हरियाणा: झज्जर में बेकाबू कैंटर ने 7 लोगों को रौंदा, 3 की मौत, महिला सहित चार लोग गंभीर घायल; फ्लाईओवर के 2 पिलर के बीच फंसकर रुका

              हरियाणा: प्रदेश के झज्जर में सोमवार की दोपहर एक कैंटर ने सात लोगों को कुचल दिया। इस हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा तेज रफ्तार की वजह से हुआ।

              प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे की शुरुआत मामा चौक से हुई। पहले टैंकर ड्राइवर ने सड़क पार कर रहे दो युवकों को कुचला। इसके बाद भी ड्राइवर नहीं रुका और तेज गति से सेक्टर-9 की तरफ कैंटर दौड़ा दिया। इसी भागमभागम में कई और लोगों को भी चपेट में ले लिया।

              इनमें एक और बाइक सवार युवक की मौत हो गई, जबकि चपेट में आकर ऑटो सवार महिला समेत चार घायल हो गए। इसके बाद बेकाबू कैंटर फ्लाईओवर के दो पिलर के बीच फंस कर रुक गया तो ड्राइवर कूदकर कर फरार हो गया।

              हादसे के बाद सड़क पर अफरातफरी मच गई। पुलिस के आने तक शव सड़क पर ही पड़े रहे। इसके बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लिया और लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने देर शाम आरोपी चालक को राउंडअप कर लिया है।

              बहादुरगढ़ में हुए हादसे के कुछ PHOTOS….

              हादसे के बाद मृतकों की लाशें पुलिस के आने तक सड़क पर ही पड़ी रहीं।

              हादसे के बाद मृतकों की लाशें पुलिस के आने तक सड़क पर ही पड़ी रहीं।

              कैंटर की चपेट में आने से घायल हुए लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया।

              कैंटर की चपेट में आने से घायल हुए लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया।

              घायल लोगों को डॉक्टरों ने तुरंत उपचार दिया।

              घायल लोगों को डॉक्टरों ने तुरंत उपचार दिया।

              पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम हाउस में रखवा दिया।

              पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम हाउस में रखवा दिया।

              यहां सिलसिलेवार ढंग से जानिए कैसे हुआ हादसा…

              मामा चौक पर हुआ हादसा, पहले 2 युवकों को मारी टक्कर

              जानकारी अनुसार, हादसा बहादुरगढ़ में दिल्ली-रोहतक रोड पर स्थित आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र (MIE) के मामा चौक पर सोमवार की दोपहर हुआ। चौक की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार कैंटर (HR-63E-4325) ने सड़क पार कर रहे दो युवकों को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

              युवकों को टक्कर मारने के बाद बाइक सवार को रौंदा

              पहले हादसे के बाद ड्राइवर रुका नहीं, बल्कि पकड़े जाने के डर से कैंटर को और तेज भगाते हुए सेक्टर-9 की तरफ ले गया। यहां कैंटर ने एक मोटरसाइकिल को रौंद दिया। इस हादसे में कानोंदा निवासी योगेंद्र (30) की मौत हो गई, जबकि उसका भतीजा प्रवीण गंभीर पुत्र रामकुमार रूप से घायल हो गया।

              ऑटो को मारी टक्कर, महिला सहित 3 चपेट में आए

              इसके बाद बेकाबू कैंटर ने एक ऑटो को जोरदार टक्कर मारी। ऑटो में सवार लाइनपार निवासी प्रेम (महिला), उनके पति कृष्ण और ड्राइवर जयवीर घायल हो गए। कई लोगों ने इधर-उधर भाग कर अपनी जान बचाई। हादसे के बाद सड़क पर अफरा तफरी मच गई।

              पुलिस ने लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया

              इसके बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने आसपास के लोगों की मदद से घायल लोगों को उठाकार बहादुरगढ़ सिविल अस्पताल में पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने अशोक (32) निवासी छपरा (बिहार) और शंभू (22) निवासी छपरा (बिहार) और हरियाणा के कानोंदा निवासी योगेंद्र (30 वर्ष) को मृत घोषित कर दिया। महिला प्रेम को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया।

              फ्लाईओवर के पिलर के बीच फंसा कैंटर।

              फ्लाईओवर के पिलर के बीच फंसा कैंटर।

              पिलर के बीच में फंसकर रुका कैंटर, ड्राइवर फरार

              उधर, ऑटो में टक्कर मारने के बाद भी ड्राइवर कैंटर को दौड़ाता रहा। ड्राइवर तेज रफ्तार से नजफगढ़ फ्लाईओवर की ओर बढ़ा, लेकिन कैंटर अनियंत्रित होकर फ्लाईओवर के नीचे दो पिलर के बीच फंस गया। इसके बाद ड्राइवर कैंटर को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया।

              3 मौतें, 4 घायल; चालक पुलिस राउंडअप किया

              एसएचओ जमील अहमद ने बताया कि पुलिस ने आरोपी कैंटर ड्राइवर को राउंडअप कर लिया है। वह मूल रूप से बिहार के छपरा का ही रहने वाला है। कैंटर के मालिक का नाम सतीश पुत्र हवासिंह है। ड्राइवर दिल्ली के कीर्ति नगर से कैंटर लेकर आया था। जांच की जा रही है कि ड्राइवर ने नियंत्रण कैसे खोया, वह लापरवाही से वाहन चला रहा था या हादसे के पीछे कोई और वजह थी।

              बिहार के रहने थे दो मृतक, बहादुरगढ़ मेंकरते थे नौकरी

              एसएचओ जमील अहमद ने बताया कि मृतक अशोक मोहन बहादुरगढ़ की जेसी एलाइज कंपनी में काम करता था, जबकि शंभू बहादुरगढ़ के ही सेक्टर-17 स्थित एक कंपनी में कार्यरत था। पुलिस के मुताबिक दोनों युवक दिल्ली की कच्ची कॉलोनी में रहकर बहादुरगढ़ में नौकरी करते थे। आरोपी


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