मिनेसोटा: अमेरिका के मिनेसोटा स्टेट के कोलंबिया हाइट्स में मंगलवार को इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) एजेंट्स ने एक 5 साल के बच्चे लियाम कोनेजो रामोस को पिता के साथ हिरासत में लिया। BBC के मुताबिक दोनों को टेक्सास के इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर भेजा गया है।
लियाम की स्कूल सुपरिंटेंडेंट जेना स्टेनविक ने बताया, ‘एजेंट्स ने चलती गाड़ी से बच्चे को उतारा। फिर उन्होंने उसे घर का दरवाजा खटखटाने को कहा, ताकि पता चले कि अंदर कोई है या नहीं।’ जेना ने इसे 5 साल के बच्चे का इस्तेमाल करना बताया।
गिरफ्तारी के डर से पिता ने मां को दरवाजा खोलने से मना किया। हालांकि कुछ देर बाद माता-पिता ने अपने बच्चे को घर के अंदर लाने की मंशा से दरवाजा खोला, तभी बाहर मौजूद एजेंट्स ने पिता को गिरफ्तार किया। वहीं बच्चे को घर में मौजूद दूसरे लोगों को सौंपने से इनकार कर उसे भी अपने साथ ले गए।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने मिनियापोलिस लीडर्स से मुलाकात के दौरान घटना पर बात की। उन्होंने कहा, ‘बच्चा सिर्फ डिटेन हुआ है, गिरफ्तार नहीं।’ वेंस ने कहा कि एजेंट्स बच्चे को ठंड में छोड़ नहीं सकते थे और गैर-कानूनी व्यक्ति को गिरफ्तार करना जरूरी है।

5 साल के लियाम को टेक्सास के इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर में रखा गया है।
6 हफ्तों में मिनेसोटा में 3,000 गिरफ्तारियां हुईं, इनमें 400 बच्चे
लियाम अपने स्कूल जिले का चौथा छात्र है, जिसे ICE ने हिरासत में लिया है। स्कूल प्रशासन और परिवार के वकील के अनुसार, यह परिवार साल 2024 में इक्वाडोर से अमेरिका आया था। परिवार पर शरण से जुड़ा मामला चल रहा है, लेकिन उन्हें अमेरिका छोड़ने का कोई आदेश नहीं दिया गया था।
चिल्ड्रेंस राइट्स संगठन की लीशिया वेल्च ने हाल ही में एक डिटेंशन सेंटर का दौरा किया। उनका कहना है कि वहां बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई बच्चे 100 दिनों से भी ज्यादा समय से हिरासत में हैं।
अमेरिकी सरकार ने दिसंबर में खुद माना था कि करीब 400 बच्चों को डिटेंशन में रखा गया है। इनमें से ज्यादातर बच्चे बीमार हैं, कुपोषण का शिकार हैं और गंभीर शारीरिक व मानसिक परेशानी झेल रहे हैं।
स्कूल सुपरिटेंडेंट बोली- बच्चे को क्यों हिरासत में लिया, वह अपराधी नहीं
होमलैंड सिक्योरिटी की प्रवक्ता ट्रिशिया मैकलॉफलिन ने गुरुवार को ऑनलाइन बयान में कहा कि पिता ने खुद बच्चे को अपने साथ रखने की इच्छा जताई थी। उनके अनुसार, पिता और बच्चा दोनों इस समय टेक्सास के डिली स्थित इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर में साथ हैं।
स्कूल अधिकारियों ने बताया कि परिवार 2024 में अमेरिका आया था और उनका असाइलम केस अभी एक्टिव है। उन्हें देश छोड़ने का कोई आदेश नहीं दिया गया था।
कोलंबिया हाइट्स पब्लिक स्कूल की सुपरिटेंडेंट जेना स्टेनविक ने सवाल उठाया कि 5 साल के बच्चे को क्यों हिरासत में लिया गया? आप यह नहीं कह सकते कि यह बच्चा किसी तरह का हिंसक अपराधी है।

अधिकारियों ने लियाम को घर में मौजूद सदस्य या पड़ोसियों के पास छोड़ने से इनकार कर दिया। बच्चे का परिवार 2024 में इक्वाडोर (साउथ अमेरिका) से अमेरिका आया था।
प्रवक्ता बोली- बच्चे को टारगेट नहीं किया, सुरक्षा के लिए साथ लाए
मैकलॉफलिन ने कहा कि इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) ने बच्चे को टारगेट नहीं किया था, बल्कि उसके पिता एड्रियन अलेक्जेंडर कोनेजो एरियास को गिरफ्तार किया जा रहा था। बच्चे की सुरक्षा के लिए एक एजेंट उसके साथ रुका रहा।
ICE के मुताबिक, माता-पिता को यह विकल्प दिया जाता है कि वे अपने बच्चों के साथ डिपोर्ट हों या बच्चों को अपनी पसंद के किसी व्यक्ति के हवाले करें।

स्कूल के बोर्ड पर लगी लियाम की तस्वीर।
कमला हैरिस बोली- एजेंसी एक छोटे बच्चे का इस्तेमाल कर रही
5 साल के बच्चे की गिरफ्तारी मामले पर पूर्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस का बयान सामने आया है।
हैरिस ने X पर लियाम की एक फोटो शेयर करते हुए लिखा कि लियाम सिर्फ एक बच्चा है और उसे अपने परिवार के साथ घर पर होना चाहिए न कि इमिग्रेशन एजेंसी के डिटेंशन सेंटर में। एजेंसी एक बच्चे को चारे की तरह इस्तेमाल कर रही है।
कमला हैरिस ने आगे कहा कि इस खबर से वह खुद बहुत गुस्सा हुई हैं और जनता को भी होना चाहिए।
गिरफ्तारी से स्कूलों में डर का माहौल
कोलंबिया हाइट्स पब्लिक स्कूल में प्री-के से 12वीं तक करीब 3,400 छात्र पढ़ते हैं। अधिकतर छात्र इमिग्रेंट परिवारों से हैं। स्कूल सुपरिटेंडेंट स्टेनविक के मुताबिक, हाल के दिनों में एक 17 साल का छात्र, एक 10 साल का बच्चा और एक अन्य 17 साल का छात्र भी हिरासत में लिया गया है।
उन्होंने बताया कि पिछले दो हफ्तों में स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति काफी गिर गई है। एक दिन करीब एक-तिहाई छात्र स्कूल नहीं आए। उनका आरोप है कि ICE एजेंट स्कूलों के आसपास गश्त कर रहे हैं, बसों का पीछा कर रहे हैं और बच्चों को उठा रहे हैं, जिससे छात्रों और परिवारों में काफी डर है।

अमेरिका के सबसे बड़े इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर, डिली (टेक्सास) स्थित साउथ टेक्सास फैमिली रेजिडेंशियल सेंटर में बंद लोग खाने के लिए लाइन में खड़े हैं। इनमें कई बच्चे भी हैं।
महिलाओं-बच्चों के लिए खास बनाया गया डिटेंशन सेंटर, लाइब्रेरी-जिम मौजूद
साउथ टेक्सास फैमिली रेजिडेंशियल सेंटर अमेरिका का सबसे बड़ा इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर है। यह टेक्सास राज्य के डिली शहर में स्थित है।
यह मुख्य रूप से महिलाओं और बच्चों को हिरासत में रखने के लिए बनाया गया है। यहां मध्य अमेरिका से आए प्रवासियों को रखा जाता है, जो अक्सर शरण (Asylum) की मांग करते हैं।
इन पर इमिग्रेशन केस जैसे डिपोर्टेशन या शरण की सुनवाई चल रही होती है। यह रेजिडेंशियल स्टाइल में बनाया गया है। इसमें कॉटेज-जैसे घर, खेल का मैदान, लाइब्रेरी, जिम, कैफेटेरिया, मेडिकल सुविधाएं और स्कूल जैसी सुविधाएं हैं। इसमें 1500 से 2000 हजार लोगों को रखा जाता है।

टेक्सास फैमिली रेजिडेंशियल सेंटर को बाइडन प्रशासन के दौरान बंद कर दिया गया था, लेकिन अब ट्रम्प प्रशासन ने इसे फिर से खोल दिया है।
मिनेसोटा के हालात पर एक नजर…
अप्रवासियों की गिरफ्तारी के बाद मिनियापोलिस में हिंसा भड़की थी
ट्रम्प पिछले कई हफ्तों से मिनेसोटा के डेमोक्रेट नेताओं से नाराज हैं। उन्होंने राज्य में रहने वाले अप्रवासी और सोमाली मूल के लोगों को कचरा बताते हुए देश से बाहर फेंकने जैसी टिप्पणी भी की है।
ट्रम्प प्रशासन मिनेसोटा के मिनियापोलिस इलाके में करीब 3,000 अधिकारियों को तैनात कर चुका है। डोनाल्ड ट्रम्प ने 2025 में सत्ता संभालने के बाद बड़े पैमाने पर अवैध अप्रवासियों की गिरफ्तारी और डिपोर्टेशन की सख्त मुहिम शुरू की है। ये एजेंट हजारों लोगों को गिरफ्तार कर रहे हैं। स्थानीय लोग इसे नस्लीय भेदभाव और आतंक मान रहे हैं।
इन अधिकारियों के खिलाफ दिन-रात विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मिनियापोलिस शहर में प्रदर्शनकारियों और एजेंट्स के बीच झड़पें भी लगातार बढ़ती जा रही हैं।
यह तनाव तब और बढ़ गया जब बुधवार को एक फेडरल अधिकारी ने एक वेनेजुएला नागरिक को गोली मार दी। उस व्यक्ति पर आरोप था कि वह ट्रैफिक चेक से भाग रहा था और उसने एजेंट पर हमला किया था।

ICE अधिकारी मिनेसोटा में गश्त कर लोगों को हिरासत में ले रहे हैं।
इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) क्या है?
ICE अमेरिका की एक फेडरल एजेंसी है। यह देश में अवैध इमिग्रेशन की रोकथाम, डिपोर्टेशन (देश से बाहर भेजना) और क्रॉस बॉर्डर क्राइम्स पर कार्रवाई करती है। यह एजेंसी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी के तहत काम करती है।
ICE की स्थापना साल 2003 में हुई थी। 9/11 आतंकी हमले के बाद अमेरिका ने आंतरिक सुरक्षा मजबूत करने के लिए डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) बनाया और उसी के तहत ICE को गठित किया गया। इसका मकसद देश के भीतर सुरक्षा से जुड़े इमिग्रेशन अपराधों पर सख्त निगरानी था।
कैसे काम करता है ICE
बिना वैध वीजा/दस्तावेज के रह रहे लोगों की पहचान।
इमिग्रेशन कानूनों का उल्लंघन करने वालों की गिरफ्तारी।
डिटेंशन सेंटर में रखना और बाद में डिपोर्टेशन।
ICE का काम कोर्ट या प्रशासनिक आदेश के बाद व्यक्ति को उसके देश वापस भेजना होता है। अमेरिका के कुछ शहरों और राज्यों ने खुद को सैंक्चुरी सिटी घोषित किया है।
यहां ICE को लोकल प्रशासन के साथ मिलकर काम करना होता है। इसका मकसद प्रवासी समुदाय में डर कम करना और जनता में स्थानीय पुलिस का भरोसा बनाए रखना है।

(Bureau Chief, Korba)





