रायपुर : सुशासन तिहार बना किसानों की उम्मीद

              गांव-गांव पहुंच रहे अफसर, मौके पर हो रहा समस्याओं का समाधान

              रायपुर (BCC NEWS 24): छत्तीसगढ़ में चल रहा ‘सुशासन तिहार’ अब सिर्फ सरकारी अभियान नहीं, बल्कि ग्रामीणों की जिंदगी में बदलाव की नई उम्मीद बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रशासन गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान कर रहा है। इसका असर अब ग्रामीण इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। अंबिकापुर विकासखंड के ग्राम बड़ादमाली में रहने वाले किसान मंजीत दास की कहानी इसी बदलती व्यवस्था की मिसाल बन गई है। ग्राम नवापारा कला निवासी मंजीत दास लंबे समय से नई ऋण पुस्तिका नहीं मिलने की समस्या से जूझ रहे थे। ऋण पुस्तिका के अभाव में उन्हें खाद, बीज और खेती से जुड़ी दूसरी सुविधाओं का लाभ लेने में दिक्कत हो रही थी। कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने के बाद भी समाधान नहीं निकल पा रहा था। इसी बीच गांव में आयोजित सुशासन तिहार शिविर की जानकारी मिलने पर मंजीत दास ने अपनी समस्या दर्ज कराई।

              शिविर में मौजूद राजस्व विभाग के अधिकारियों ने तत्काल आवेदन पर कार्रवाई की और उन्हें नई ऋण पुस्तिका उपलब्ध करा दी। वर्षों से अटकी समस्या का समाधान हाथों-हाथ मिलने से मंजीत दास के चेहरे पर राहत और संतोष साफ नजर आया। नई ऋण पुस्तिका मिलने के बाद मंजीत दास ने खुशी जताते हुए कहा कि अब उन्हें समय पर खाद-बीज मिलने में परेशानी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि पहले छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब अधिकारी खुद गांव पहुंचकर समस्याएं सुन रहे हैं और तत्काल समाधान कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और प्रशासन का आभार जताया।

              प्रदेश सरकार का यह अभियान प्रशासन की पारंपरिक छवि बदलता नजर आ रहा है। पहले जहां राजस्व से जुड़े मामलों में लोगों को महीनों इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब नामांतरण, बंटवारा और ऋण पुस्तिका जैसे मामलों का निपटारा शिविरों में तेजी से किया जा रहा है। सुशासन तिहार के जरिए प्रशासन सीधे ग्रामीणों तक पहुंच रहा है। अधिकारी गांवों में चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और कई मामलों का समाधान मौके पर ही किया जा रहा है। यही वजह है कि ग्रामीणों, खासकर किसानों में इस पहल को लेकर उत्साह बढ़ा है। राज्य सरकार का जोर इस बात पर है कि योजनाओं और सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। सुशासन तिहार सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रशासन और आम लोगों के बीच भरोसे का नया सेतु बनता जा रहा है।


                              Hot this week

                              Related Articles

                              Popular Categories