Monday, February 9, 2026

            रायपुर : सुशासन से समृद्धि की ओर : किसानों को मिला भरोसा, धान विक्रय का समय पर भुगतान

            रायपुर: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चल रही सरकार के सुशासन का सकारात्मक प्रभाव अब दूरस्थ अंचलों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। दंतेवाड़ा जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धान खरीदी की व्यवस्था पारदर्शी, सुव्यवस्थित और सुचारू रूप से संचालित की जा रही है।

            सुशासन से समृद्धि की ओर: किसानों को मिला भरोसा, धान विक्रय का समय पर भुगतान

            शासन के निर्देशानुसार सभी धान खरीदी केंद्रों पर प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक 84,618.80 क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है। इसमें से 29,950 क्विंटल धान का उठाव कर मिलिंग कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है। नियमित उठाव के कारण खरीदी केंद्रों में पर्याप्त स्थान उपलब्ध है और बिना किसी बाधा के धान खरीदी जारी है।

            सरकारी अभिलेखों के अनुसार धान खरीदी से संबंधित भुगतान की प्रक्रिया भी समय पर और सुचारू रूप से की जा रही है। इससे किसानों में संतोष और भरोसा बना है। सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सीधे और समय पर मिले, जो दंतेवाड़ा जिले में सफलतापूर्वक लागू हो रहा है।

            धान खरीदी केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए बारदाना, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, सीसीटीवी कैमरे और हमालों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इस वर्ष किसानों की भागीदारी में वृद्धि हुई है और वे बिना किसी परेशानी के अपनी उपज का विक्रय कर पा रहे हैं। बालूद धान खरीदी केंद्र में 12 गांवों के कुल 1,200 किसान पंजीकृत हैं। इनमें से 379 किसानों द्वारा अब तक 12,810 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है।

            चितालंका गांव से धान बेचने पहुंचे किसान मनकू राम ने बताया कि विष्णु देव साय सरकार की नीतियों से उन्हें अपनी मेहनत की फसल सुरक्षित होने का भरोसा मिला है। वहीं, आवराभाटा गांव से आए किसान शंकर सिंह ठाकुर ने टोकन ऐप की सराहना करते हुए कहा कि इससे धान विक्रय की प्रक्रिया आसान हो गई है।

            दंतेवाड़ा जिले के धान खरीदी केंद्रों में यह स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि सुशासन का लाभ सीधे किसानों तक पहुंच रहा है। आने वाले दिनों में धान खरीदी और भुगतान के आंकड़ों में और वृद्धि होने की संभावना है, जिससे जिले की कृषि अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।


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