- मंत्रालय स्थित अनुसूचित जाति विकास विभाग से अधिसूचना जारी
- मुख्यमंत्री होंगे अनुश्रवण समिति के अध्यक्ष
रायपुर (BCC NEWS 24): राज्य शासन द्वारा हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 की धारा 26 की उप धारा (1) के तहत राज्य अनुश्रवण समिति का पुनर्गठन किया गया है इस आशय की अधिसूचना अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने 03 फरवरी को जारी कर दिया है।
जारी अधिसूचना के अनुसार मुख्यमंत्री अनुश्रवण समिति के अध्यक्ष होंगे। अनुसूचित जाति विकास विभाग के मंत्री पदेन सदस्य होंगे। इसी तरह राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के प्रतिनिधि पदेन सदस्य होंगे। समिति में आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्प संख्यक विकास विभाग के प्रमुख सचिव सदस्य-सचिव होंगे।
अनुश्रवण समिति में मुंगेली विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, अहिवारा विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, श्री दिलीप सारथी, श्रीमती सुनिता कुर्रे, श्री राजपाल कसेर, सुश्री उत्तरा प्रहरे को सदस्य मनोनित किया गया है। इसी तरह नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त, जिला पंचायत बिलासपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, एस.ई.सी.रेलवे बिलासपुर के द्वारा नामांकित रेलवे का एक प्रतिनिधि सदस्य होंगे।
वहीं पुलिस महानिदेशक, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के आयुक्त, राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी के संयोजक पदेन सदस्य होंगे।
यह समिति दि प्रॉहिबिशन ऑफ इम्पलायमेंट एज मैनुअल स्केवेंजर्स एण्ड देयर रिहैबिलिशन एक्ट, 2013 की धारा 27 में वर्णित कर्तव्यों का निष्पादन करेगी। इसके साथ ही प्रत्येक छ: माह में एक बार समिति की बैठक आयोजित की जाएगी।

(Bureau Chief, Korba)




