BIG NEWS: थाईलैंड फ्लाइट में बैठने से 4 घंटे पहले पंजाब का युवक लापता, अगले दिन झाड़ियों में मिली लाश; गायब आईफोन की आखिरी लोकेशन MP में ट्रैक, मर्डर मिस्ट्री में उलझी पुलिस

              हरियाणा: करनाल में बसताड़ा के पास झाड़ियों में मिले युवक के शव की पहचान होने के बाद मर्डर मिस्ट्री और उलझ गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मूलरूप से होशियारपुर निवासी मानव को 15 मई की रात दिल्ली से थाईलैंड की फ्लाइड में बैठना था। फ्लाइट से 4 घंटे पहले वह होटल से लापता हुआ। उसे दो युवक दस्तावेजों के बहाने साथ ले गए।

              परिवार से 15 मई की देर रात तक उसकी बात होती रही, लेकिन फिर अचानक फोन बंद हो गया। अगले दिन शव करनाल में मिला। अब पुलिस दिल्ली से लेकर करनाल तक पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। उसकी पत्नी व जुड़वा बेटे 15 मई की सुबह ही फ्लाइट से मलेशिया गए थे। परिवार एजेंट पर शक जता रहा है। मानव का आई-फोन गायब है, जिसकी आखिरी लोकेशन मध्य प्रदेश में मिली है।

              16 मई को मानव का करनाल में शव मिला था।

              16 मई को मानव का करनाल में शव मिला था।

              सिलसिलेवार पढ़ें…दिल्ली होटल से गायब होने से लाश मिलते तक की कहानी

              दिल्ली के होटल से बुलाकर ले गए, फिर नहीं लौटा युवक

              होशियारपुर के सांदरा गांव के मानव (33) की मां मंजू ने बताया कि 14 मई को पूरा परिवार दिल्ली पहुंचा था। मानव की पत्नी रेशमी और जुड़वां बेटे 15 मई की सुबह मलेशिया के लिए रवाना हो गए। मानव अपनी मां के साथ होटल में रुका हुआ था। उसकी 15 मई की रात करीब 11ः30 बजे की थाईलैंड के लिए फ्लाइट थी।

              मंजू के मुताबिक फ्लाइट से 3-4 घंटे पहले यानी करीब 8 साढ़े 8 बजे दो युवक होटल पहुंचे। इनमें एक युवक सरदार था। दोनों ने कहा कि एजेंट ने उन्हें भेजा है और कुछ दस्तावेजों पर साइन करवाने हैं। वे मानव को अपने साथ ले गए और 10-15 मिनट में वापस छोड़ने की बात कही, लेकिन वह वापस नहीं लौटा।

              रात 1:40 बजे तक मां से बात हुई, फिर फोन बंद

              परिजनों के अनुसार 15 मई की रात करीब 1:40 बजे तक मानव का फोन चालू था और उसकी मां से बात भी हुई थी। इसके बाद मोबाइल बंद हो गया। परिवार ने अपने स्तर पर तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। 16 मई सुबह 7ः30 बजे करनाल में झाड़ियों में शव मिला। हालांकि उसकी शिनाख्त 18 मई को हुई। जिसके बाद परिवार को जानकारी दी गई।

              बाजू पर अंग्रेजी में ‘गोल्डी’, ‘लक्की’ और ‘आदी’ लिखा हुआ था। हाथ में कड़ा पहना हुआ था। इन पहचान चिन्हों के आधार पर पुलिस ने शव की फोटो अलग-अलग थानों और अन्य राज्यों में भेजी थी। जिससे शिनाख्त में मदद मिली।

              मानव के बारे में बताती उसकी मां मंजू बाला।

              मानव के बारे में बताती उसकी मां मंजू बाला।

              शव के साथ नहीं मिला फोन और पर्स, लूट की आशंका भी

              मंजू का कहना है कि मानव की जेब में सिर्फ तीन हजार रुपए नकद मिले। उसके पास मलेशिया का ड्राइविंग लाइसेंस, एटीएम कार्ड और अन्य जरूरी कागजात थे। उसके पास आईफोन भी था, लेकिन शव मिलने के बाद इनमें से कोई भी सामान बरामद नहीं हुआ। ऐसे में लूट की आशंका भी जताई जा रही है।

              मलेशिया में हुई थी शादी, जुड़वा बच्चों का पिता था मानव

              मानव की पत्नी रेशमी मूल रूप से मलेशिया की रहने वाली है। मानव करीब 10 साल पहले मलेशिया गया था और एक साल बाद उसने रेशमी से शादी कर ली थी। शादी के बाद उनके जुड़वां बेटे हुए। जिनकी उम्र करीब साढ़े छह साल है। पति-पत्नी मलेशिया में ड्राइविंग करते थे। मानव ट्रक चलाता था। जनवरी में मानव परिवार के साथ होशियारपुर आया था। अब उसे लौटना था।

              करनाल में अस्पताल के बाहर विलाप करता मानव का बेटा।

              करनाल में अस्पताल के बाहर विलाप करता मानव का बेटा।

              पुलिस की जांच में अभी ये सवाल

              फ्लाइट का अलग-अलग रूट क्यों

              मानव की मलेशियन मूल की पत्नी और बच्चों के टिकट सीधे मलेशिया के लिए थे, जबकि मानव का टिकट वाया थाईलैंड था। पुलिस जांच कर रही है कि क्या मानव को थाईलैंड में कोई काम था? क्या थाईलैंड जाने की योजना के पीछे कोई और कारण तो नहीं था? क्या इस पूरे मामले में किसी एजेंट की भूमिका है?

              एजेंट और संदिग्ध युवकों की तलाश

              मामले के जांच अधिकारी लछमन ने बताया कि पोस्टमॉर्ट के बाद 19 मई की शाम को शव परिजनों को सौंप दिया गया। चूंकि युवक को दिल्ली से ले जाया गया था, इसलिए आगे की जांच दिल्ली पुलिस करेगी। पुलिस अब होटल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है, ताकि दोनों संदिग्ध युवकों की पहचान हो सके। साथ ही उस एजेंट तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है, जिसने मानव का वीजा लगवाया था। यह भी जांच का विषय है कि क्या वाकई एजेंट ने ही युवकों को भेजा था या फिर कोई और साजिश थी।

              क्या युवकों का जानता था मानव

              मानव की मौत के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। क्या वह उन दोनों युवकों को जानता था, जो उसे होटल से लेकर गए? अगर उन्हें एजेंट ने भेजा था तो उसने एजेंट से पुष्टि क्यों नहीं की? क्या यह किसी प्रकार की रंजिश का मामला है या फिर लेन-देन का विवाद? परिजनों के अनुसार उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। ऐसे में पुलिस अब हर एंगल से जांच कर रही है।

              पत्नी से आखिरी बातचीत अहम कड़ी

              रेशमी ने बताया कि 15 मई की सुबह मानव ने उन्हें (पत्नी व बेटों) एयरपोर्ट पर छोड़ा। उसके बाद होटल लौटा। रेशमी के अनुसार 15 मई की रात 11:50 बजे तक उसकी मानव से फोन पर बात हुई थी। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया। बाद में सास से पता चला कि मानव लापता है। यह सुनकर वह 18 मई की रात बच्चों के साथ वापस भारत आ गई। मां मंजू ने बताया कि मानव के गायब आई-फोन की आखिरी लोकेशन 18 मई को मध्य प्रदेश की मिली है।


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