ने माफी मांगी: दंगों के 21 साल बाद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संसद में इसके लिए माफी मांगी थी। उन्होंने कहा था कि जो कुछ भी हुआ, उससे उनका सिर शर्म से झुक जाता है।

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