इस्लामाबाद: अमेरिका-ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर बयानबाजी तेज हो गई है। ईरान के उप संसद अध्यक्ष हाजी बाबाई ने कहा है कि यह स्ट्रेट ईरान के कंट्रोल में है। उन्होंने इसे तेहरान की रेड लाइन बताया और कहा कि यहां से गुजरने वाले जहाजों को ईरानी करेंसी रियाल में टोल देना होगा।
इससे पहले कल अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने दावा किया था कि अमेरिका इस रास्ते से बिछी बारूदी माइंस हटा रहा है। उन्होंने कहा था कि यह समुद्री रास्ता जल्द ही खुल जाएगा। अमेरिकी सेना ने भी दावा किया था कि उनके जहाज इस रास्ते से गुजर चुके हैं।
हालांकि कुछ देर बाद ही ईरान ने अमेरिका के इन दावों को गलत बताया था। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने चेतावनी दी थी कि अगर कोई सैन्य जहाज यहां से गुजरने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ईरान और अमेरिका के बीच कल पाकिस्तान में 21 घंटे चली शांति वार्ता बेनतीजा रही। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों के बीच होर्मुज स्ट्रेट खोलने और न्यूक्लियर प्रोग्राम पर पेंच फंसा है।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस्लामाबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उनके पीछे ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर (सबसे बाएं) और मिडिल ईस्ट में ट्रम्प सरकार के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ खड़े हैं।

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मिलने जाते हुए।

अमेरिकी डेलिगेशन का नेतृत्व कर रहे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस्लामाबाद में शहबाज शरीफ से मुलाकात की।

ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने इस्लामाबाद में शहबाज शरीफ से मुलाकात की।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स
पाकिस्तान में बातचीत बेनतीजा: अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की इस्लामाबाद में ईरान के साथ बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला। वेंस ने कहा कि हमें पूरी तरह भरोसा चाहिए कि ईरान न तो परमाणु हथियार बनाएगा और न ही ऐसी तैयारी करेगा जिससे वह जल्दी हथियार बना सके।
अमेरिका ने माइंस हटाने का अभियान शुरू किया: अमेरिकी सेना के सेंटकॉम (CENTCOM) ने कहा है कि अमेरिकी युद्धपोत समुद्री रास्ते को सुरक्षित बनाने की तैयारी कर रहे हैं। आरोप है कि ईरान ने इस अहम समुद्री मार्ग में बारूदी सुरंगें बिछाई हैं।
नेतन्याहू बोले- अभियान अभी खत्म नहीं: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई अभी खत्म नहीं हुई है। उनका कहना है कि हमले इसलिए किए गए क्योंकि ईरान परमाणु हथियार बनाने के करीब था। उन्होंने दावा किया कि इन हमलों से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
इमोशनल मैसेज: ईरानी संसद के स्पीकर गालिबाफ शुक्रवार रात प्लेन में बच्चों की तस्वीरें रखकर पाकिस्तान पहुंचे। ये बच्चे 28 फरवरी को मिसाइल हमले में मारे गए थे। इसका इल्जाम अमेरिका-इजराइल पर लगा था।
लेबनान में हमले जारी: लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, तुफाहता इलाके में हुए हमलों में 9 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 5 की हालत गंभीर है।

(Bureau Chief, Korba)




