रायपुर : जीपीएम पुलिस को मिली हाईटेक मोबाइल फॉरेंसिक वैन, अत्याधुनिक तकनीक से अपराध अनुसंधान को मिलेगी नई रफ्तार

              घटनास्थल पर ही होगी त्वरित वैज्ञानिक जांच, कलेक्टर, जेएमएफसी और जनप्रतिनिधियों ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

              कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों को साक्ष्य संकलन और संरक्षण का दिया गया प्रशिक्षण

              रायपुर (BCC NEWS 24): अपराध अनुसंधान को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने की दिशा में जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही पुलिस को एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देने तथा अपराध विवेचना को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से जिला जीपीएम पुलिस को लगभग 65 लाख रुपये की लागत से निर्मित अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्रदान की गई है। पेंड्रारोड सर्किट हाउस में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन, जेएमएफसी सुश्री सीमा जगदल्ला और जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने वैन को हरी झंडी दिखाकर जिले की सेवा के लिए रवाना किया।

              जीपीएम पुलिस को मिली हाईटेक मोबाइल फॉरेंसिक वैन, अत्याधुनिक तकनीक से अपराध अनुसंधान को मिलेगी नई रफ्तार

              घटनास्थल पर ही होगी त्वरित वैज्ञानिक जांच

              इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के अवसर पर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए एक विशेष कार्यशाला व प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि किसी भी आपराधिक मामले की तह तक पहुंचने में घटनास्थल से प्राप्त वैज्ञानिक साक्ष्य सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। वैन के माध्यम से अब अपराधियों तक शीघ्रता और सटीकता से पहुंचने के लिए घटनास्थल का वैज्ञानिक एवं सूक्ष्म निरीक्षण किया जा सकेगा। पुलिस बल को फिंगरप्रिंट, जैविक नमूने (डीएनए), रक्त के धब्बे, बाल, फाइबर और डिजिटल साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन की आधुनिक विधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। साक्ष्य एकत्र करते समय बरती जाने वाली तकनीकी सावधानियों, उनके सुरक्षित संरक्षण, पैकेजिंग और दस्तावेजीकरण के नियमों को समझाया गया ताकि न्यायालय में उनकी वैधानिकता अक्षुण्ण रहे।

              आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित है फॉरेंसिक लैब

              प्रशिक्षण के दौरान वैन में उपलब्ध अत्याधुनिक उपकरणों और किट्स का जीवंत प्रदर्शन भी किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन हत्या, लूट, डकैती, चोरी, सड़क दुर्घटना और साइबर अपराध जैसे गंभीर मामलों की जांच में गेम-चेंजर साबित होगी। अब मौके पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक विश्लेषण, हाई-रिजॉल्यूशन फोटोग्राफी और डिजिटल दस्तावेजीकरण संभव हो सकेगा। इससे साक्ष्य संकलन में समय की बचत होगी, साक्ष्यों के दूषित होने का खतरा समाप्त होगा और अपराधियों के विरुद्ध एक मजबूत व अकाट्य केस तैयार करने में अभियोजन पक्ष को बड़ी मदद मिलेगी।

              जनोन्मुखी और प्रभावी पुलिसिंग की दिशा में नई क्रांति

              कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों और जनप्रतिनिधियों ने इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीकों का यह समावेश पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनोन्मुखी बनाएगा। यह वैन पीडि़तों को त्वरित न्याय दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, नगर पालिका परिषद गौरेला के अध्यक्ष श्री मुकेश दुबे, पेंड्रा अध्यक्ष श्री राकेश जलन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अविनाश मिश्रा, स्थानीय अधिवक्तागण सहित जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारी, थाना-चौकी प्रभारी और पुलिस विभाग के कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।


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