Tuesday, February 17, 2026

              BIG NEWS: तारिक रहमान बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री बने, राष्ट्रपति ने संसद भवन में पीएम पद की शपथ दिलाई, 25 कैबिनेट और 24 राज्य मंत्री सरकार में शामिल होंगे

              ढाका: बांग्लादेश में BNP अध्यक्ष तारिक रहमान देश के नए प्रधानमंत्री बन गए हैं। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने संसद भवन में तारिक को पीएम पद की शपथ दिलाई। इसके साथ ही 18 महीने से चल रही अंतरिम सरकार का कार्यकाल खत्म हो गया।

              तारिक रहमान पहली बार प्रधानमंत्री बने हैं। इससे पहले आज दोपहर में BNP के सांसदों ने उन्हें संसदीय दल का नेता चुना था। वह पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया और दिवंगत राष्ट्रपति जियाउर रहमान के बेटे हैं। 17 साल तक लंदन में रहने के बाद वह दो महीने पहले ही बांग्लादेश लौटे थे। अगले पांच साल तक तारिक प्रधानमंत्री पद संभालेंगे।

              रहमान के अलावा 25 कैबिनेट मंत्रियों और 24 राज्य मंत्रियों को भी पद की शपथ दिलाई है। इनमें एक हिंदू मंत्री भी शामिल है। 25 कैबिनेट मंत्रियों में से 17 नए चेहरे हैं। राज्य मंत्रियों में से 24 नए हैं। रहमान भी पहली बार मंत्रिमंडल के सदस्य बन रहे हैं।

              पिछले गुरुवार को हुए आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने 299 में से 209 सीटें जीतकर हुमत के लिए जरूरी 150 के आंकड़े को पार कर लिया था। इसके अलावा 3 सीटों पर उसकी सहयोगी पार्टियों ने जीत हासिल की।

              राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने तारिक रहमान को प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ दिलाई। बाद में दोनों ने हाथ मिलाया।

              तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद हस्ताक्षर किए।

              तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद हस्ताक्षर किए।

              राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मंत्रिमंडल के सदस्यों को शपथ दिलाई।

              राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मंत्रिमंडल के सदस्यों को शपथ दिलाई।

              शपथ ग्रहण समारोह देखने के लिए हजारों लोग संसद भवन के पास पहुंचे।

              शपथ ग्रहण समारोह देखने के लिए हजारों लोग संसद भवन के पास पहुंचे।

              संविधान बदलाव को लेकर सियासी टकराव तेज

              इस बीच संविधान में बदलाव को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है। दरअसल, 12 फरवरी संसद चुनाव के साथ ‘जुलाई चार्टर’ पर जनमत संग्रह भी हुआ था। इसमें 62% लोगों ने ‘हां’ में वोट दिया। जुलाई चार्टर के मुताबिक नई संसद 180 दिनों के लिए संविधान सभा की तरह काम करेगी। इस अवधि के दौरान संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं में बदलाव किए जाते।

              जुलाई चार्टर का मकसद देश में ताकत का एकाधिकार खत्म करना और संतुलन बनाना है। इससे प्रधानमंत्री की ताकत घटती और राष्ट्रपति को अधिकार दिए जाते। BNP ने जुलाई चार्टर पर हस्ताक्षर तो किए थे, लेकिन उसके नेता कई प्रावधानों पर आपत्ति जता रहे हैं। पार्टी का कहना है कि चार्टर तैयार करते समय उनसे सलाह नहीं ली गई थी।

              BNP बोली- संविधान में ऐसी किसी परिषद का प्रावधान नहीं

              BNP के स्टैंडिंग कमिटी सदस्य और सांसद सलाहुद्दीन अहमद ने बताया कि पार्टी के कोई भी सांसद इस परिषद के सदस्य के रूप में शपथ नहीं लेंगे।

              वर्तमान संविधान में ऐसी किसी परिषद का कोई प्रावधान नहीं है और न ही कोई अलग शपथ का फॉर्मेट मौजूद है। उनका कहना है कि संसद सदस्य केवल संसद के लिए चुने गए हैं, संवैधानिक सुधार परिषद के लिए नहीं।

              इस परिषद को वैध बनाने के लिए पहले संविधान में संशोधन करके इसे शामिल करना होगा, फिर संसद में इसे अपनाना होगा और उसके बाद ही शपथ का कोई कानूनी आधार बनेगा। यह परिषद जुलाई चार्टर के तहत संवैधानिक सुधारों को लागू करने के लिए बनाई गई है।

              योजना थी कि नए संसद सदस्य के साथ-साथ इस परिषद के सदस्य भी बनें और दोनों के लिए शपथ लें, लेकिन BNP ने इसे असंवैधानिक बताते हुए केवल संसद सदस्य की शपथ ली है।

              जुलाई चार्टर से PM की ताकत घटेगी, राष्ट्रपति को अधिकार मिलेंगे

              जुलाई चार्टर के तहत PM के लिए जीवनभर कुल 10 साल (या अधिकतम दो टर्म) की सख्त टर्म लिमिट लगाई गई है, ताकि कोई लंबे समय तक सत्ता में न रह सके।

              PM पार्टी चीफ के पद के साथ नहीं रह सकता, इमरजेंसी घोषणा के लिए कैबिनेट और विपक्षी लीडर की लिखित सहमति जरूरी होगी, प्रेसिडेंट की भूमिका मजबूत होगी, जैसे कई स्वतंत्र संस्थाओं के प्रमुखों की नियुक्ति में प्रेसिडेंट को ज्यादा स्वतंत्र अधिकार मिलेंगे, जो पहले PM के प्रभाव में थे।

              बाइकैमरल संसद (उपरी सदन) बनने से PM-केंद्रित नीचली सदन के फैसलों पर कंट्रोल लगेगा और कई संस्थाओं के लिए अलग सेलेक्शन कमिटी बनेंगी, जिससे PM का एकतरफा नियंत्रण कम होगा।

              NCP ने कैबिनेट शपथ-समारोह के बहिष्कार का एलान किया

              NCP ने घोषणा की है कि वह कैबिनेट के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होगी। यह आज शाम 4 बजे होना है। NCP ने दोपहर करीब 1:30 बजे अपने सत्यापित फेसबुक पेज पर यह घोषणा की।

              इससे पहले, NCP के छह निर्वाचित सांसदों ने शपथ ली। उन्होंने संविधान सुधार परिषद के सदस्य के रूप में भी शपथ ली। दूसरी ओर जमात-ए-इस्लामी के नव निर्वाचित सदस्यों ने भी शपथ ले लिया है

              संसद के सदस्यों के रूप में शपथ लेने के बाद, जमात-ए-इस्लामी के और NCP के निर्वाचित संसद सदस्यों ने कॉन्स्टिट्यूशन रिफॉर्म काउंसिल के सदस्यों के रूप में भी शपथ ली। इससे पहले दोनों पार्टियों ने इसमें शामिल नहीं होने की बात कही थी।

              नेशनल पार्लियामेंट में नवनिर्वाचित सांसदों ने शपथ ली

              बांग्लादेश की 13वीं नेशनल पार्लियामेंट के नवनिर्वाचित सदस्यों ने मंगलवार को नेशनल पार्लियामेंट के साउथ प्लाजा में शपथ ली। सुबह करीब 10:42 बजे (स्थानीय समयानुसार) मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने सांसदों को शपथ दिलाई।

              बांग्लादेशी मीडिया प्रथोम ओलो के मुताबिक, यह शपथ ग्रहण समारोह कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित हुआ, जिसमें 1,000 से ज्यादा स्थानीय और विदेशी मेहमान शामिल हुए। शपथ ग्रहण समारोह से पहले कुरान पढ़ी गई।

              मुख्य समारोह शाम 4 बजे शुरू होगा। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन निर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान और उनके शुरुआती मंत्रिमंडल को पद की शपथ दिलाएंगे।

              शपथ ग्रहण समारोह के लिए 13 देशों को आधिकारिक न्योता भेजा गया है, जिनमें भारत, चीन, पाकिस्तान जैसे बड़े नाम शामिल हैं। भारत की ओर से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला बांग्लादेश पहुंचे हैं। उनके साथ विदेश सचिव विक्रम मिश्री भी शामिल होंगे।

              लोकसभा स्पीकर ओम बिरला आज तारिक रहमान के शपथ समारोह में शामिल होने के लिए बांग्लादेश पहुंचे हैं।

              लोकसभा स्पीकर ओम बिरला आज तारिक रहमान के शपथ समारोह में शामिल होने के लिए बांग्लादेश पहुंचे हैं।

              कई देशों और क्षेत्रीय संगठनों के प्रतिनिधि इसमें शामिल होंगे

              व्यक्तिदेश/संगठन
              ओम बिरलालोकसभा स्पीकर, भारत
              शेरिंग तोबगेभूटान के प्रधानमंत्री
              अहसान इकबालप्लानिंग मिनिस्टर, पाकिस्तान
              बाला नंदा शर्माविदेश मंत्री, नेपाल
              अब्दुल्ला खलीलविदेश मंत्री, मालदीव
              नलिंदा जयतिस्सास्वास्थ्य मंत्री, श्रीलंका
              सीमा मल्होत्रायूके इंडो-पैसिफिक अंडर सेक्रेट्ररी

              BNP ने 49 मंत्रियों को कैबिनेट के लिए नॉमिनेट किया, इसमें हिंदू नेता भी शामिल

              BNP ने मंत्रिमंडल के लिए 25 मंत्रियों और 24 राज्य मंत्रियों को नई कैबिनेट के लिए नॉमिनेट किया है। इसमें हिंदू नेता निताई रॉय चौधरी भी शामिल हैं। निताई रॉय चौधरी BNP के प्रमुख उपाध्यक्षों में शामिल हैं और शीर्ष नेतृत्व के वरिष्ठ रणनीतिक सलाहकार माने जाते हैं।

              बांग्लादेश के आम चुनाव में कुल 4 अल्पसंख्यक समुदाय के उम्मीदवार सांसद चुने गए हैं। इनमें दो हिंदू, जबकि दो अन्य बौद्ध समुदाय से हैं। हिंदू नेता में गोयेश्वर चंद्र रॉय और उनके समधी निताई रॉय चौधरी BNP की टिकट से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे।

              तीसरे अल्पसंख्यक सांसद साचिंग प्रू हैं, जो बंदरबन के पहाड़ी जिले से चुने गए। वे मरमा जातीय समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं और BNP के वरिष्ठ नेता हैं। चौथे विजेता दिपेन दीवान रंगामाटी सीट से जीते। वे चकमा समुदाय से आते हैं, जो बौद्ध बहुल जनजातीय समूह है। दिपेन दीवान को भी कैबिनेट के लिए नॉमिनेट किया गया है।

              तारिक रहमान ने कैबिनेट गठन को लेकर वरिष्ठ नेताओं से परामर्श शुरू कर दिया है। हालांकि, किसे कौन सा मंत्रालय मिलेगा, यह शपथ ग्रहण के बाद ही साफ होगा। BNP की स्थायी समिति के सदस्य सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि देश को कैबिनेट का अंतिम स्वरूप देखने के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा।

              निताई रॉय चौधरी 30,878 वोटों से चुनाव जीतें।

              निताई रॉय चौधरी 30,878 वोटों से चुनाव जीतें।

              मंत्रियों के चयन का प्रोसेस जानिए

              पार्टी सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट की अंतिम संरचना का फैसला BNP की स्थायी समिति और अध्यक्ष तारिक रहमान करेंगे। प्रधानमंत्री के रूप में वे अंतिम सूची में कभी भी बदलाव कर सकते हैं।

              आज सांसदों के शपथ लेने के बाद सत्तारूढ़ दल और विपक्ष अलग-अलग बैठक कर अपने संसदीय नेता का चुनाव करेंगे। बहुमत दल का नेता इसके बाद बंगभवन जाकर राष्ट्रपति मोहम्मद शाहाबुद्दीन से मुलाकात करेगा।

              राष्ट्रपति औपचारिक रूप से उसे सरकार बनाने का निमंत्रण देंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री पद के दावेदार मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और उपमंत्रियों की सूची राष्ट्रपति को सौंपेंगे।

              राष्ट्रपति सूची कैबिनेट डिवीजन को भेजेंगे, जो शपथ समारोह की तैयारी पूरी करेगा। कैबिनेट सचिव नामित मंत्रियों को व्यक्तिगत रूप से फोन कर शपथ समारोह में शामिल होने का निमंत्रण देंगे और उनके घरों पर आधिकारिक वाहन भेजे जाएंगे।

              तारिक रहमान ने दो जीती सीटों में से एक छोड़ा

              BNP के चेयरमैन तारिक रहमान ने ढाका-17 सीट को अपने पास रखने और बोगरा-6 सीट को खाली करने का फैसला किया है। 13वीं संसदीय चुनाव में तारिक रहमान ने दोनों सीटों से भारी बहुमत से जीत हासिल की थी।

              ढाका-17 से उन्होंने लगभग 72,699 वोट प्राप्त किए, जबकि बोगरा-6 से उन्होंने 216,284 वोट हासिल कर जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराया था।

              अब तारिक रहमान ने बांग्लादेश निर्वाचन आयोग (ईसी) को एक लिखित पत्र भेजकर बोगरा-6 सीट छोड़ने की औपचारिक घोषणा की है। ईसी के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद ने इसकी पुष्टि की है।

              बांग्लादेश के नियमों (आरपीओ) के अनुसार, जब कोई सांसद दो सीटों से जीतता है और एक सीट छोड़ता है, तो उस खाली सीट पर उपचुनाव कराना होता है। इसलिए बोगरा-6 सीट पर अब उपचुनाव होगा, जिसे ईसी को 90 दिनों के अंदर आयोजित करना होगा।


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