Wednesday, February 11, 2026

            फ्रांस: रिटायर्ड शिक्षक ने 89 नाबालिगों के साथ रेप किया, अपनी मां और मौसी की गला घोंट हत्या की, 50 साल में भारत समेत 9 देशों की लड़कियों को निशाना बनाया

            पेरिस: फ्रांस में एक 79 साल के रिटायर्ड शिक्षक पर 1960 के दशक से 2022 तक 89 नाबालिगों के साथ रेप और यौन शोषण करने का आरोप लगा है। फ्रांस के ग्रेनोबल शहर में अभियोजक एटिएन मंटो ने मंगलवार को इस केस को सार्वजनिक करते हुए पीड़ितों से आगे आने की अपील की।

            न्यूज एजेंसी AP की रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी का नाम जैक लेवुग्ल है। अभियोजक के अनुसार जैक लेवुग्ल ने 1967 से 2022 के बीच भारत, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, मोरक्को, नाइजर, अल्जीरिया, फिलीपींस, कोलंबिया और फ्रांस में नाबालिगों के साथ यौन अपराध किए।

            वह फ्रेंच भाषा के शिक्षक और गुफा अध्ययन (स्पेलियोलॉजी) के ट्रेनर के रूप में काम करता था। साथ ही सभी जगह जाकर युवाओं से मिलता था और उनके साथ यौन संबंध बनाता था।

            पीड़ितों की उम्र 13 से 17 साल के बीच बताई गई है। आरोपी रिटायर्ड शिक्षक 2024 में आरोप तय होने के बाद से हिरासत में है। आरोपी ने अपनी बीमार मां और बुजुर्ग मौसी की हत्या की बात भी कबूल की है।

            USB ड्राइव से सामने आए 89 पीड़ित

            मामला तब सामने आया, जब आरोपी के भतीजे को उस पर शक हुआ। भतीजे ने आरोपी के कमरे की तलाशी ली। वहां उसे एक USB ड्राइव मिली। इस ड्राइव में नाबालिगों के साथ उसके यौन संबंधों की तस्वीरें थीं।

            ड्राइव में 15 हिस्सों में पूरी जानकारी लिखी गई थी। इन लेखों में उसने खुद नाबालिगों के साथ यौन संबंध बनाने की बात दर्ज की थी। जांचकर्ताओं ने इन दस्तावेजों को पढ़कर 89 नाबालिग पीड़ितों की पहचान की।

            आरोपी ने मां और मौसी की गला घोंट हत्या की

            आरोपी ने जांच के दौरान 1970 के दशक में अपनी कैंसर से पीड़ित मां को तकिए से दम घोंटकर मारने की बात कबूली। साथ ही उसने 1990 के दशक में अपनी 92 साल की मौसी की भी तकिए से हत्या करने की बात कही। अभियोजक के अनुसार मौसी ने उसे यात्रा पर जाने से रोका था।

            अभियोजक मंटो ने बताया, “उसने तय किया कि वह उसे भी मार देगा। जब वह सो रही थी, तब उसने तकिए से उसका दम घोंट दिया।” अपने डायरी में आरोपी ने लिखा था कि उसने दो लोगों की हत्या की है।

            इन दोनों मामलों में अलग से हत्या की जांच शुरू की गई है। आरोपी अपने अपराध को यह कहकर सही ठहराता है कि अगर वह खुद जीवन के अंतिम चरण में ऐसी स्थिति में हो, तो वह भी चाहता है कि कोई उसके साथ ऐसा ही करे।

            अभियोजक एटिएन माटो (बाएं) ने कहा कि संदिग्ध का नाम सार्वजनिक करने का निर्णय इसलिए लिया गया ताकि पीड़ित सामने आए और गवाही दे सकें।

            अभियोजक एटिएन माटो (बाएं) ने कहा कि संदिग्ध का नाम सार्वजनिक करने का निर्णय इसलिए लिया गया ताकि पीड़ित सामने आए और गवाही दे सकें।

            फ्रांस के डॉक्टर ने 25 सालों में 299 मरीजों के साथ यौन अपराध किया था

            मई 2024 में फ्रांस की एक अदालत ने रिटायर्ड डॉक्टर जोएल ले स्कुआर्नेक को 20 साल की सजा सुनाई थी। पीड़ितों और बाल अधिकार कार्यकर्ताओं ने कहा था कि इस मामले ने सिस्टम की खामियां उजागर कीं, जिनकी वजह से वह बार-बार अपराध करता रहा।

            जोएल ले स्कुआर्नेक का मामला फ्रांस के इतिहास में सबसे बड़े बाल यौन शोषण मामलों में से एक है। 74 साल के रिटायर्ड डॉक्टर ने 1989 से 2014 तक के 25 सालों में 299 मरीजों के साथ यौन शोषण या बलात्कार किया, जिनमें ज्यादातर बच्चे थे। इनमें से 256 पीड़ित 15 साल से कम उम्र के थे।

            अधिकतर अपराध अस्पतालों में हुए, जहां वह काम करता था। डॉक्टर पीड़ितों को एनेस्थीसिया (बेहोशी की दवा) देकर अपराध करता था। ले स्कुआर्नेक ने खुद इन सभी अपराधों को कबूल किया और कहा कि उसने घिनौने काम किए हैं।

            यह मामला 2017 में सामने आया, जब ले स्कुआर्नेक को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान उसके घर से डायरी और नोटबुक मिले, जिनमें उसने खुद अपने अपराधों के बारे में लिखा था। इनमें 299 पीड़ितों के नाम और घटनाओं का जिक्र था।

            इस स्कैच में जोएल ले स्कुआर्नेक को साल 2025 में मुकदमे के दौरान दिखाया गया है।

            इस स्कैच में जोएल ले स्कुआर्नेक को साल 2025 में मुकदमे के दौरान दिखाया गया है।

            स्कुआर्नेक ने अपनी दो भतीजियों के साथ बलात्कार किया था

            जोएल ले स्कुआर्नेक को पहले 2020 में एक अलग मामले में 15 साल की सजा सुनाई गई थी, जिसमें उसने अपनी दो भतीजियों समेत चार बच्चों के साथ बलात्कार और यौन शोषण किया था। लेकिन मुख्य मामला फरवरी 2025 में वान्स शहर की अदालत में शुरू हुआ, जो तीन महीने से ज्यादा चला।

            28 मई 2025 को अदालत ने उसे अधिकतम 20 साल की सजा सुनाई, जो फ्रांस में यौन अपराधों के लिए सबसे कड़ी सजा है। यह सजा उसकी पिछली 15 साल की सजा के साथ चलेगी। जांच से पता चला कि उसने 1980 के दशक से ही अपराध शुरू कर दिए थे, लेकिन दशकों तक यह किसी को पता नहीं चला।

            पीड़ितों और बाल अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस मामले को सिस्टम की गंभीर खामियों का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में निगरानी की कमी, शिकायतों पर ध्यान न देना और डॉक्टरों की जांच प्रक्रिया में ढिलाई की वजह से वह बार-बार अपराध करता रहा।

            कुछ पीड़ितों ने पहले शिकायत की थी, लेकिन उन्हें गंभीरता से नहीं लिया गया। इस मामले ने फ्रांस में स्वास्थ्य प्रणाली पर सवाल उठाए और बाल संरक्षण कानूनों को मजबूत करने की मांग बढ़ाई। कई पीड़ितों ने अदालत में गवाही दी और मुआवजे की मांग की।


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