नई दिल्ली: भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी मिल गई है। बुधवार को स्कॉटलैंड के ग्लासगो में कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स एग्जीक्यूटिव बोर्ड की बैठक के बाद अहमदाबाद को होस्ट सिटी घोषित किया गया।
भारत 15 साल के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले 2010 में नई दिल्ली इन गेम्स का आयोजन किया गया था। तब भारतीय खिलाड़ियों ने 38 गोल्ड समेत 101 मेडल जीते थे।

2010 में भारत ने नई दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स आयोजित हुए थे। जिस पर करीब 70,000 करोड़ रुपए खर्च हुए थे।
कॉमनवेल्थ की टीम दो बार गुजरात का दौरा कर चुकी कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स एग्जीक्यूटिव बोर्ड तय करता है कि आयोजन की मेजबानी किस देश या शहर को मिलेगी। कॉमनवेल्थ टीम दो बार गुजरात का दौरा कर चुकी है, जहां उसने अहमदाबाद के इन्फ्रास्ट्रक्चर और तैयारियों का निरीक्षण किया।
- 7 जून 2025 को भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने लंदन 3 प्रेजेंटेशन के बाद सरकार से बातचीत की। इसके बाद केंद्र सरकार ने 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की बोली लगाने को मंजूरी दी।
- 29 अगस्त 2025 को राष्ट्रीय खेल दिवस पर हर्ष संघवी, पीटी उषा और अन्य अधिकारियों ने लंदन में आधिकारिक बोली जमा की।
बोली में अहमदाबाद को एक आधुनिक, कॉम्पैक्ट और हाई-स्टैंडर्ड गेम्स सिटी के रूप में पेश किया गया है। खिलाड़ियों, अधिकारियों और दर्शकों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हैं। मुख्य वेन्यू के तौर पर नरेंद्र मोदी स्टेडियम, नारणपुरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, और सरदार वल्लभभाई पटेल स्पोर्ट्स एंक्लेव को प्रस्तावित किया गया है।
क्यों खास है CWG की मेजबानी?
कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन किसी भी देश के लिए सिर्फ खेल आयोजन नहीं, बल्कि उसकी अंतरराष्ट्रीय छवि, विकास क्षमता, इन्फ्रास्ट्रक्चर और विजन का भी प्रतीक माना जाता है। अब तक ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, भारत, कनाडा और न्यूजीलैंड सहित कुल 9 देश इसकी मेजबानी कर चुके हैं। सबसे ज्यादा 5 बार मेजबानी का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के नाम है।
ओलिंपिक-2036 की दावेदारी मजबूत होगी
कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी मिलने से ओलिंपिक गेम्स 2036 की मेजबानी के लिए भारत की दावेदारी मजबूत होगी। भारत 2036 के ओलिंपिक गेम्स की मेजबानी की तैयारी भी कर रहा है। PM नरेंद्र मोदी ने लाल किले की से इसका ऐलान किया था। पिछले साल नवंबर में भारत ने ओलिंपिक गेम्स-2036 की मेजबानी हासिल करने के लिए दावेदारी पेश की थी।
2010 में 71 देशों के 6081 प्लेयर्स ने हिस्सा लिया था
भारत और कॉमनवेल्थ गेम्स का इतिहास भी इस मेजबानी को खास बनाता है। 2010 दिल्ली गेम्स में 71 देशों के 6081 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इस साल भारत ने 101 मेडल जीतकर इतिहास बनाया था। इनमें 38 गोल्ड मेडल शामिल थे।
इंडिया ने पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स में 61 मेडल जीते
2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में 72 देशों के 5000 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया था। भारत ने कुल 61 मेडल जीते 22 गोल्ड, 16 सिल्वर और 23 ब्रॉन्ज। इनमें से 30 मेडल सिर्फ कुश्ती, वेटलिफ्टिंग और एथलेटिक्स से आए थे। महिला क्रिकेट टीम ने भी सिल्वर मेडल जीता था।
भारत में पहली बार दिल्ली के बाहर मल्टी स्पोर्ट्स इवेंट होगा
अगर अहमदाबाद को 2030 की मेजबानी मिलती है, तो यह पहली बार होगा जब कोई बड़ा इंटरनेशनल मल्टी-स्पोर्ट्स इवेंट दिल्ली के बाहर आयोजित होगा। इससे पहले भारत 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स, 1951 और 1982 एशियन गेम्स की मेजबानी भी कर चुका है। तीनों बड़े मल्टी-स्पोर्ट्स इवेंट दिल्ली में हुए थे।
कॉमनवेल्थ गेम्स का इतिहास
कॉमनवेल्थ गेम्स का इतिहास भी दिलचस्प है। यह एक मल्टी-स्पोर्ट्स अंतरराष्ट्रीय आयोजन है, जिसमें ब्रिटिश शासन वाले देशों के खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। फिलहाल इसमें 54 सदस्य देश हैं। इन गेम्स की शुरुआत 1930 में कनाडा के हैमिल्टन शहर से हुई थी। पहले इसे ब्रिटिश एम्पायर गेम्स कहा जाता था। 1978 से इसका नाम ‘कॉमनवेल्थ गेम्स’ हो गया। 2030 के आयोजन में कॉमनवेल्थ गेम्स को 100 साल पूरे होंगे।

(Bureau Chief, Korba)




