मुंगेली : वीबी-जी-रामजी योजना से सशक्त होगा ग्रामीण छत्तीसगढ़

              गांवों में विकास और रोजगार का नया अध्याय, आत्मनिर्भर गांवों की ओर बढ़ता कदम

              125 दिनों के रोजगार की गारंटी के साथ जल संरक्षण, आधारभूत संरचना और आजीविका संवर्धन को मिलेगा बढ़ावा

              मुंगेली (BCC NEWS 24): वीबी-जी-रामजी योजना ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, आधारभूत सुविधाओं के विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने का व्यापक अभियान है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से गांवों में टिकाऊ विकास को गति मिलेगी और ग्रामीण परिवारों का जीवन स्तर बेहतर होगा। ग्रामीण विकास के इस अभिनव मॉडल से छत्तीसगढ़ के गांव आत्मनिर्भरता, समृद्धि और सतत विकास की दिशा में एक नई पहचान स्थापित करने की ओर अग्रसर हैं। वीबीजी रामजी योजना वास्तव में ग्रामीण छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव साबित हो सकती है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और स्थायी विकास के नए अवसरों का द्वार खोलने जा रही है। योजना का उद्देश्य जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों का संवर्धन, ग्रामीण आधारभूत संरचना निर्माण, आजीविका मूलक परिसंपत्तियों का विकास तथा ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ रोजगार के अवसरों का सृजन करना है। इसके माध्यम से ग्राम पंचायतों में समन्वित विकास को बढ़ावा मिलेगा तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं के अभिसरण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्राप्त होगी।

              रोजगार सुरक्षा का मजबूत आधार

              वीबीजी रामजी योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसके अंतर्गत पात्र ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के अकुशल श्रम आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान की जाएगी। पहले जहां रोजगार के 100 दिन उपलब्ध थे, वहीं अब 25 दिनों की अतिरिक्त रोजगार गारंटी से ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी और आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी। यह अतिरिक्त रोजगार ग्रामीण परिवारों के लिए केवल आय का स्रोत नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम भी बनेगा। इससे पलायन में कमी आएगी तथा लोगों को अपने ही गांव में सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध हो सकेगा।

              स्थानीय संसाधनों से स्थानीय विकास

              योजना के तहत अधोसंरचना और मशीनरी का बेहतर उपयोग करते हुए स्थानीय उत्पादन, प्रसंस्करण, सेवा और विपणन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे गांवों में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होगा तथा स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस पहल होगी। ग्रामीणों का मानना है कि इस योजना से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे युवाओं और श्रमिकों को अपने क्षेत्र में ही काम मिल सकेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ने से गांवों की आत्मनिर्भरता भी मजबूत होगी। ग्राम चमारी की निवासी सुनीता यादव बताती हैं कि योजना के अंतर्गत रोजगार दिवसों को 100 से बढ़ाकर 125 दिन किया जाना ग्रामीण परिवारों के लिए बड़ी राहत है। अतिरिक्त 25 दिनों के रोजगार से परिवार की आय बढ़ेगी और आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिलेगी। इसी प्रकार ग्राम के रामजी साहू और अशोक साहू ने भी योजना को ग्रामीण हित में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि यह योजना गांवों में रोजगार, विकास और आत्मनिर्भरता को नई दिशा प्रदान करेगी।


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