कोरबा (BCC NEWS 24): विकासखंड के ग्राम तरदा निवासी किसान कृपाल सिंह लगभग 7 एकड़ जमीन में धान की खेती करते हैं। इस वर्ष समय पर अच्छी बारिश होने से उनकी खेती बिना किसी बाधा के सफल रही। परिवार के साथ मिलकर की गई मेहनत का परिणाम कुछ ही महीनों में खेतों में लहलहाती फसल के रूप में दिखाई देने लगा। खेत में लहलहाती फसल को देखकर उन्हें बेहद खुशी होती थी, क्योंकि यह सिर्फ धान नहीं बल्कि उनकी उम्मीदों और परिश्रम का फल था। कृपाल सिंह बताते हैं कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को सही मूल्य मिलने की गारंटी होने से उनकी अपेक्षाएँ भी बढ़ी थीं। जब फसल पूरी तरह तैयार हो गई, तो उन्होंने अपना धान उपार्जन केंद्र कनकी में बेच दिया। लगभग 7 एकड़ में हुई खेती से उन्हें 100 क्विंटल से अधिक धान प्राप्त होता है, जिसमें से कुछ वे अपनी जरूरत के लिए रखकर बाकी बेच देते हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष धान बिक्री से प्राप्त राशि से उन्होंने कुछ जमीन भी खरीदी थी, जिससे उनकी खेती और आजीविका दोनों मजबूत हुई हैं। कृपाल सिंह सरकार की उपार्जन व्यवस्था से संतुष्ट हैं। उनका कहना है कि किसानों को अब टोकन आसानी से मिल जाता है और निर्धारित तिथि पर वे बिना किसी परेशानी के अपना धान बेचने पहुंच जाते हैं। उपार्जन केंद्रों में बैठने, पानी पीने सहित सभी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध रहती हैं। वे कहते हैं कि पहले किसानों को रातभर रुककर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और सुचारू है। साथ ही, धान का समर्थन मूल्य और उस पर मिलने वाली अतिरिक्त राशि से किसानों को प्रति क्विंटल लगभग 3100 रुपये का मूल्य मिल रहा है। किसान कृपाल सिंह ने इस वर्ष लगभग 100 क्विंटल धान उपार्जन केंद्र में बेचा है। उनका कहना है कि सरकार की किसान हितैषी नीतियों से खेती करना पहले की तुलना में आसान और लाभकारी हो गया है।

(Bureau Chief, Korba)




