नई दिल्ली: SIR का विरोध… मुख्यमंत्री ममता बनर्जी काली शॉल ओढ़कर CEC से मिली, बोलीं- इलेक्शन कमीशन बीजेपी का IT सेल है, ऐसा झूठा चुनाव आयुक्त कभी नहीं देखा

        नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने सोमवार को स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के खिलाफ काली शॉल ओढ़कर दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) से मुलाकात की। उनके साथ SIR प्रभावित 13 परिवार और TMC के नेता भी थे।

        मुलाकात के बाद ममता ने कहा, “मैं बहुत दुखी हूं। मैं दिल्ली की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हूं। मैं चार बार मंत्री और सात बार सांसद रह चुकी हूं। मैंने आज तक ऐसा अहंकारी और झूठा चुनाव आयुक्त नहीं देखा।

        मैंने उनसे कहा, ‘मैं आपकी कुर्सी का सम्मान करती हूं क्योंकि कोई भी कुर्सी हमेशा के लिए नहीं रहती। एक दिन आपको जाना ही होगा। बंगाल को क्यों निशाना बनाया जा रहा है? चुनाव लोकतंत्र का त्योहार होता हैं, लेकिन आपने 58 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए और उन्हें अपना बचाव करने का मौका नहीं दिया। यह चुनाव आयोग नहीं BJP का IT सेल है।’

        इसके पहले सुबह ममता ने दिल्ली पहुंचते ही कहा कि वे SIR के मुद्दे पर लड़ाई जारी रखेंगी। अगर इस देश में कोई नहीं लड़ेगा, तो मैं लड़ूंगी, हमारी पार्टी लड़ेगी।

        बंग भवन के बाहर दिल्ली पुलिस की तैनाती

        • इस बीच, हेली रोड और चाणक्यपुरी स्थित दोनों बंग भवनों के बाहर दिल्ली पुलिस की भारी तैनाती की गई है। ममता ने आरोप लगाया कि बंगा भवन में ठहरे बंगाल के लोगों को धमकाया जा रहा है। वहां भारी संख्या में पुलिस डराने के लिए तैनात की गई है।
        • ममता ने कहा हमारा मामला सुप्रीम कोर्ट में है। लोगों की मौत हुई है, तो क्या उनके परिवार मीडिया से बात भी नहीं कर सकते?”
        • ममता ने कहा, जब मैं यहां आती हूं तो ये लोग घबरा जाते हैं। मैं चाहती तो लाखों लोगों को साथ ला सकती थी।
        • दिल्ली को “जमींदारी जैसा” बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां गरीबों के लिए जगह नहीं है। ममता ने दिल्ली पुलिस से कहा कि SIR से प्रभावित परिवारों को परेशान न किया जाए। हम यहां न्याय के लिए आए हैं।
        • पुलिस ने बताया कि ममता की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस की तैनाती की गई थी।

        बंगाल में 58 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से कटे

        दरअसल, चुनाव आयोग ने 19 दिसंबर 2025 को पश्चिम बंगाल में हुए SIR की नई वोटर लिस्ट जारी की। ड्राफ्ट रोल के बाद कुल मतदाता 7.08 करोड़ हैं। पहले 7.66 करोड़ थे। कुल 58 लाख 20 हजार से ज्यादा नाम काटे गए हैं।

        पश्चिम बंगाल में सुनवाई प्रक्रिया जारी

        नई लिस्ट जारी होने के बाद अब सुनवाई की प्रक्रिया हो रही है। पहले चरण में उन लगभग 30 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं, जिनके एन्यूमरेशन फॉर्म में प्रोजेनी मैपिंग (वंशावली मिलान) दर्ज नहीं पाई गई है। इसके अलावा विभिन्न जिलों की ‘संदिग्ध’ श्रेणी में शामिल मतदाताओं को भी सुनवाई के लिए बुलाया गया है।

        12 राज्यों में चल रही SIR की प्रोसेस

        फिलहाल देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया चल रही है। अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी को जारी की जाएगी।

        इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR हो रहा है- अंडमान-निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल।

        चुनाव आयोग के अनुसार, 28 अक्टूबर से 3 नवंबर के बीच छपाई और प्रशिक्षण का कार्य हुआ। इसके बाद 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक गणना (एन्यूमरेशन) चरण चला।

        मसौदा मतदाता सूची 9 दिसंबर को प्रकाशित की गई। इसके बाद 9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक दावे और आपत्तियों की अवधि रही।

        नोटिस चरण (सुनवाई और सत्यापन) 9 दिसंबर से 31 जनवरी तक चला, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 7 फरवरी 2026 को किया जाएगा।



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