रायपुर (BCC NEWS 24): परंपरागत हुनर जब आधुनिक तकनीक से जुड़ता है तो बदलाव की नई कहानी जन्म लेती है। गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर विकासखंड अंतर्गत ग्राम कोसमखुटा के कुम्हार नारद चक्रधारी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। वर्षों से मिट्टी के बर्तन बनाकर परिवार का भरण-पोषण करने वाले नारद को अब इलेक्ट्रिक चाक मिलने से उनकी आजीविका को नई गति मिली है।
छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड की ओर से नारद चक्रधारी को इलेक्ट्रिक चाक प्रदान किया गया। विधायक रोहित साहू और कलेक्टर बी.एस. उइके ने उन्हें यह आधुनिक उपकरण सौंपा। नारद बताते हैं कि पहले हाथ से चलने वाले पारंपरिक चाक पर घड़ा, मटका, सुराही, दीया, खिलौने, गमले और अन्य मिट्टी के बर्तन तैयार करने में काफी समय और मेहनत लगती थी। उत्पादन सीमित होने के कारण आय भी सीमित रहती थी। लेकिन इलेक्ट्रिक चाक मिलने के बाद उनकी कार्यक्षमता और उत्पादन में वृद्धि होगी।
वे पहले प्रतिमाह 10 से 12 हजार रुपये मूल्य के उत्पाद तैयार कर पाते थे, वहीं अब लगभग 20 हजार रुपये तक के उत्पाद बनाने लगे हैं। त्योहारों के मौसम, विशेषकर दीपावली के दौरान उनकी मासिक आय 22 से 25 हजार रुपये तक पहुंच जाती है। नारद चक्रधारी कहते हैं कि इलेक्ट्रिक चाक ने न केवल उनका श्रम कम किया है, बल्कि उनके पारंपरिक व्यवसाय को अधिक व्यवस्थित और लाभकारी भी बनाया है। उनके लिए यह केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य की नई उम्मीद है।

(Bureau Chief, Korba)




