रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पारदर्शी धान खरीदी से किसानों को मिल रहा आर्थिक संबल

              रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियों का जीवंत प्रमाण जीपीएम जिले के उपार्जन केंद्र गौरेला में दिखाई दे रहा है, जहां समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सुचारू और पारदर्शी ढंग से चल रही है। ग्राम नेवसा मदरवानी के किसान जगन्नाथ यादव ने इस व्यवस्था की खुलकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व में लागू की गई यह पारदर्शी नीति न केवल किसानों को उनकी मेहनत का सही फल दे रही है, बल्कि उन्हें वास्तविक खुशहाली की राह पर ले जा रही है।

              किसान जगन्नाथ यादव ने विस्तार से बताया कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी हो रही है, जो किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का बड़ा माध्यम बन गई है। प्रति एकड़ औसतन 21 क्विंटल धान उत्पादन से किसानों को पर्याप्त आय सुनिश्चित हो रही है। इस वर्ष उन्होंने अपनी 4 एकड़ 46 डिसमिल भूमि में धान की खेती की और प्रथम टोकन के तहत 50 क्विंटल धान उपार्जन केंद्र गौरेला लेकर आए हैं। यादव ने कहा कि ‘‘टोकन तुहर हाथ‘‘ ऐप की बदौलत घर बैठे टोकन प्राप्त हो जाने से उन्हे बहुत सहुलियत हो रही है, जिससे उपार्जन केंद्रों के चक्कर लगाने की जरूरत ही नहीं पड़ती। इससे समय, श्रम और ईंधन की बचत हो रही है।

              पूरी खरीदी प्रक्रिया अत्यंत सहज और त्रुटिरहित है। न तो कोई गड़बड़ी, न देरी और न ही तनाव का नामोनिशान। त्वरित भुगतान और पूर्ण पारदर्शिता ने किसानों का सरकार पर विश्वास और दृढ़ कर दिया है। जगन्नाथ यादव सहित क्षेत्र के अन्य किसान इस व्यवस्था से उत्साहित हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल किसान कल्याण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है, जो न केवल धान खरीदी को पारदर्शी बना रही है, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित कर रही है। जिले के अन्य उपार्जन केंद्रों पर भी यही उत्साह देखने को मिल रहा है, जहां हजारों किसान लाभ उठा रहे हैं।


                              Hot this week

                              रायपुर : घरजियाबंधान जलाशय योजना के लिए 51.6 करोड़ रूपये स्वीकृत

                              रायपुर (BCC NEWS 24): छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग...

                              रायपुर : भोरमदेव जंगल सफारी बनी छत्तीसगढ़ के इको-टूरिज्म की नई पहचान

                              पर्यटन, प्रकृति और रोजगार का नया आयामएक माह में...

                              Related Articles

                              Popular Categories