रायपुर : ज्ञान भारतम अभियान : देवरी एवं खैरवार में प्राप्त हुई महत्वपूर्ण पांडुलिपियां

            गांव-गांव हो रहा सर्वे, सैकड़ों वर्ष पुरानी धरोहरों का संरक्षण शुरू

            रायपुर (BCC NEWS 24): प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश की समृद्ध ज्ञान-विज्ञान परंपरा को संरक्षित करने के उद्देश्य से “ज्ञान भारतम्” एप के माध्यम से पांडुलिपियों के सर्वेक्षण का व्यापक अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में मुंगेली जिले में भी गांव-गांव स्तर पर प्राचीन पांडुलिपियों की खोज और संरक्षण का कार्य तेज गति से जारी है। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार तथा डिप्टी कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी श्री मायानंद चन्द्रा के नेतृत्व में मास्टर ट्रेनर्स श्री लेखराम राहू एवं श्री तीरथप्रसाद बड़गईयाँ द्वारा जिले के विभिन्न गांवों में पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्य किया जा रहा है।

            सर्वेक्षण के दौरान ग्राम देवरी में श्री गोपचन्द्र शेण्ड्रे के पास उनके पिता स्वर्गीय भगऊ शेण्ड्रे द्वारा हस्तलिखित दो महत्वपूर्ण पांडुलिपियां प्राप्त हुई हैं। इनमें से एक पांडुलिपि लगभग 376 पृष्ठों की है, जबकि दूसरी में 62 पृष्ठ हैं। इन ग्रंथों में बाबा गुरु घासीदास जी के जीवन चरित्र, उनके आदर्शों, जीव की उत्पत्ति, सृष्टि एवं आयुर्वेद जैसे विषयों का उल्लेख पाया गया है, जो क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को दर्शाता है। इसी प्रकार विकासखंड लोरमी के ग्राम खैरवार में श्री द्वारिका प्रसाद चतुर्वेदी के यहां भी लगभग 200 वर्ष पुरानी पांडुलिपियां प्राप्त हुई हैं। ये पांडुलिपियां देवनागरी लिपि में हैं, जिनकी भाषा संस्कृत और हिंदी का मिश्रण प्रतीत होती है। इस प्रकार की दुर्लभ पांडुलिपियों का मिलना जिले के लिए गौरव का विषय है।

            जिले में पांडुलिपियों के सर्वे का कार्य लगातार जारी है और आने वाले समय में और भी महत्वपूर्ण धरोहर मिलने की संभावना जताई जा रही है। कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अपने घरों में सुरक्षित पुरखों की धरोहरों को “ज्ञान भारतम” एप के माध्यम से पंजीकृत कर संरक्षित करें, ताकि आने वाली पीढ़ियां इस अमूल्य विरासत से लाभान्वित हो सकें। 


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