विद्यार्थियों ने चित्रकला, कविता और नृत्य के माध्यम से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
रायपुर (BCC NEWS 24): विश्व जैव विविधता दिवस के अवसर पर बीजापुर वन मंडल द्वारा इंद्रावती टाइगर रिजर्व एवं नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी के सहयोग से तेंदूपत्ता हॉल, बीजापुर में एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और आम नागरिकों को जैव विविधता संरक्षण तथा पर्यावरण संवर्धन के प्रति जागरूक करना था।

प्रमुख गतिविधियां और विद्यार्थियों की सहभागिता
कार्यक्रम में स्वामी आत्मानंद विद्यालय, बीजापुर के समर कैंप के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने चित्रकला, स्वरचित कविता पाठ और ज्ञानवर्धक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां (नृत्य) प्रतियोगिताओं के माध्यम से पर्यावरण और जैव विविधता बचाने का सशक्त संदेश दिया। नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव बोर्ड के सदस्य श्री एम. सूरज ने क्षेत्र में पाए जाने वाले संकटग्रस्त जीवों (जैसे- ऊदबिलाव, वनभैंसा, दुर्लभ सर्प) पर आधारित वीडियो फिल्म दिखाकर लोगों को वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक किया।
विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और संदेश
सेवानिवृत्त कृषि विकास अधिकारी एवं जैव विविधता विशेषज्ञ श्री बी. राव गोडबोले ने स्थानीय औषधीय पौधों के महत्व और उनके पारंपरिक उपयोगों की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने बीजापुर क्षेत्र में पाए जाने वाले दुर्लभ पौधों के बीजों का निःशुल्क वितरण भी किया। इंद्रावती टाइगर रिजर्व के उप संचालक श्री संदीप बलागा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कहा कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जैव विविधता का संरक्षण और उसका सतत उपयोग आज बेहद आवश्यक है। उप वन मंडलाधिकारी श्री अजय कावरे और श्री मनोज बघेल ने भी वर्तमान समय में जैव विविधता के असंतुलन से होने वाले खतरों और इसके संरक्षण की तात्कालिक आवश्यकता पर अपने विचार साझा किए।
सामूहिक सहभागिता और टीम का सहयोग
इस वृहद कार्यक्रम को सफल बनाने में बीजापुर की रेंज अधिकारी सुश्री दीक्षा बर्मन की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनके प्रयासों से वन विभाग, विभिन्न तकनीकी विशेषज्ञों, विद्यार्थियों और आमजन के बीच एक बेहतर समन्वय स्थापित हो सका। कार्यक्रम में बीजापुर वन मंडल, इंद्रावती टाइगर रिजर्व के रेंज अधिकारियों, वन अमले और मैदानी कर्मचारियों सहित नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी की ओर से भूपेंद्र जगत, ऋषभ और मनीषा ने अपनी सक्रिय सेवाएं दीं। यह कार्यक्रम वन मंडलाधिकारी श्री रमेश जांगड़े एवं उप वन मंडलाधिकारी श्री देवेंद्र गोंड के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस आयोजन के माध्यम से जन-जन को पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने के प्रति जागरूक करने का एक बेहद सार्थक और प्रभावी प्रयास किया गया।

(Bureau Chief, Korba)




