इस्लामाबाद: पाकिस्तान में बढ़ते फ्यूल संकट के बीच सरकार ने खर्च कम करने के लिए कई बड़े फैसले किए हैं। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया कि सरकारी कंपनियों और सरकार के अधीन स्वायत्त संस्थानों के कर्मचारियों की सैलरी में 5% से 30% तक कटौती की जाएगी।
सरकार का कहना है कि इन कदमों से जो पैसा बचेगा, उसे लोगों को राहत देने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि अगले दो महीनों तक सरकारी गाड़ियों के लिए फ्यूल का इस्तेमाल 50% तक कम किया जाएगा और करीब 60% सरकारी वाहनों को सड़कों से हटा दिया जाएगा।
इसके अलावा नई सरकारी गाड़ियां खरीदने पर रोक लगा दी गई है। मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों के विदेशी दौरों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है और सरकारी मीटिंग में मिलने वाली फीस भी खत्म करने का फैसला किया गया है।
दरअसल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ने के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत करीब 55 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गई है। इसी वजह से सरकार फ्यूल की खपत कम करने और आर्थिक दबाव घटाने के लिए ये कदम उठा रही है।

(Bureau Chief, Korba)




