सिडनी: ऑस्ट्रेलिया में 14 दिसंबर को सिडनी के बॉन्डी बीच पर यहूदी लोगों पर हमला करने वाला आतंकी साजिद अकरम भारत के हैदराबाद का रहने वाला था। उसने 1998 में देश छोड़ दिया था। तब से वह ऑस्ट्रेलिया में रह रहा था।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक साजिद आखिरी बार 2022 में भारत आया था। कई मीडिया रिपोर्ट्स में आतंकी के पाकिस्तानी होने का दावा किया जा रहा था।
इससे पहले CNN ने फिलीपींस के अधिकारियों के हवाले से बताया था कि साजिद अकरम अपने बेटे नवीद के साथ पिछले महीने 1 नवंबर को फिलीपींस गया था।
इस दौरान साजिद ने इंडियन जबकि उसके बेटे ने ऑस्ट्रेलियन पासपोर्ट का इस्तेमाल किया था। वो लोग एक महीने से हमले की तैयारी कर रहे थे।
फिलीपींस के इस्लामी गढ़ दावो शहर गए थे आतंकी
अधिकारियों के मुताबिक दोनों फिलीपींस के दावो शहर गए थे। दावो फिलीपींस के दक्षिण हिस्से में मिंडानाओ द्वीप पर है। मिंडानाओ में फिलीपींस की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी रहती है। यह इस्लामी उग्रवादी और विद्रोही संगठन का गढ़ माना जाता है। ये समुदाय अलग देश बनाने की मांग करते हैं।
इसके अलावा आतंकियों की गाड़ी से इस्लामिक स्टेट के दो झंडे बरामद हुए थे, जिससे उनके ISIS से जुड़े होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
ऑस्ट्रेलिया में हुए आतंकी हमले में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 40 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इसके अलावा एक आतंकी की भी मौत हो गई थी।
ऑस्ट्रेलिया में शोक की 5 तस्वीरें…

ऑस्ट्रेलिया में बॉन्डी बीच पर हुए हमले के बाद पूरे देश में मातम का माहौल है।

ऑस्ट्रेलिया में बॉन्डी बीच पर यहूदी त्योहार के दौरान हुई गोलीबारी के पीड़ितों को बॉन्डी पैवेलियन में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लोग।

ऑस्ट्रेलिया में आतंकी हमले में 15 लोगों की मौत हुई। स्मारक पर फूल चढ़ाती युवतियां।

हमले में मारे गए लोगों को याद किया गया। यह घटना ऑस्ट्रेलिया के 3 दशक के इतिहास की सबसे बड़ी मास शूटिंग है।

ऑस्ट्रेलिया में हजारों लोग श्रद्धांजलि अर्पित करने स्मारकों पर पहुंच रहे हैं।
आतंकी हमले में 3 भारतीय छात्र घायल
सिडनी आतंकी हमले में 3 भारतीय छात्र भी घायल हो गए हैं। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, कम से कम दो छात्र इस समय अस्पताल में भर्ती हैं।
PM एंथनी अल्बनीज ने रविवार को सिडनी में यहूदी समुदाय के एक कार्यक्रम में कहा कि हमलावरों की सोच इस्लामिक स्टेट (ISIS) से प्रभावित थी।
उन्होंने कहा कि इस आतंकी संगठन से जुड़ी कट्टर सोच ने उन्हें कट्टरपंथी बना दिया था। अल्बनीज ने माना कि इस्लाम की कट्टर व्याख्या एक गंभीर समस्या है।
यहूदियों पर आतंकी हमले से जुड़ी 3 तस्वीरें…

बॉन्डी बीच के पास दो आतंकियों ने एक ब्रिज से हनुक्का त्योहार मना रहे लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग की।

आतंकियों की फायरिंग के बाद बॉन्डी बीच पर लाशें बिछ गईं।

ब्रिज से फायर कर रहे दोनों आतंकियों को पुलिस ने गोली मारी। एक आतंकी को पहले ही गोली लग चुकी थी। फुटेज में दूसरा आतंकी गोली लगने के बाद गिरता नजर आया।
लाइसेंसी बंदूक से हमलावर ने गोलीबारी की थी
पुलिस के मुताबिक, 50 साल के हमलावर साजिद अकरम के पास लाइसेंसी बंदूक थी, जिसका इस्तेमाल वह शिकार के लिए करता था। एनएसडब्ल्यू पुलिस कमिश्नर मल लैनयन ने कहा कि साजिद अकरम एक गन क्लब का सदस्य था और राज्य के कानून के तहत उसके पास लाइसेंस था।
साजिद अकरम के पास कानूनी रूप से 6 बंदूकें थीं। गोलीबारी के लिए निकलने से पहले बाप-बेटे ने अपने परिवार को कहा था कि वह मछलियां पकड़ने जा रहे हैं। अकरम अपने परिवार के साथ एक किराए के घर में रहता था।
हमले के बाद पुलिस ने इस मकान पर छापेमारी की। रिपोर्ट के मुताबिक साजिद अकरम फलों की दुकान चलाता था।
प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलियाई हीरो अहमद से मुलाकात की
प्रधानमंत्री ने अस्पताल में ऑस्ट्रेलियाई हीरो कहे जाने वाले अहमद अल अहमद से मुलाकात की और कहा कि उस व्यक्ति से मिलना बहुत बड़ा सम्मान था जिसने बोंडी के हमलावरों में से एक पर घात लगाकर हमला किया और उससे राइफल छीन ली।
कोगाराह के सेंट जॉर्ज अस्पताल के बाहर PM ने कहा, “वह एक सच्चे ऑस्ट्रेलियाई नायक हैं।” अहमद अंधाधुंध फायरिंग कर रहे आतंकी साजिद अकरम से निहत्थे भिड़ गए।
उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए पीछे से आतंकी पर झपट्टा मारा और उससे बंदूक छीन ली, जिससे कई लोगों को सुरक्षित निकलने का मौका मिल गया। इस हमले में एक आतंकी समेत 16 लोगों की मौत हुई है।
लोग अब अहमद को ‘ऑस्ट्रेलिया का नया हीरो’ कह रहे हैं। अहमद जब आतंकी साजिद से मुठभेड़ करने जा रहे थे, तब उनके भाई ने उन्हें रोका था। तब उन्होंने कहा था, ‘अगर मुझे कुछ हुआ तो परिवार को बताना कि मैं लोगों की जान बचाते हुए मारा गया।’

प्रधानमंत्री ने अस्पताल में अहमद से मुलाकात की।
गोलियां बरसाने से पहले आतंकी ने मां से झूठ कहा था
नवीद ने हमले से कुछ घंटे पहले अपनी मां से बात की थी। द सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड के मुताबिक, उसने अपनी मां से कहा था कि वह तैराकी करने गया है और अब खाने जा रहा है।
सिडनी में पुलिस जब उनके घर को घेर रही थी, तब हमलावर की मां वेरेना ने मीडिया से बात की। उन्होंने बताया कि उनके बेटे नवीद ने उन्हें रविवार सुबह आखिरी बार फोन किया था। उस समय वह अपने पिता साजिद अकरम के साथ जर्विस बे में वीकेंड ट्रिप पर था।
वेरेना ने कहा, “उसने मुझे रविवार को फोन किया और कहा, मम्मी, मैं अभी तैर कर आया हूं। मैंने स्कूबा डाइविंग की। अब हम खाने जा रहे हैं। फिर उसने कहा कि बहुत गर्मी है, इसलिए अब हम घर पर ही रहेंगे।”
इसके कुछ ही घंटों बाद, साजिद और नवीद दोनों ने बॉन्डी बीच पर हनुक्का कार्यक्रम के दौरान गोलीबारी शुरू कर दी।

तस्वीर 24 साल के आतंकी नवीद अकरम की है। वह स्नाइपर गन से लोगों को निशाना बना रहा था।
मां बोली- हर मां चाहेगी उसका बेटा मेरे बेटे जैसा हो
वेरेना ने कहा कि वह क्राइम साइट पर ली गई तस्वीरों में अपने बेटे को पहचान ही नहीं पाईं। उसे यकीन नहीं हो रहा कि उसका बेटा हिंसा में शामिल हो सकता है।
उसने कहा, “उसके पास कोई बंदूक नहीं है। वह बाहर भी नहीं घूमता। वह दोस्तों के साथ नहीं रहता। वह शराब नहीं पीता, सिगरेट नहीं पीता। वह बुरी जगहों पर नहीं जाता। वह काम पर जाता है, घर आता है और बस यही उसकी जिंदगी है।”
वेरने ने कहा कि कोई भी मां चाहेगी कि उसका बेटा मेरे बेटे जैसा हो क्योंकि वह एक अच्छा लड़का है। उसने कहा कि नवीद करीब दो महीने से बेरोजगार था। जिस निर्माण कंपनी में वह ईंट लगाने का काम करता था, वह बंद हो गई थी। इसके बाद वह लगातार नई नौकरी की तलाश कर रहा था।
अधिकारियों का कहना है कि हमले के पीछे की वजह अब भी पता लगाई जा रही है। इस घटना से पूरा ऑस्ट्रेलिया दहल गया है और देशभर में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
हनुक्का फेस्टिवल मना रहे यहूदियों को निशाना बनाया गया
रविवार को घटना के वक्त यहूदी समुदाय के लोग हनुक्का फेस्टिवल मना रहे थे। यह यहूदियों का खास त्योहार है, जो 14 दिसंबर से शुरू हुआ था।
बॉन्डी बीच पर हुई सामूहिक गोलीबारी की घटना के बाद मेलबर्न में आयोजित होने वाला हनुक्का फेस्टिवल रद्द कर दिया गया।
ऑस्ट्रेलिया की कुल यहूदी आबादी करीब 1,17,000-1,20,000 है, जिसमें से लगभग आधी (53,000 से 60,000) मेलबर्न शहर में रहती है।
2021 जनगणना में विक्टोरिया (जिसमें मेलबर्न मुख्य है) में 46,000 यहूदी दर्ज हुए, लेकिन विशेषज्ञों का अनुमान है कि असली संख्या 60,000 के करीब है।

(Bureau Chief, Korba)




