उत्तर प्रदेश: मथुरा में साधु चंद्रशेखर सिंह (45) की ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। वह ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से मशहूर थे। घटना के बाद जमकर हंगामा हुआ। गुस्साए लोगों ने बाबा का शव रखकर हाईवे जाम कर दिया।
बाबा के एक साथी ने दावा किया- शनिवार तड़के बाबा 2 साथियों के साथ ट्रक का पीछा कर रहे थे। ट्रक में गोवंश होने की सूचना थी। ट्रक को ओवरटेक कर बाबा ने सामने बाइक खड़ी कर दी। तभी अचानक ड्राइवर ने रफ्तार बढ़ा दी और बाबा को कुचलते हुए भाग गया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
वहीं, हादसे के बाद एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें बाबा जमीन पर पड़े हैं और उनके पास म्यान के साथ एक तलवार भी पड़ी है। जबकि, राजस्थान नंबर का ट्रक के आगे का हिस्सा डैमेज दिख रहा है।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि शक के आधार पर बाबा एक ट्रक को रोककर चेकिंग कर रहे थे। सुबह कोहरा होने की वजह से पीछे से आ रहे ट्रक ने खड़े ट्रक को टक्कर मार दी। बाबा इसकी चपेट में आ गए। ट्रक चालक भी घायल हो गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। DIG शैलेश पांडे ने साफ किया कि ट्रकों में कोई गोवंश नहीं था।
दरअसल, बाबा की मौत कोसीकलां के कोटवन थाना क्षेत्र में हुई। घटना की जानकारी इलाके में आग की तरह फैली। देखते-ही-देखते हजारों की भीड़ छाता थाना क्षेत्र में दिल्ली-मथुरा हाईवे पर जमा हो गई। उन्होंने बाबा का शव रखकर हाईवे जाम कर दिया। आरोपियों के एनकाउंटर की मांग करने लगे।
शव कब्जे में लेने और जाम खुलवाने पहुंची पुलिस को लोगों ने खदेड़ दिया। पथराव भी किया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी लहूलुहान हो गए। लोगों ने पुलिस की 5 से 6 गाडियों में तोड़फोड़ की। शीशे तोड़ दिए। इस दौरान फायरिंग भी हुई। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। आंसू गैस के गोले छोड़े।
इस बीच, लोग बाबा का शव लेकर आजनौंख गांव में स्थित गोशाला पहुंचे। प्रशासन के सामने बाबा का स्मारक बनाने समेत 6 मांगें रखीं। आश्वासन के बाद बाबा का अंतिम संस्कार किया। CM योगी ने भी मामले का संज्ञान लिया। अफसरों को सख्त कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए कहा- आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।

चंद्रशेखर इलाके में फरसा वाले बाबा नाम से मशहूर थे। गोशाला चलाते थे। गोतस्करी के खिलाफ खुलकर आवाज उठाते थे।
बाबा की मौत की 2 थ्योरी सामने आईं
1. साथी बोले- गोतस्करों का पीछा कर रहे थे, ट्रक से कुचलकर मार डाला
पहली थ्योरी बाबा के साथियों और शिष्यों ने बताई। उनके मुताबिक, बरसाना के आजनौंख गांव में गोशाला चलाने वाले फरसा वाले बाबा को सूचना मिली कि कोसी में नेशनल हाईवे पर एक ट्रक में गोवंश को भरकर ले जाए जा रहे हैं। इस पर बाबा दो शिष्यों के साथ बाइक से निकल गए।
वह जब कोसी में नेशनल हाईवे पर बठन गेट इलाके में पहुंचे तो वहां गोवंश ले जाता ट्रक दिखाई दिया। बाबा ने जब ट्रक को रुकवाने का प्रयास किया तो गोतस्करों ने ट्रक की रफ्तार बढ़ा दी। करीब 7 किलोमीटर पीछा कर बाबा कोटवन चौकी क्षेत्र स्थित नवीपुर गांव पर पहुंचे।
ट्रक को ओवरटेक कर बाइक से उतरे और ट्रक के सामने खड़े हो गए। इस दौरान ट्रक ने रफ्तार बढ़ा दी। बाबा ने दोनों साथियों को धक्का देकर किनारे कर दिया। खुद ट्रक के नीचे आ गए। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। साथी शव लेकर आजनौंख पहुंचे। यहां पंचायत हुई और हाईवे जाम करने का फैसला लिया गया।
2. पुलिस बोली- सड़क हादसे में जान गई, अफवाह से माहौल बिगड़ा
बाबा की मौत मामले में बवाल के करीब 2 घंटे बाद पुलिस और प्रशासन की ओर से बयान जारी किया गया। बताया गया कि सुबह 4 बजे हरियाणा सीमा थाना क्षेत्र कोसी पर वाहन में गोवंश होने की सूचना मिली थी। फरसा वाले बाबा अपने शिष्यों के साथ नगालैंड नंबर के कंटेनर को रोककर चेकिंग कर रहे थे। कंटेनर में साबुन, फिनाइल, शैंपू भरा था।
घने कोहरे की वजह से राजस्थान नंबर के तेल से भरे ट्रक ने कंटेनर को पीछे से टक्कर मार दी। इसकी चपेट में आने से बाबा की मौके पर ही मौत हो गई। ट्रक चालक भी घायल हो गया। इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
लोगों की तरफ से भ्रामक सूचना के कारण जाम और पथराव की घटना हुई। लोगों को समझाया गया। घटना के संबंध में हर पहलू की जांच की जाएगी। लोगों की बात सुनकर उनके आरोपों की भी जांच करेंगे।
अब बवाल की 5 तस्वीरें देख लीजिए-

गुस्साए लोगों ने दिल्ली-कोलकाता हाईवे जाम कर दिया। दोनों तरफ करीब 5 किमी. लंबा जाम लग गया।

देखते-ही-देखते भीड़ बेकाबू हो गई। पुलिस पर पथराव करने लगी।

हालात काबू करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान कई लोग जख्मी हो गए।

पथराव के बाद हाईवे पर ईंट-पत्थर बिछ गईं।

पुलिस ने कई उपद्रवियों को हिरासत में लिया। अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।

भीड़ का तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे।
शव पुलिस को सौंपने से इनकार किया, अंतिम संस्कार से पहले 6 मांगें रखीं
- बवाल के बाद भी गांववालों ने बाबा का शव पुलिस को सौंपने से इनकार कर दिया। शव को आजनौंख गांव की गोशाला में अंतिम दर्शन के लिए रख दिया। प्रशासन के सामने 5 मांगें रखीं। कहा- जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, बाबा का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
- माताजी गोशाला के गोसेवक सुनील सिंह ने बताया- हमने प्रशासन के सामने 6 मांगें रखी हैं। पहली- बाबा को शहीद का दर्जा मिले। दूसरी- बाबा के नाम से स्मारक बने। तीसरी- इलाके में पुलिस चौकी बनाई जाए। चौथी- बाबा के खास 4-5 लोगों को लाइसेंसी हथियार दिए जाएं। पांचवीं- बाबा की गोशाला को सरकार अपने संरक्षण में ले ले। छठी- बवाल के बाद हिरासत में लिए गए लोगों पर मुकदमा नहीं दर्ज किया जाए।
DM बोले- बाबा का समाधिस्थल बनवाया जाएगा
- डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने लोगों को आश्वासन दिया कि बाबा की गोशाला को सहायता दी जाएगी। बाबा का जहां दाह संस्कार होगा, वहां समाधि स्थल बनवाया जाएगा। जिन लोगों को जरूरी होगा, हम उनके लिए लाइसेंस देने पर विचार करेंगे। लेकिन, सिर्फ पात्र लोगों के नाम पर ही विचार किया जाएगा।
- एसएसपी श्लोक कुमार ने कहा- हम बाबा के नाम से यहां पर चौकी बनाएंगे। कोई निर्दोष नहीं फंसेगा। जिसने घटना की थी, वह घायल था। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। आप लोग भी सहयोग कीजिए, जो लोग सही हैं, उनका साथ दीजिए।

लोगों ने पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ की। इस दौरान कई पुलिसकर्मी लहूलुहान हो गए।
अब पढ़िए किसने-क्या कहा?
- सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा- भारतीय जनता पार्टी के लोग कुछ नहीं जानते। वह केवल नफरत फैलाना चाहते हैं। हर परिस्थिति का राजनीतिक फायदा लेना चाहते हैं। अगर साधु बाबा की हत्या हुई है तो मुख्यमंत्री जी को इस्तीफा दे देना चाहिए।
- शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- यूपी सरकार गोरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है। लेकिन, जमीनी स्तर पर स्थिति अलग नजर आती है। घटना में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज हो। पुलिस “दूध का दूध, पानी का पानी” करे।
हालात काबू में, हर पहलू की जांच की जा रही
DIG शैलेश पांडे ने कहा-
हालात काबू में हैं। उपद्रव करने वालों की पहचान की जा रही है। कुछ लोग हिरासत में लिए गए हैं। पथराव करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। सभी तथ्यों की जांच की जा रही है।
एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत ने बताया-
लोगों का आक्रोश था। अब सब सामान्य हो गया है। जाम खुलवा दिया गया है। ज्यादा लोगों को चोट नहीं आई है।

(Bureau Chief, Korba)




