मध्य प्रदेश: इंदौर में इलेक्ट्रिक कार टाटा पंच में चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई, जिसने तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में रबर कारोबारी मनोज पुगलिया, उनकी गर्भवती बहू सिमरन सहित 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 लोग घायल हैं।
मारे गए लोगों में से 6 मनोज के रिश्तेदार थे, जो मंगलवार को बिहार के किशनगंज से आए थे। घटना बुधवार तड़के 3.30 से 4 बजे के बीच बंगाली चौराहे के पास ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी की है।
पुलिस के अनुसार, आग ने घर के अंदर रखे गैस सिलेंडरों को अपनी चपेट में ले लिया। इससे एक के बाद एक सिलेंडर फटने लगे। धमाका इतना तेज था कि मकान का एक हिस्सा ढह गया। घर में लगे डिजिटल लॉक खुल नहीं पाए, इसके कारण अंदर सो रहे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।
मुक्तिधाम में एक साथ 7 चिताएं जलीं
रहवासियों ने बताया कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियां सूचना देने के करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंचीं। परिवार ने तिलकनगर मुक्तिधाम में शवों का अंतिम संस्कार किया। एक साथ 7 चिताएं जलीं। बच्चे के शव को दफनाया गया है, जिसे बॉक्स में रखकर लाया गया था।
पीएम-सीएम ने दुख जताया, मृतकों के परिजन को मिलेंगे 2 लाख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्ववीट कर हादसे पर दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिजन को 2-2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की है। एमपी के सीएम मोहन यादव ने भी हादसे में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी।
हादसे से जुड़े फोटोज…

इंदौर में एक साथ सात चिताएं जलीं।

आग ने मकान के तीनों फ्लोर को चपेट में ले लिया था।

कार से फैली आग ने मकान के अलावा बिजली के पोल को भी अपनी चपेट में ले लिया।

मौके से एक बच्चे की डेडबॉडी मिली है।

आग पूरे घर में फैल गई। घर में पॉलिमर केमिकल रखा था। इससे आग और ज्यादा भड़क गई।

शॉर्ट सर्किट के बाद आग घर में रखे एलपीजी सिलेंडर तक पहुंच गई और इनमें ब्लास्ट हो गया।

बिजली सप्लाई बंद होने से डिजिटल लॉक नहीं खुला। ग्रिल काटकर लोगों को निकाला गया।

हादसे के बाद मृतक कारोबारी मनोज के बड़े बेटे सौरभ को सांत्वना देते हुए मेयर पुष्यमित्र भार्गव।

(Bureau Chief, Korba)




