मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में आज 19 दिसंबर को गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 324 अंक गिरकर 83,246 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 108 अंक की गिरावट रही। ये 25,585 पर बंद हुआ। निफ्टी के ऑटो और FMCG सेक्टर छोड़ कर सभी सेक्टर्स में बिकवाली देखने को मिली। मीडिया सेक्टर में सबसे ज्यादा 1.84% की गिरावट रही।
बाजार में दिन भर भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सुबह की गिरावट के बाद दोपहर के कारोबार में बाजार निचले स्तरों से रिकवर होता नजर आया। सेंसेक्स अपने दिन के निचले स्तर से 350 अंक रिकवर हुआ और निफ्टी 100 अंक से ज्यादा रिकवर हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 82,898 और निफ्टी ने 25,494 का निचला स्तर छुआ था।
इन वजहों से गिरा बाजार
1. ट्रम्प की टैरिफ वाली धमकी से ग्लोबल मार्केट में गिरावट: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में ग्रीनलैंड को लेकर यूरोपीय देशों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि जो देश उनकी योजनाओं का विरोध करेंगे, उन पर भारी आयात शुल्क (टैरिफ) लगाया जाएगा। इस बयान के बाद अमेरिका से लेकर एशिया तक के बाजारों में डर का माहौल है। जानकारों का कहना है कि अगर ट्रेड वॉर जैसी स्थिति बनती है, तो आने वाले दिनों में बाजार में और ज्यादा अस्थिरता देखने को मिल सकती है।
2. रिलायंस और ICICI बैंक के शेयरों में दबाव: देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे आने के बाद आज इसके शेयरों में गिरावट देखी जा रही है। रिलायंस का मुनाफा उम्मीद के मुताबिक रहा है, लेकिन मार्जिन में हल्की कमी आने से निवेशकों ने प्रॉफिट बुकिंग शुरू कर दी। वहीं ICICI बैंक के नतीजे भी इन-लाइन रहे, फिर भी शुरुआती कारोबार में शेयर करीब 3% तक टूट गया। भारी वेटेज वाले इन दोनों शेयरों के गिरने से निफ्टी पर दबाव बढ़ गया है।
3. विदेशी निवेशक (FIIs) लगातार निकाल रहे पैसा: भारतीय बाजार से विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का पैसा निकालने का सिलसिला थम नहीं रहा है। जनवरी महीने में अब तक वे करीब 16,600 करोड़ रुपए की बिकवाली कर चुके हैं। हालांकि, घरेलू निवेशक (DIIs) लगातार खरीदारी कर बाजार को सहारा देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ग्लोबल दबाव के आगे यह सपोर्ट कम पड़ता दिख रहा है।
4. सोना-चांदी में रिकॉर्ड तेजी, डॉलर मजबूत हुआ: दुनिया भर में बढ़ती अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने और चांदी की मांग बढ़ गई है। आज सुबह सोना करीब 1.6% की बढ़त के साथ $4,670 के पार निकल गया, जो कि एक नया रिकॉर्ड है। चांदी की कीमतों में भी 3% से ज्यादा का उछाल देखा गया। दूसरी तरफ, ट्रम्प के बयानों के बाद डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव जारी है, जिससे भारतीय रुपया भी दबाव में है।
ग्लोबल मार्केट में मिला जुला कारोबार
- एशियाई बाजारों में कोरिया का कोस्पी 1.32% ऊपर 4,904 पर और जापान का निक्केई इंडेक्स 0.65% नीचे 53,412 पर बंद हुआ है।
- हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 1.05% नीचे 26,563 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.29% ऊपर 4,114 पर बंद हुआ है।
- 16 जनवरी को अमेरिका का डाउ जोन्स 0.17% गिरकर 49,359 पर बंद हुआ। नैस्डेक 0.062% और S&P-500 0.064% गिरा था।
विदेशी निवेशकों ने ₹4,346 करोड़ के शेयर बेचे
- 16 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹4,346 करोड़ के शेयर बेचे। इस दौरान घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹3,935 करोड़ के शेयर खरीदे।
- दिसंबर 2025 में FIIs ने कुल ₹34,350 करोड़ के शेयर्स बेचे थे। इस दौरान बाजार को संभाल रहे DIIs ने ₹79,620 करोड़ के शेयर खरीदे थे।
आगे क्या होगा: इन ट्रिगर्स पर रहेगी नजर
बाजार के जानकारों का मानना है कि इस पूरे हफ्ते बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। निवेशकों की नजर अब चीन के जीडीपी आंकड़ों और यूरोप के महंगाई दर (CPI) के डेटा पर है। अगर ग्लोबल डेटा उम्मीद से खराब आता है, तो गिरावट बढ़ सकती है।
भारत में अभी तिमाही नतीजों का सीजन चल रहा है, इसलिए चुनिंदा शेयरों में एक्शन देखने को मिलता रहेगा। तकनीकी रूप से निफ्टी के लिए 25,500 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट का काम कर सकता है।
शुक्रवार को सेंसेक्स 187 अंक चढ़कर बंद हुआ था
बीते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार (16 जनवरी) को शेयर बाजार में तेजी रही थी। सेंसेक्स 187 अंक चढ़कर 83,570 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 28 अंक चढ़ा, ये 25,694 के स्तर पर बंद हुआ था।

(Bureau Chief, Korba)





