Tuesday, February 17, 2026

              नई दिल्ली: मुंबई तट के पास 3 संदिग्ध तेल टैंकर जब्त, पहचान छिपाने के लिए नाम-झंडा बदला, ईरान बोला- जहाजों से हमारा कोई संबंध नहीं

              नई दिल्ली: भारत ने इस महीने मुंबई तट के पास तीन तेल टैंकर जब्त किए हैं। इंडिया टुडे और रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इन जहाजों के IMO नंबर अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित जहाजों से मेल खाते हैं और इनका ईरान से संबंध होने का शक है।

              हालांकि, ईरान की नेशनल ईरानियन ऑयल कंपनी (NIOC) ने इन जहाजों से किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है। सूत्रों के मुताबिक इन जहानों के नाम स्टेलर रूबी, अस्फाल्ट स्टार और अल जफजिआ (Stellar Ruby, Asphalt Star और Al Jafzia) हैं।

              इन्हें मुंबई तट से लगभग 100 नॉटिकल माइल्स पश्चिम में संदिग्ध गतिविधियों के बाद रोका गया था। बाद में जांच के लिए मुंबई पोर्ट लाया गया है। बताया गया है कि ये जहाज पहचान छिपाने के लिए बार-बार अपना नाम, झंडा और अन्य पहचान बदल रहे थे।

              इन जहाजों की मालिक विदेशी कंपनियां हैं। भारतीय अधिकारियों ने इस कार्रवाई की जानकारी 6 फरवरी को X पर दी थी, लेकिन बाद में वह पोस्ट हटा दी गई।

              इंडियन कोस्ट गार्ड ने निगरानी बढ़ाई

              सूत्रों के अनुसार इस घटना के बाद इंडियन कोस्ट गार्ड ने निगरानी और सख्त कर दी है। 24 घंटे भारत के समुद्री क्षेत्र में निगरानी कर रहे हैं। इसके लिए करीब 55 जहाज और 10-12 विमान तैनात किए गए हैं।

              शिपिंग डेटा से जुड़े सूत्रों के मुताबिक अल जफजिआ ने 2025 में ईरान से जिबूती तक फ्यूल ऑयल पहुंचाया था। स्टेलार रूबी ने ईरान के झंडे के तहत रजिस्टर्ड रहा है। वहीं, अस्फाल्ट स्टार मुख्य रूप से चीन के आसपास के समुद्री रास्तों पर एक्टिव रहा है।

              अमेरिका ने पहले ही इन जहाजों पर लगाए थे प्रतिबंध

              अमेरिका के ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फोरेन असेस्ट्स कंट्रोल (OFAC) ने पिछले साल ग्लोबल पीस, चिल 1 और ग्लोरी स्टार 1 नाम के जहाजों पर बैन लगाया था। उनके IMO नंबर मुंबई में जब्त जहाजों से मेल खाते हैं। इस कारण इन जहाजों के प्रतिबंधों का उल्लंघन कर तेल व्यापार में शामिल होने की आशंका है।

              प्रतिबंधित तेल व्यापार कैसे होता है

              प्रतिबंधित तेल आम तौर पर कम कीमत पर बेचा जाता है, क्योंकि इसमें कानूनी जोखिम ज्यादा होता है। इसे छिपाने के लिए बिचौलिये अक्सर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करते हैं। जहाजों की पहचान बदलते हैं, समुद्र में ही जहाज-से-जहाज ट्रांसफर करते हैं, मालिकों के नाम बदलते हैं।


                              Hot this week

                              रायपुर : सरगुजा जिले में पीएम आवास निर्माण ने पकड़ी रफ्तार

                              एक माह में 1628.60 लाख रुपये अंतरितरायपुर (BCC NEWS...

                              कोरबा: पाली महोत्सव 2026 का भव्य समापन; दिखा संस्कृति, संगीत और नृत्य का अद्भुत संगम

                              दर्शकों के सामने बिखरा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक छटा, भक्ति...

                              Related Articles

                              Popular Categories