ढाका: बांग्लादेश के नरसिंदी जिले में एक और हिंदू युवक की जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई। 23 साल के चंचल चंद्र भौमिक का जला हुआ शव शुक्रवार रात एक गैराज के अंदर मिला। परिवार ने इसे सोची-समझी साजिश बताया है।
घटना नरसिंदी शहर के पुलिस लाइंस से सटे मस्जिद मार्केट इलाके में हुई। चंचल जिस गैराज में काम करता था, उसी के अंदर उसका शव मिला। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटना के वक्त चंचल गैराज के अंदर सो रहा था। रात के समय किसी ने बाहर से शटर पर पेट्रोल डाला और आग लगा दी। आग तेजी से अंदर फैल गई।
इससे पहले 18 दिसंबर 2025 को मैमनसिंह जिले में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था। उनके शव को पेड़ पर लटकाकर आग लगा दी गई थी। पिछले 40 दिनों में 10 हिंदुओं की हत्या हो चुकी है।
प्रत्यक्षदर्शी बोले- काफी देर तक तड़पता रहा चंचल
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि चंचल आग में फंसा रहा और काफी देर तक तड़पता रहा। वह मदद के लिए चीख रहा था, लेकिन बाहर से शटर लॉक था। उसे निकलने का रास्ता नहीं मिला। लोकल लोगों की सूचना पर फायर सर्विस पहुंची और आग बुझाने में करीब एक घंटे लगे, लेकिन चंचल पूरी तरह जल चुका था, मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
लोगों ने घटना को दिल दहला देने वाला बताया। स्थानीय दुकानदार राजीब सरकार ने सीसीटीवी का हवाला देकर कहा कि “यह हादसा नहीं था। कैमरे में दिखा कि कई लोग जानबूझकर शटर को आग लगाते हैं।”

CCTV फुटेज में एक शख्स गैराज में आग लगाने के बाद जाता हुआ दिखा।

फायर सर्विस की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद चंचल के शव को गैराज से बाहर निकाला।

स्थानीय दुकानदार ने इसे सोची-समझी हत्या करार देते हुए न्याय की मांग की है।
काम के लिए आया था, परिवार में कमाने वाला इकलौता था
चंचल कमिला जिले के लक्ष्मीपुर गांव का रहने वाला था। वह नरसिंदी में नौकरी की वजह से रहता था। वह परिवार में कमाने वाला इकलौता था। चंचल पुलिस लाइंस के पास मस्जिद मार्केट में गैराज में पिछले 6 साल से काम कर रहा था।
चंचल के पिता खोकन चंद्र भौमिक का पहले ही निधन हो चुका है। वह बीमार मां और 2 भाइयों की जिम्मेदारी संभाल रहा था। बड़ा भाई विकलांग है और एक छोटा भाई है। परिवार ने चंचल की मौत को सोची-समझी साजिश बताया है। उन्होंने जिम्मेदारों की गिरफ्तारी की मांग की है। परिवार के एक सदस्य ने कहा, “यह हादसा नहीं था। यह क्रूर और सोची-समझी हत्या थी।”

चंचल के जले हुए शव को देखकर उनके परिवार के एक सदस्य बिलख-बिलखकर रो पड़े।
हिंदू नेताओं ने हत्या की निंदा की
स्थानीय हिंदू समुदाय के नेताओं ने हत्या की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे बर्बर और अमानवीय बताया। उन्होंने अधिकारियों से अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
हिंदू नेताओं ने हिंदू के खिलाफ अपराध पर चिंता जताते हुए कहा कि इलाके में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों और कमजोर मजदूरों की सुरक्षा मजबूत करें।
वहीं मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने कहा कि निष्पक्ष जांच हो और न्याय मिले। उन्होंने इन घटनाओं को रोकने की मांग की है।
पुलिस बोली- मामला गंभीर, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
स्थानीय पुलिस ने घटनास्थल से सबूत जुटाए हैं। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस घटना से जुड़ा केस तैयार कर रही है।
नरसिंदी सदर मॉडल पुलिस स्टेशन के ओसी ए.आर.एम. अल मामुन ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मामले को बहुत गंभीरता से लिया जा रहा है। आसपास के इलाके से सीसीटीवी फुटेज जुटाए गए हैं।
ओसी मामुन ने बताया कि पुलिस की कई टीमें अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी पर काम कर रही हैं। इस अपराध से जुड़े किसी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
तख्तापलट के बाद अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़े, भारत ने चिंता जताई
लगभग 17 करोड़ की आबादी वाले मुस्लिम बहुल बांग्लादेश में 2024 के सत्तापलट के बाद से हालात अस्थिर बने हुए हैं। इस्लामी संगठनों की सक्रियता बढ़ने से अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़ गए हैं। बांग्लादेश में हिंदू और सूफी मुस्लिम सहित अल्पसंख्यकों की आबादी 10% से भी कम है।
भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं के साथ हो रहे व्यवहार पर चिंता जताई है। भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि वह बांग्लादेश की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा था, “हम बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों और उनकी संपत्तियों पर बार-बार हो रहे हमलों का चिंताजनक पैटर्न देख रहे हैं। ऐसी घटनाओं से सख्ती से और तुरंत निपटा जाना चाहिए।”

(Bureau Chief, Korba)





