Sunday, February 22, 2026

              ट्रेन के AC कोच में महिला ने इलेक्ट्रिक केतली में नूडल्स बनाए, 15 लोगों के लिए चाय भी बनाई; VIDEO वायरल, रेलवे ने कहा- एक्शन लेंगे, महिला की तलाश शुरू

              मुंबई: ट्रेन के एसी कोच में बैठी एक महिला के इलेक्ट्रिक केतली में नूडल्स बनाने वाला वीडियो वायरल होने के बाद सेंट्रल रेलवे ने शनिवार को इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि इसमें शामिल लोगों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी।

              मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 20 नवंबर को रिकॉर्ड किया गया यह वीडियो सबसे पहले सरिता लिंगायत के इंस्टाग्राम हैंडल पर पोस्ट किया गया था। इसके बाद वीडियो वायरल हो गया और लाखों बार देखा गया। कई यूजर्स ने रेलवे अधिकारियों को टैग करते हुए इससे गंभीर खतरा बताते हुए नाराजगी जताई।

              वीडियो क्लिप में महिला एसी कोच के चार्जिंग सॉकेट में घरेलू इलेक्ट्रिक केतली में नूडल्स पका रही है। वह मजाक में यह भी कहती है कि वह कहीं भी रसोई बना सकती है। वीडियो में महिला मराठी में कह रही है कि वह इसी तरीके से 10-15 लोगों के लिए चाय भी बना चुकी है।

              सेंट्रल रेलवे ने X पर लिखा- हमने उस इंस्टाग्राम हैंडल की पहचान कर ली है, जिससे वीडियो पोस्ट किया गया था और जल्द ही ट्रैवल डिटेल्स और CCTV फुटेज की मदद से हम उस महिला को ढूंढ़ लेंगे। रेलवे ने कहा कि महिला के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 147 (1) के तहत कार्रवाई की जाएगी।

              घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें…

              महिला केतली में नूडल्स बनाने की तैयारी कर रही है।

              महिला केतली में नूडल्स बनाने की तैयारी कर रही है।

              वह पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड करवाती है और सोशल मीडिया पर शेयर भी करती है।

              वह पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड करवाती है और सोशल मीडिया पर शेयर भी करती है।

              ट्रेन के सॉकेट मोबाइल-लैपटॉप चार्जिंग के लिए

              रेलवे अधिकारियों ने बताया कि केतली जैसे इलेक्ट्रिक डिवाइस 1000-2000 वाट बिजली की खपत करते हैं। जबकि ट्रेन के सॉकेट की क्षमता आमतौर पर 15 वाट से 20 वाट (15W-20W) तक होती है, जो मुख्य रूप से मोबाइल और लैपटॉप जैसे छोटे उपकरणों को चार्ज करने के लिए है।

              इन सॉकेट में 110V AC करंट होता है, जो घरेलू 220V-240V से कम है। ओवरलोडिंग से शॉर्ट-सर्किट के चलते बोगी में आग लग सकती है। इससे लाइट, पंखे और एसी सिस्टम पर भी असर हो सकता है। ये अन्य यात्रियों के लिए खतरा पैदा कर सकती है। इससे बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है और ट्रेन के एसी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक पोर्ट भी खराब हो सकते हैं।

              सेंट्रल रेलवे ने यात्रियों से ऐसी खतरनाक गतिविधियों से बचने की अपील की और अनुरोध किया कि यदि वे इस तरह की घटनाएं देखें तो तुरंत अधिकारियों को सूचित करें, ताकि ट्रेन में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


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