रायपुर : डिजिटल क्रांति से चमकी नारायणपुर के किसान रामसाय की किस्मत एग्रीस्टेक बना वरदान

              रायपुर (BCC NEWS 24): छोटे से गांव ऊंचाकोट ग्राम पंचायत भरण्डा के रहने वाले किसान रामसाय कवाड़े के चेहरे पर आज एक अलग ही सुकून और मुस्कान है। कुछ समय पहले तक खेती-किसानी के काम से ज्यादा उन्हें इस बात की चिंता सताती थी कि सहकारी समिति से खाद-बीज कैसे मिलेगा, फसल बेचने के लिए किन दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ेंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक कैसे पहुंचेगा। लेकिन आज डिजिटल इंडिया और छत्तीसगढ़ शासन की एक बेहतरीन पहल ने उनकी जिंदगी की इन तमाम उलझनों को एक झटके में दूर कर दिया है। ​यह सब मुमकिन हुआ है शासन की डिजिटल कृषि पहल “एग्रीस्टेक” के माध्यम से, जो रामसाय जैसे हजारों किसानों के लिए एक बड़ी राहत बनकर आई है।

              मुश्किल राहें हुईं आसान, जब हाथ में आई ‘Farmer ID’

              नारायणपुर जिले के ​किसान रामसाय बताते हैं कि पहले खेती के हर सीजन में खाद-बीज की खरीदी और अपनी मेहनत की फसल को सही समय पर बेचने में उन्हें कई तरह की व्यावहारिक दिक्कतों और लंबी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता था। घंटों कतारों में लगना और कागजी खानापूर्ति करना एक बड़ा सिरदर्द था। ​लेकिन जब से रामसाय ने एग्रीस्टेक पोर्टल पर अपना सफलतापूर्वक पंजीयन कराया है, तब से उनकी पूरी दुनिया ही बदल गई है। पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होते ही उन्हें अपनी एक विशिष्ट ‘Farmer ID’  मिल गई है। अब उनकी खेती-किसानी से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी ऑनलाइन दर्ज हो चुकी है। रामसाय बेहद खुश होकर कहते हैं कि अब मुझे खाद वितरण, फसल पंजीयन या किसी भी शासकीय योजना का लाभ लेने के लिए परेशान नहीं होना पड़ता। डिजिटल व्यवस्था ने सब कुछ इतना पारदर्शी और सरल बना दिया है कि अब खेती करना और भी आसान और सुखद हो गया है। ​इस अभूतपूर्व बदलाव और सहूलियत के लिए रामसाय ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का दिल से आभार व्यक्त किया है।

              ​घर बैठे चुटकियों में हुआ पंजीयन

              ​रामसाय के लिए यह प्रक्रिया किसी जादू से कम नहीं थी। उन्होंने सीधेcgfr.agristack.gov.inपोर्टल पर लॉगइन किया। वहां अपने मोबाइल पर आए ओटीपी (OTP) सत्यापन के जरिए खुद को रजिस्टर किया। इसके बाद उन्होंने अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक खाता, भूमि का विवरण और फसल से जुड़ी जानकारियां ऑनलाइन दर्ज कर दीं। ​जैसे ही उनके दस्तावेजों का सत्यापन पूरा हुआ, पोर्टल ने उन्हें उनकी जादुई चाबी यानी ‘Farmer ID’ सौंप दी। न तो किसी दफ्तर के चक्कर लगाने पड़े और न ही किसी बिचौलिए की मिन्नतें करनी पड़ीं।

              ​क्या है एग्रीस्टेक और आपको किन चीजों की होगी जरूरत?

              कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार एग्रीस्टेक पोर्टल किसानों को सशक्त बनाने वाली एक बेहद आधुनिक डिजिटल व्यवस्था है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसान बिना किसी परेशानी के घर बैठे ही अपना पंजीयन कर सकते हैं। पंजीयन के लिए ये चार दस्तावेज आवश्यक है, जिनमें आधार कार्ड,​ पहचान पत्र से लिंक एक्टिवेटेड मोबाइल नंबर ओटीपी के लिए, ​बैंक पासबुक की जानकारी और ​भूमि रिकॉर्ड का विवरण (खसरा / B-1)जरूरी दस्तावेज होने चाहिए।


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