कोरबा: जिले में छत्तीसगढ़ सरकार की डायल 112 सेवा आम लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। पिछले 24 घंटों के दौरान, 112 की एक ही गाड़ी ने 22 घटनाओं में शामिल होकर मिसाल कायम की। इस दौरान टीम ने दो लोगों की जान भी बचाई।
यह 112 वाहन कोतवाली थाना क्षेत्र के मानिकपुर, कोतवाली और सीएसईबी चौकी क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहा। डायल 112 में तैनात आरक्षक प्यारे लाल भारद्वाज (833), आरक्षक तेज प्रकाश अजय (614), चालक मल्लू सिंह और चालक सूर्या साहू ने टीम भावना के साथ काम किया।

सबसे गंभीर मामलों में से एक रात 8 से 10 बजे के बीच सामने आया। शराब के नशे में एक पति-पत्नी आपस में लड़ रहे थे। बीच-बचाव करने आए पड़ोसी को पति ने बुरी तरह घायल कर दिया। 112 की टीम तुरंत मौके पर पहुंची, घायल को अस्पताल पहुंचाया और उसकी जान बचाई। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस घर में रोज रात पति-पत्नी के बीच लड़ाई होती है।

इमलीडुग्गु फाटक के पास लूटपाट की सूचना पर भी 112 की टीम तत्काल पहुंची। वहीं, ओवर ब्रिज के नीचे हुए एक सड़क दुर्घटना में बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया था। 112 टीम ने समय पर पहुंचकर उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि थोड़ी देर और होती तो उसकी जान जा सकती थी। इस प्रकार, 112 ने दो अलग-अलग मामलों में लोगों की जान बचाई।

कोरबा नगर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 112 सेवा का भरपूर लाभ आमजन को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कई सरकारी सेवाएं केवल औपचारिकता करती हैं, लेकिन 112 सूचना मिलते ही तीव्र गति से घटनास्थल पहुंचती है।
सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने पुष्टि की कि कोतवाली क्षेत्र में केवल एक 112 गाड़ी है, जो लगातार कॉल अटेंड कर रही है। उन्होंने दुर्घटना के दो मामलों में पीड़ितों की जान बचने और लूट, मारपीट, सड़क दुर्घटना तथा पारिवारिक विवादों में 112 की भूमिका को सराहनीय बताया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि रात-बेरात जब कोई मदद नहीं करता, तब 112 ही सबसे पहले पहुंचती है। 24 घंटे में 22 कॉल अटेंड करना इस सेवा की प्रभावशीलता को दर्शाता है। पुलिस के जवान बिना थके लोगों की मदद में जुटे हुए हैं।

(Bureau Chief, Korba)




