रायपुर : सुशासन की मिसाल : आवेदन देने पहुँची महिला को मौके पर ही मिली डिजिटल किसान किताब

            ​रायपुर (BCC NEWS 24): मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा के मार्गदर्शन में जिला बलौदाबाजार-भाटापारा में चलाए जा रहे सुशासन तिहार का सकारात्मक असर अब धरातल पर दिखने लगा है। भाटापारा में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में एक ऐसा ही मामला सामने आया, जहाँ सरकारी तंत्र की सक्रियता ने एक हितग्राही की चिंता को पल भर में मुस्कान में बदल दिया।

            ​समस्याओं का हो त्वरित समाधान-मंत्री श्री टंक राम वर्मा

            राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने सुशासन तिहार के शुभारंभ के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए थे कि आम जनता को तहसील और दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, बल्कि प्रशासन खुद जनता के पास पहुँचे। समस्याओं का अधिकारी त्वरित निराकरण करें, इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी विजन का लाभ ग्राम मुड़ीपार निवासी देवकी साहू को मिला। शासन की मंशानुसार जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए आयोजित श्सुशासन तिहारश् आज एक हितग्राही के लिए सुखद आश्चर्य लेकर आया। भाटापारा में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में जब देवकी साहू अपनी माता की भूमि के फौती नामांतरण की गुहार लगाने पहुँची, तो उन्हें पता चला कि प्रशासन उनकी समस्या का समाधान पहले ही कर चुका है। ​समस्या लेकर पहुँची थीं शिविर में ​ग्राम मुड़ीपार निवासी श्रीमती देवकी साहू ने भाटापारा और हथनीपारा स्थित अपनी पैतृक भूमि के नामांतरण के लिए शिविर में आवेदन प्रस्तुत किया था। उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि उनके द्वारा दो माह पूर्व दिए गए आवेदन पर राजस्व विभाग पहले ही कार्रवाई पूर्ण कर चुका है।

            ​प्रशासन की तत्परता आई सामने

            एसडीएम भाटापारा ने मामले की जांच की तो सुखद तथ्य सामने आए। ​मुड़ीपार एवं भाटापारा इन दोनों ग्रामों का फौती नामांतरण रिकॉर्ड 21 और 23 अप्रैल 2026 को ही दुरुस्त किया जा चुका था। ​हथनीपारा ग्राम की संबंधित भूमि पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के कारण तकनीकी रूप से नामांतरण संभव नहीं था, जिसकी स्पष्ट जानकारी आवेदिका को दी गई।

            ​मौके पर हुआ समाधान, खिले चेहरे

            जब देवकी साहू को यह पता चला कि उनका काम पहले ही हो चुका है, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। एसडीएम ने बिना समय गंवाए मौके पर ही ​दोनों ग्रामों का बी-1 खसरा प्रदान किया गया।

            ​आवेदिका को डिजिटल किसान किताब सौंपी

            श्रीमती देवकी साहू ने कहा कि मुझे अंदाजा नहीं था कि सरकार इतनी तेजी से काम कर रही है। मैं तो आज आवेदन देने आई थी, लेकिन मुझे यहाँ बना-बनाया प्रमाण पत्र मिल गया। मैं प्रशासन की इस कार्यप्रणाली से बेहद संतुष्ट और खुश हूँ।

            ​सुशासन का संदेश

            यह प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाती है कि सुशासन तिहार केवल आवेदन जमा करने का माध्यम नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रतीक बन चुका है। जहाँ एक ओर रिकॉर्ड समय में नामांतरण की प्रक्रिया पूरी की गई, वहीं दूसरी ओर शिविर के माध्यम से हितग्राही को तत्काल दस्तावेज सौंपकर सुशासन की अवधारणा को धरातल पर उतारा गया।


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