इस्लामाबाद: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पाकिस्तान में इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ऑपरेशन यानी संचालन की डील को खत्म कर दिया है। पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने यह जानकारी दी है।
इसे UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भारत की अचानक हुई यात्रा से जोड़कर देखा जा रहा है। नाहयान 19 जनवरी को भारत दौरे पर आए थे। उनकी यात्रा का ऐलान सिर्फ 1 दिन पहले 18 जनवरी को हुआ था।
वहीं, पाकिस्तान ने शनिवार यानी 24 जनवरी को कहा कि UAE के साथ इस्लामाबाद एयरपोर्ट को लीज पर देने या चलाने को लेकर कभी कोई डील नहीं हुई। सरकार ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को भ्रामक बताया, जिनमें कहा गया था कि पाकिस्तान ने UAE के साथ प्रस्तावित समझौता रद्द कर दिया है।

पीएम मोदी खुद अल नाहयान को लेने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे थे।
पाकिस्तान और UAE की 6 महीने पहले हुई थी बातचीत
UAE और पाकिस्तान के बीच अगस्त 2025 में इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन को UAE के हवाले करने पर प्रारंभिक बातचीत शुरू हुई थी। उस समय दोनों पक्ष यह योजना तैयार कर रहे थे कि UAE की एक कंपनी या संस्था इस्लामाबाद एयरपोर्ट का प्रबंधन और संचालन संभालेगी।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक यह कदम पाकिस्तान की आर्थिक चुनौतियों और विदेशी निवेश आकर्षित करने की कोशिशों का हिस्सा माना जा रहा था, क्योंकि पाकिस्तान की उड्डयन (एविएशन) सेक्टर लंबे समय से घाटे में चल रही है और उसे सुधारने की जरूरत थी।
पाकिस्तानी अधिकारियों ने तब यह भी कहा था कि UAE की एयरलाइंस और ऑपरेशनल एक्सपर्टीज इस्लामाबाद एयरपोर्ट की सर्विस में सुधार ला सकती है।

इस्लामाबाद एयरपोर्ट से फिलहाल रोजाना 40 से 50 फ्लाइट्स उड़ान भरती हैं।
दावा- नाहयान का भारत दौरा PAK से डील टूटने की वजह
मीडिया रिपोर्ट्स में UAE-PAK डील टूटने की वजह राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की दिल्ली यात्रा भी बताई जा रही है। नाहयान की भारत यात्रा सिर्फ 2 घंटे की थी। वे 19 जनवरी की शाम करीब 4:30 बजे भारत पहुंचे थे। पीएम मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर उन्हें दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर रिसीव किया था।
दोनों नेताओं के बीच ट्रेड और डिफेंस समेत 9 बड़े समझौते हुए। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि यह दौरा छोटा था, लेकिन बहुत ही महत्वपूर्ण रहा। इस दौरान दोनों नेताओं की मौजूदगी में कई दस्तावेजों का आदान-प्रदान भी किया गया।
UAE के प्रतिनिधिमंडल में अबू धाबी और दुबई के शाही परिवारों के सदस्य और कई सीनियर मंत्री व अधिकारी शामिल थे। इसके अलावा NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक डील टूटने की एक बड़ी वजह यह भी बताया गया कि UAE को लोकल पार्टनर ढूंढ़ने में देरी हो रही थी।

भारत और UAE के मंत्रियों ने मोदी और नाहयान की मौजूदगी में समझौते साइन किए।
पाकिस्तान-UAE के रिश्तों में क्यों आया तनाव?
पाकिस्तान और UAE के बीच दशकों पुराने मजबूत रिश्तों में इन दिनों दरार साफ नजर आ रही है। पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ सितंबर 2025 में एक रक्षा समझौते पर साइन किए थे, इस समझौते UAE के साथ तनाव को और हवा दी है।
समझौते के तहत दोनों देश किसी भी हमले को एक-दूसरे के खिलाफ हमला मानेंगे, जो UAE के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि UAE और सऊदी अरब के बीच पहले से ही बढ़ते विवादों का असर अब पाकिस्तान के साथ रिश्तों पर पड़ रहा है।
सऊदी अरब और UAE, दोनों ही खाड़ी देशों के बड़े खिलाड़ी हैं। यमन गृहयुद्ध में दोनों देशों ने विरोधी गुटों का समर्थन किया है, जिससे उनके संबंधों में गिरावट आई।
सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन में UAE भी शामिल था, पिछले महीने सऊदी ने यमन में UAE के समर्थन वाले अलगाववादी संगठन STC के ठिकानों पर हमले किए। इसके बाद UAE को यमन से अपनी सेना हटाने पर मजबूर होना पड़ा।
इस तनाव का सीधा असर पाकिस्तान-UAE संबंधों पर पड़ा। UAE अब भारत के साथ डिफेंस और आर्थिक सहयोग बढ़ा रहा है, जबकि पाकिस्तान सऊदी और तुर्की के साथ करीब आ रहा है।
जनवरी 2026 में तुर्किये, पाकिस्तान और सऊदी के बीच एक और डिफेंस पैक्ट की चर्चा है, जो UAE के लिए और चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।
पाकिस्तान में सबसे बड़ा इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट
इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पाकिस्तान का सबसे बड़ा और आधुनिक एयरपोर्ट है। यह राजधानी इस्लामाबाद का मुख्य इंटरनेशनल गेटवे है और पुराने बेनजीर भुट्टो इंटरनेशनल एयरपोर्ट की जगह बनाया गया है।
इसका निर्माण 2007 में शुरू हुआ था। करीब 11 साल बाद यह पूरी तरह बनकर तैयार हुआ। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 90 अरब पाकिस्तानी रुपये खर्च हुए, यह पाकिस्तान के सबसे महंगे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल है।
एयरपोर्ट का संचालन मई 2018 में शुरू हुआ था। इसे बढ़ते घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
एयरपोर्ट से औसतन रोजाना 45 से 50 फ्लाइट्स उड़ान भरती हैं। इनमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानें शामिल हैं। यहां से कराची, लाहौर, पेशावर के अलावा मिडिल ईस्ट, यूरोप और एशिया के कई देशों के लिए सीधी फ्लाइट्स हैं।

इस एयरपोर्ट पर दो लंबे रनवे हैं, जिनकी लंबाई करीब 3,600 मीटर है। यहां बड़े वाइड-बॉडी विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ की सुविधा है। (फाइल फोटो)
सरकारी एयरलाइन बेच चुका है पाकिस्तान
पाकिस्तान अपनी सरकार एयरलाइन पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) को बेच चुका है। पिछले महीने 23 दिसंबर को PIA की नीलामी गई।
आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान ने PIA में 75% हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया था। देश के आरिफ हबीब ग्रुप ने 4320 करोड़ रुपए में PIA को खरीदा। सरकार ने 25% हिस्सा अपने पास रखा है।
PIA कई सालों से घाटे में चल रही थी और उस पर भारी कर्ज था। पिछले साल भी सरकार ने इसे बेचने की कोशिश की थी, लेकिन तब सिर्फ एक बहुत कम कीमत की बोली आई थी, जिस वजह से सौदा रद्द हो गया था।

(Bureau Chief, Korba)





