कोरबा (BCC NEWS 24): वर्ष 2026-27 में शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्रों में मत्स्य बीज उत्पादन कार्य प्रारंभ हो गया है। जिले के एतमानगर (बांगो) स्थित चायनिज हैचरी से मत्स्य बीज उत्पादन कार्य किया जा रहा है। जहां प्रमुख सफर (कतला, रोहू, मृगल) मछलियों की मत्स्य जीरा (स्पान) उत्पादन किया जा रहा है। इच्छुक मत्स्य कृषक हैचरी से सीधे मत्स्य जीरा शासन द्वारा निर्धारित दर पर प्राप्त कर सकते है, एवं मत्स्य बीज संवर्धन का कार्य कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। मत्स्य बीज संवर्धन का कार्य ऐसे मौसमी तालाबों में भी आसानी से मत्स्य बीज संवर्धन किया जा सकता है। जिन तालाबों में छः माह तक पानी रहता है। इसके अलावा जिले के एतमानगर, (विकासखंड-पोडीउपरोड़ा), हुंकरा (विकासखंड-कटघोरा), सेन्द्रीपाली (विकासखंड-पाली) एवं बरपाली (विकासखंड-करतला) में स्थित शासकीय मत्स्य बीज संवर्धन प्रक्षेत्रों से भी प्रमुख सफर मछली के फ्राई एवं फिंगरलिंग मछली बीज प्राप्त किया जा सकता है। जहां से मत्स्य कृषकों को 50 प्रतिशत अनुदान पर भी मत्स्य अंगुलिका उपलब्ध कराया जाता है। मछली पालन विभाग द्वारा सभी मत्स्य पालकों से अपील किया गया है कि वे शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्रों से शासन द्वारा निर्धारित दर पर मछली बीज प्राप्त कर सकते हैं।

(Bureau Chief, Korba)




