Sunday, February 1, 2026

BIG NEWS: ईरान पर अमेरिकी हमले की आशंका, सबसे विध्वंसक जंगी बेड़ा USS अब्राहम लिंकन करीब पहुंचा, कई शहर इसकी स्ट्राइक रेंज में, तेहरान की चेतावनी- हमारी सेना की उंगली ट्रिगर पर है

वॉशिंगटन डीसी: अमेरिका और ईरान के बीच लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि राष्ट्रपति ट्रम्प ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्प पर विचार कर रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने ऐसे सैन्य विकल्पों की मांग की है, जिनका असर ‘निर्णायक’ हो। रक्षा मंत्रालय पेंटागन और व्हाइट हाउस ने इन पर काम करना शुरू कर दिया है। इनमें ईरानी शासन को सत्ता से हटाने की योजना भी शामिल है।

दूसरी तरफ आज अमेरिकी जंगी बेडा USS अब्राहम लिंकन भी मिडिल ईस्ट पहुंच सकता है। इसके चलते आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका ईरान पर अचानक सैन्य कार्रवाई कर सकता है।

अमेरिकी गतिविधियों के जवाब में ईरानी सुप्रीम काउंसिल के जावेद अकबरी ने कहा है कि मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सभी सैन्य अड्‌डे ईरान के निशाने पर हैं। हमारी मिसाइलें आदेश के इंतजार में दुश्मन पर गरजने को तैयार हैं।

ट्रम्प ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिकी जंगी नौसैनिक बेड़ा ईरान की तरफ बढ़ रहा है। (फाइल फोटो)

ट्रम्प ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिकी जंगी नौसैनिक बेड़ा ईरान की तरफ बढ़ रहा है। (फाइल फोटो)

ईरान के कई शहर USS अब्राहम लिंकन के स्ट्राइक रेंज में

राष्ट्रपति ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिकी जंगी जहाज USS अब्राहम लिंकन अरब सागर में ईरान की ओर तेजी से बढ़ रहा है। ईरान के कई शहर इसकी स्ट्राइक रेंज में हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह अरब सागर में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENCOM) की जोन में आ चुका है। साथ ही अमेरिका का C 37-B एयरक्राफ्ट भी ईरान के उत्तर में तुर्कमेनिस्तान के अशगाबाद बेस पहुंच गया है।

USS अब्राहम लिंकन पहले साउथ चाइना सी में तैनात था। 18 जनवरी को यह मलक्का स्ट्रेट पार कर हिंद महासागर में दाखिल हुआ।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक USS अब्राहम लिंकन 20 नॉट से ज्यादा की रफ्तार से आगे बढ़ा और बाद में अपनी लोकेशन छिपाने के लिए ऑटोमैटिक पहचान सिस्टम बंद कर दिया। इसी रफ्तार से चलने पर आज मिडिल ईस्ट में पहुंच सकता है।

अब्राहम लिंकन के साथ कई डेस्ट्रॉयर जहाज और न्यूक्लियर पनडुब्बियां भी चल रही हैं। एयरक्राफ्ट कैरियर पर 48 से 60 F/A-18 फाइटर जेट मौजूद हैं। ये बिना ईंधन भरे 2300 किलोमीटर दूर तक हमला कर सकते हैं।

जॉर्डन में फाइटर जेट्स तैनात किए

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक US एयरफोर्स ने जॉर्डन में कम से कम 12 F-15 फाइटर जेट्स तैनात किए हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि और विमान भी रास्ते में हैं।

20 से 22 जनवरी के बीच अमेरिकी C-17 सैन्य ट्रांसपोर्ट विमान कई बार जॉर्डन के मफराक अल-खवाजा एयरबेस पहुंचे। रिपोर्ट के मुताबिक इन विमानों से पैट्रियट-3 मिसाइल डिफेंस सिस्टम लाए गए हैं।

इनका मकसद इजराइल को ईरान की जवाबी कार्रवाई से बचाना है, क्योंकि तेहरान पहले ही बदले की धमकी दे चुका है।

इसके अलावा हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर लगातार कार्गो विमान उतर रहे हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका संभावित सैन्य ऑपरेशन के लिए रसद और सैनिकों की तैनाती कर रहा है।

एक अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि मिडिल ईस्ट में अतिरिक्त एयर-डिफेंस सिस्टम तैनात करने पर भी विचार चल रहा है, ताकि इलाके में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को ईरान के संभावित हमले से बचाया जा सके।

ईरान बोला- हमारी सेना की उंगली ट्रिगर पर है

एक वरिष्ठ ईरानी सैन्य अधिकारी जनरल अली अब्दोल्लाही अलीअबादी ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने हमला किया तो मिडिल ईस्ट में उसके सभी सैन्य अड्डे और इजराल के केंद्र ईरान के निशाने पर होंगे।

दूसरी तरफ इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के कमांडर मोहम्मद पाकपुर ने कहा कि उनकी सेना की उंगली ट्रिगर पर है। गुरुवार को एक लिखित बयान में पाकपुर ने कहा कि ईरान की सेना पहले से ज्यादा तैयार है।

इजराइली मंत्री बोले- ईरान को 7 गुना ज्यादा ताकत से जवाब देंगे

इजराइल के अर्थव्यवस्था मंत्री नीर बरकात ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने इजराइल के खिलाफ फिर से कोई हमला किया, तो उसे पहले से “सात गुना ज्यादा ताकत” से जवाब दिया जाएगा।

स्विट्जरलैंड के दावोस में मीडिया से बात करते हुए बरकात ने कहा कि इजराइल पहले भी ईरान को निशाना बना चुका है और आगे किसी भी उकसावे पर जवाब और ज्यादा कठोर होगा।

उन्होंने दावा किया कि पिछली सैन्य कार्रवाई में इजराइल ने ईरान की सैन्य कमजोरी को उजागर कर दिया है।

ईरान में 5000 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों की मौत

रॉयटर्स ने एक ईरानी अधिकारी के हवाले से बताया ईरान में अब तक 5000 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें 500 सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं।

ईरान में 28 दिसंबर को मंहगाई के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हुए थे, जो बाद में पूरे देश में फैल गए।

अमेरिकी मानवाधिकार संगठन HRANA के मुताबिक, अब तक 4519 मौतों की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें 4,251 प्रदर्शनकारी शामिल हैं। 9,049 मौतों की अभी जांच चल रही है।

ईरान में सत्ता परिवर्तन की बात कह चुके ट्रम्प

डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान में सत्ता परिवर्तन की खुलकर वकालत की है। उन्होंने पिछले हफ्ते पोलिटिको से कहा, “ईरान में नए नेतृत्व के बारे में सोचने का वक्त आ गया है।”

उन्होंने ईरानी नागरिकों से विरोध प्रदर्शन जारी रखने और संस्थानों पर कब्जा करने की अपील भी की थी। हालांकि अगले दिन ट्रम्प ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि बंदियों को फांसी देने की योजना फिलहाल रोकी गई है।

दूसरी ओर, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने ट्रम्प पर ईरान में हिंसा भड़काने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ईरानी जनता को हुए नुकसान और मौतों के लिए जिम्मेदार हैं।

इसके जवाब में ट्रम्प ने खामेनेई पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ईरान की तबाही के लिए वही जिम्मेदार हैं और वहां डर और हिंसा के जरिए शासन चलाया जा रहा है।


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