ब्रिटेन में किंग चार्ल्स ने अपने छोटे भाई को घर से निकाला, प्रिंस का शाही खिताब भी छीना; 17 साल की लड़की से रेप के आरोप

              लंदन: ब्रिटेन के किंग चार्ल्स ने अपने छोटे भाई एंड्रयू से ‘प्रिंस’ का खिताब और सभी शाही उपाधियां वापस ले ली हैं। उन्हें विंडसर स्थित उनके आलीशान घर ‘रॉयल लॉज’ को भी खाली करने का आदेश दिया गया है।

              पीड़िता वर्जिनिया गिफ्रे ने आरोप लगाया था कि 2001 में जब वह 17 साल की थी तब प्रिंस एंड्रू ने उनका यौन शोषण किया था।

              बकिंघम पैलेस ने गुरुवार को इस मामले पर एक बयान जारी कर कहा ‘किंग ने आज प्रिंस एंड्रयू की शैली, उपाधियों और सम्मानों को हटाने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।

              फोटो में प्रिंस एंड्रयू हैं, जिनका हाथ 17 वर्षीय वर्जिनिया गिफ्रे की कमर पर है। फोटो 10 मार्च 2001 को लंदन में मैक्सवेल के घर पर ली गई थी।

              फोटो में प्रिंस एंड्रयू हैं, जिनका हाथ 17 वर्षीय वर्जिनिया गिफ्रे की कमर पर है। फोटो 10 मार्च 2001 को लंदन में मैक्सवेल के घर पर ली गई थी।

              प्रिंस एंड्रयू का नाम भी बदला गया

              65 साल एंड्रयू दिवंगत क्वीन एलिजाबेथ के दूसरे बेटे हैं। एंड्रयू का नाम लंबे समय से अमेरिकी अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ा रहा है, जिस पर नाबालिगों के यौन शोषण के गंभीर आरोप थे।

              इस महीने की शुरुआत में एंड्रयू को ड्यूक ऑफ यॉर्क का खिताब इस्तेमाल करने से भी रोक दिया गया था।

              बकिंघम पैलेस ने बताया कि शाही उपाधियां छिन जाने के बाद अब प्रिंस एंड्रयू को ‘एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर’ के नाम से जाना जाएगा। अभी तक प्रिंस एंड्यू को ‘प्रिंस एंड्रयू ड्यूक ऑफ आर्क’ नाम से जाना जाता था।

              माउंटबेटन-विंडसर नाम 1960 में बनाया गया था। यह नाम ब्रिटेन की दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय और उनके पति प्रिंस फिलिप दोनों के पारिवारिक नामों को मिलाकर बना है।

              प्रिंस एंड्रयू (बाएं) अपने भाई किंग चार्ल्स (दाएं) के साथ। (फाइल फोटो)

              प्रिंस एंड्रयू (बाएं) अपने भाई किंग चार्ल्स (दाएं) के साथ। (फाइल फोटो)

              रॉयल लॉज छोड़कर निजी घर में रहना होगा

              ब्रिटेन के बकिंघम पैलेस ने घोषणा की है कि प्रिंस एंड्रयू से उनकी सभी शाही उपाधियां और सम्मान छीन लिए गए हैं, और उन्हें उनके लंबे समय से रहने वाले घर रॉयल लॉज को भी खाली करने का आदेश दिया गया है।

              प्रिंस एंड्रयू 2003 से रॉयल लॉज में रह रहे थे। यह 30 कमरों वाला विशाल मकान विंडसर के ग्राउंड्स में स्थित है, जो पहले उनकी मां क्वीन एलिजाबेथ की मां (क्वीन मदर) का निवास था।

              2002 में क्वीन मदर के निधन के बाद, एंड्रयू को इस प्रॉपर्टी की 75 साल की लीज दी गई थी। यही पर एंड्रयू की पूर्व पत्नी सारा फर्ग्यूसन भी उनके साथ रहती हैं। हालांकि इन दोनों का 1996 में ही तलाक हो गया था। फर्ग्यूसन को भी रॉयल लॉज खाली करना होगा और अपने लिए अलग रहने की व्यवस्था करनी होगी।

              बकिंघम पैलेस के बयान के मुताबिक किंग चार्ल्स ने आज एक औपचारिक प्रक्रिया शुरू की है, जिसके तहत प्रिंस एंड्रयू की उपाधियां, सम्मान और विशेष दर्जे खत्म किए जा रहे हैं। बयान में आगे कहा गया है कि अब एंड्रयू को घर छोड़ना होगा औ किसी निजी घर में जाना होगा।

              पैलेस ने कहा-

              यह कदम जरूरी है, भले ही एंड्रयू अब भी अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हैं। राजा और रानी यह साफ करना चाहते हैं कि उनकी संवेदनाएं और सहानुभूति उन सभी पीड़ितों के साथ है, जिन्होंने किसी भी रूप में शोषण या अत्याचार सहा है।

              एंड्रयू अब सैंड्रिंघम एस्टेट (नॉरफॉक) में बने एक निजी घर में शिफ्ट होंगे, जिसका खर्च किंग चार्ल्स खुद उठाएंगे।

              एंड्रयू अब सैंड्रिंघम एस्टेट (नॉरफॉक) में बने एक निजी घर में शिफ्ट होंगे, जिसका खर्च किंग चार्ल्स खुद उठाएंगे।

              106 साल बाद इतिहास दोहराया गया

              ऐसा ब्रिटिश इतिहास में बहुत कम बार हुआ है जब किसी राजकुमार या राजकुमारी से ‘प्रिंस’ या ‘प्रिंसेस’ का खिताब छीन लिया गया हो।

              पिछली बार ऐसा 1919 में हुआ था, जब हैनोवर के प्रिंस अर्नेस्ट ऑगस्टस का ब्रिटिश खिताब छीन लिया गया था, क्योंकि उन्होंने प्रथम विश्व युद्ध में जर्मनी का साथ दिया था। अब 100 साल से भी ज्यादा समय बाद किंग चार्ल्स ने ऐसा कठोर कदम उठाया है।

              पिछले कुछ हफ्तों से महल पर दबाव बढ़ रहा था कि एंड्रयू को उनके आलीशान घर रॉयल लॉज से हटाया जाए क्योंकि उन्होंने इस महीने की शुरुआत में अपनी ड्यूक ऑफ आर्क उपाधि छोड़ दी थी।

              आरोप लगाने वाली वर्जिनिया की मौत

              प्रिंस एंड्रयू पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली वर्जिनिया गिफ्रे की अप्रैल में मौत हो गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक उसने आत्महत्या की। वर्जिनिया (41 साल) ने साल 2011 में अमेरिका के हाई प्रोफाइल वेश्यावृत्ति नेटवर्क का खुलासा कर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था।

              वर्जिनिया ने अपने साथ हुए यौन शोषण और तस्करी का खुलासा किया था। उसने कहा था कि जब वह सिर्फ 15 साल की थी, तभी एपस्टीन के नेटवर्क में फंस गई थीं। उसे कई प्रभावशाली और हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों के साथ यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया। इसी इंटरव्यू में वर्जिनिया ने ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू के साथ अपनी मुलाकातों का भी जिक्र किया था।

              वर्जिनिया कई साल से ऑस्ट्रेलिया में रह रही थीं और यौन उत्पीड़न का सामना करने वाली महिलाओं की वकील बन गई थीं। पिछले महीने 21 अक्टूबर को वर्जिनिया गिफ्रे का संस्मरण ‘नो बॉडीज गर्ल’ पब्लिश हुई, जिससे एक बार फिर से यह विवाद बढ़ गया।

              इस किताब को वर्जिनिया ने अपनी मौत से पहले ही पूरा कर लिया था। इसमें उसने अपने साथ हुए शोषण और न्याय के लिए लड़ाई की कहानी बताई है।

              मौत से कुछ दिन पहले वर्जिनिया एक हादसे का शिकार हो गई थीं। उसने इंस्टाग्राम पोस्ट पर एक पोस्ट शेयर की थी और कहा था कि वह ज्यादा दिन जिंदा नहीं रह पाएगी।

              मौत से कुछ दिन पहले वर्जिनिया एक हादसे का शिकार हो गई थीं। उसने इंस्टाग्राम पोस्ट पर एक पोस्ट शेयर की थी और कहा था कि वह ज्यादा दिन जिंदा नहीं रह पाएगी।

              वर्जिनिया की किताब में एंड्रयू से जुड़े 6 बड़े दावे

              • वर्जिनिया पहली बार 2001 में जब एंड्रयू से मिली थी तब उसकी उम्र महज 17 साल थी। दूसरी बार मिलने के दौरान भी वह नाबालिग थी।
              • पहली बार जब वह एंड्रयू से मिलने जा रही थी तब एपस्टीन की प्रेमिका घिसलेन ने उन्हें बताया था कि ‘सिंड्रेला तुम एक सुंदर राजकुमार से मिलने जा रही हो’।
              • एंड्रयू ने वर्जिनिया को देखते ही उसकी उम्र का अंदाजा लगा लिया था। उन्होंने कहा कि तुम 17 साल की हो, मेरी बेटियां तुमसे बस थोड़ी ही छोटी हैं।
              • एंड्रयू ने वर्जिनिया के साथ 3 बार यौन संबंध बनाए। पहली बार लंदन में घिसलेन मैक्सवेल के घर पर, दूसरी बार न्यूयॉर्क में एपस्टीन के बंगले और तीसरी बार एपस्टीन के कैरिबियन द्वीप पर।
              • वर्जिनिया ने लिखा है जब तीसरी बार उसने एंड्रयू के साथ संबंध बनाया तब वहां 8 और नाबालिग लड़कियां थीं।
              • प्रिंस एंड्रयू को ऐसा लगता था कि वर्जिनिया के साथ यौन संबंध बनाना उनका जन्मसिद्ध अधिकार है।
              वर्जिनिया गिफ्रे का संस्मरण 21 अक्टूबर को पब्लिश हुआ।

              वर्जिनिया गिफ्रे का संस्मरण 21 अक्टूबर को पब्लिश हुआ।

              2021 में प्रिंस एंड्रयू के खिलाफ केस दायर

              एंड्रयू ब्रिटिश नौसेना में अधिकारी रह चुके हैं। उन्होंने अस्सी के दशक में अर्जेंटीना के साथ हुई जंग में अपनी सेवाएं दी थीं। लेकिन वर्जिनिया के साथ नाम आने के बाद उनकी बहुत बदनामी हुई।

              2019 में उन्होंने सभी शाही कर्तव्यों को छोड़ दिया था। इसके बाद वर्जिनिया ने साल 2021 में ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू के खिलाफ मुकदमा भी दायर किया था। गिफ्रे ने आरोप लगाया था कि जब वो 17 साल की थीं, तब जेफ्री एपस्टीन उन्हें एंड्रयू के पास ले गए थे और प्रिंस ने उनका यौन शोषण किया था।

              बाद में एंड्रयू और वर्जिनिया ने मिलकर करीब 12 मिलियन पाउंड (लगभग 125 करोड़ रुपए) में विवाद सुलझा लिया था। हालांकि एंड्रयू ने कोई गलती मानने से इनकार किया था।

              राजा की रेस में 8वें नंबर पर एंड्रयू

              ब्रिटेन के शाही परिवार में उत्तराधिकार का क्रम यानी ‘लाइन फॉर थ्रोन’ तय करता है कि राजा या रानी के बाद अगला शासक कौन बनेगा।

              भले ही हाल ही में किंग चार्ल्स ने अपने छोटे भाई प्रिंस एंड्रयू से उनकी की उपाधि और बाकी सारे शाही सम्मान छीन लिए हों, लेकिन एंड्रयू अब भी सिंहासन की दौड़ में आठवें स्थान पर हैं।


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