BIG NEWS: ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय छात्रों के लिए स्टूडेंट वीजा के नियम सख्त किए, भारत को हाई रिस्क कैटेगिरी में डाला

              ऑस्ट्रेलिया: भारतीय छात्रों के लिए स्टूडेंट वीजा के नियम सख्त कर दिए हैं। ऑस्ट्रेलिया ने भारत को अब सबसे ज्यादा जोखिम वाली कैटेगरी, यानी असेसमेंट लेवल-3 (AL3) में डाल दिया है। पहले भारत AL2 कैटेगरी में था। यह नया नियम 8 जनवरी 2026 से लागू हो गया है।

              ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने कहा है कि दस्तावेजों से जुड़ी इस सख्ती का मकसद वीजा सिस्टम में बढ़ रही गड़बड़ियों को रोकना है, लेकिन साथ ही जो छात्र सही तरीके से पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया जाना चाहते हैं, उनके लिए रास्ता खुला रहेगा।

              ऑस्ट्रेलिया में पढ़ रहे करीब 6.5 लाख विदेशी छात्रों में से लगभग 1.4 लाख छात्र भारत से हैं। इसके बावजूद भारत को अब हाई-रिस्क कैटेगरी में रखा गया है।

              भारत के अलावा नेपाल, बांग्लादेश और भूटान को भी AL3 कैटेगरी में डाला गया है। पाकिस्तान पहले से ही इसी कैटेगरी में शामिल है। ऑस्ट्रेलिया में असेसमेंट लेवल सिस्टम के तहत AL1 को सबसे कम जोखिम और AL3 को सबसे ज्यादा जोखिम वाला स्तर माना जाता है।

              ऑस्ट्रेलिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय शिक्षा मंत्री जूलियन हिल ने कहा है कि ऑस्ट्रेलिया अब बड़े स्टडी डेस्टिनेशन देशों में“सबसे कम खराब विकल्प बन गया है। उनके मुताबिक बाकी तीन देश अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा हैं।

              नए नियमों के तहत अब छात्रों को पहले से ज्यादा दस्तावेज देने होंगे। उन्हें अपनी आर्थिक स्थिति, अंग्रेजी भाषा की योग्यता और यह साबित करना होगा कि वे सच में पढ़ाई के लिए ही ऑस्ट्रेलिया जा रहे हैं।

              ऑस्ट्रेलिया के इमिग्रेशन डिपार्टमेंट के पूर्व डिप्टी सेक्रेटरी अबुल रिजवी ने कहा कि हाई-रिस्क कैटेगरी में आने वाले देशों के छात्रों के दस्तावेजों की डिटेल जांच होती है। अधिकारी कॉलेजों से संपर्क कर पढ़ाई से जुड़े दस्तावेजों की पुष्टि कर सकते हैं और बैंकों से भी फाइनेंशियल डिटेल्स चेक कर सकते हैं।


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