रायपुर : 20 दिन के नवजात रुद्र को सुशासन तिहार में मिला पहचान का अधिकार

            एक ही शिविर में जारी हुए आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र, परिवार ने जिला प्रशासन का जताया आभार

            रायपुर (BCC NEWS 24): राज्य शासन द्वारा आयोजित किए जा रहे सुशासन तिहार शिविर आम नागरिकों के लिए बड़ी राहत और त्वरित सुविधा का माध्यम बनते जा रहे हैं। इसका एक बेहद संवेदनशील और प्रेरणादायक उदाहरण गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा स्थित असेंबली हॉल में आयोजित शिविर में देखने को मिला, जहाँ मात्र 20 दिन के नवजात शिशु रुद्र कुमार गुप्ता के लिए आय, निवास और अस्थायी जाति प्रमाण पत्र एक साथ जारी किए गए।

            राजस्व विभाग की संवेदनशीलता और तत्परता

            नवजात के पिता श्री आश्रित कुमार गुप्ता ने अपने पुत्र के आवश्यक शासकीय दस्तावेज तैयार कराने के लिए सुशासन तिहार शिविर में आवेदन प्रस्तुत किया था। मामला संज्ञान में आते ही राजस्व विभाग ने जनसेवा की भावना का परिचय देते हुए सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ शीघ्रता से पूर्ण किया और निर्धारित समय-सीमा के भीतर तीनों महत्वपूर्ण प्रमाण पत्र तैयार कर माता-पिता को सौंप दिए।

            एक ही छत के नीचे मिलीं सभी सेवाएं

            आमतौर पर इन दस्तावेजों को बनवाने के लिए नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं, लेकिन सुशासन तिहार के चलते इस परिवार की चिंताएं एक ही स्थान पर दूर हो गईं। नवजात को प्रारंभिक अवस्था में ही ये आवश्यक दस्तावेज मिल जाने से भविष्य में विभिन्न शासकीय योजनाओं, छात्रवृत्तियों, शैक्षणिक सुविधाओं तथा अन्य नागरिक सेवाओं का लाभ लेने का मार्ग सुगम हो गया है। पीड़ित या जरूरतमंद परिवारों को दफ्तरों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिली और सुलभता से काम संपन्न हुआ।

            हितग्राही परिवार ने माना सरकार का आभार

            प्रमाण पत्र प्राप्त होने पर बालक रुद्र के माता-पिता ने जिला प्रशासन और राजस्व विभाग के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के कारण उन्हें समय पर ये महत्वपूर्ण दस्तावेज हासिल हुए हैं, जिससे उनकी बड़ी चिंता दूर हुई है। उन्होंने इस दूरदर्शी पहल को आम नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी और कल्याणकारी बताया।

            सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच की दूरी को मिटाने का माध्यम

            यह सफलता की कहानी स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि सुशासन तिहार केवल योजनाओं के प्रचार-प्रसार का मंच नहीं है, बल्कि यह शासन और जनता के बीच की दूरी को मिटाकर सेवाओं को सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। राजस्व विभाग की इस त्वरित पहल ने सुशासन की मूल भावना को वास्तविक रूप में चरितार्थ किया है।


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