नुसंतारा: इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने साफ कहा है कि उनका देश ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की स्थायी सदस्यता के लिए 1 अरब डॉलर नहीं देगा। उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर जारी वीडियो में बताया कि इंडोनेशिया ने सिर्फ शांति सैनिक भेजने की बात कही है, किसी तरह की आर्थिक मदद का वादा नहीं किया।
‘बोर्ड ऑफ पीस’ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की पहल माना जा रहा है, जिसका मकसद गाजा में युद्ध को रोकने के लिए अमेरिका, कतर और मिस्र के साथ मिलकर काम करना है।
प्रबोवो हाल ही में इस बोर्ड की एक बैठक में शामिल हुए थे, जिसके बाद इंडोनेशिया के कुछ मुस्लिम संगठनों ने उनके रुख की आलोचना की। उन्होंने गाजा के लिए करीब 8,000 शांति सैनिक भेजने का प्रस्ताव रखा था, जिस पर भी सवाल उठे।
प्रबोवो ने यह भी कहा कि अगर यह पहल फिलिस्तीन के लोगों के हित में नहीं रही या इंडोनेशिया के राष्ट्रीय हितों के खिलाफ गई, तो उनका देश इससे अलग होने का फैसला भी ले सकता है।

(Bureau Chief, Korba)




