रायपुर : सुकमा की ग्रामीण महिलाओं को मिला स्वरोजगार का सहारा निःशुल्क चूजा वितरण से

            पशुधन विकास विभाग की पहल से आजीविका होगी मजबूत, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम

            रायपुर (BCC NEWS 24): पशुपालन विभाग द्वारा ग्रामीण आजीविका संवर्धन के तहत निःशुल्क या 90% अनुदान पर चूजा वितरण योजनाएं (बैकयार्ड कुक्कुट पालन) चलाई जा रही हैं। इसके तहत हितग्राहियों (विशेषकर ग्रामीण महिलाओं) को 8 से 45 उन्नत नस्ल के चूजे और दाना प्रदान किया जाता है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन में सुकमा जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए पशुधन विकास विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। 

            इसी कड़ी में जिले के छिंदगढ़ विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम कुकानार, केरातोंग और पालेम में महिला स्व-सहायता समूहों (SHGs) की सदस्यों को निःशुल्क 30 यूनिट चूजों का वितरण किया गया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को कुक्कुट (मुर्गी) पालन से जोड़कर उन्हें घर पर ही स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है, जिससे उनके परिवारों की आय में वृद्धि हो सके और वनांचल क्षेत्रों में आजीविका के स्थायी साधन विकसित किए जा सकें।

            कुक्कुट पालन बनेगा लाभकारी व्यवसाय

            पशुधन विकास विभाग की इस कल्याणकारी योजना के माध्यम से न केवल ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि क्षेत्र में कुक्कुट पालन को एक उन्नत और लाभकारी व्यवसाय के रूप में बढ़ावा भी मिल रहा है। परंपरागत खेती और मजदूरी पर निर्भर रहने वाली महिलाओं के लिए यह पहल अतिरिक्त आय का एक बड़ा और सुलभ जरिया साबित होगी।

            महिलाओं को मिला वैज्ञानिक पालन-पोषण का प्रशिक्षण

            चूजा वितरण कार्यक्रम के दौरान तोंगपाल से श्री नंदकुमार कोर्राम तथा छिंदगढ़ से डॉ. भूपेन्द्र बघेल और श्री हीरालाल बघेल विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में केवल चूजों का वितरण ही नहीं किया गया, बल्कि उपस्थित विभागीय अधिकारियों ने हितग्राही महिलाओं को चूजों के वैज्ञानिक पालन-पोषण, उचित खान-पान (पोषण), समय पर टीकाकरण और बेहतर प्रबंधन के गुर भी सिखाए। अधिकारियों ने महिलाओं को प्रेरित किया कि वे इन वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर योजना का अधिकतम लाभ उठाएं और अपनी आय में तेजी से वृद्धि करें।

            ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

            पशुधन विकास विभाग का यह सराहनीय प्रयास सुकमा जैसे संवेदनशील और दूरस्थ जिले की ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। महिलाओं के हाथों में सीधे रोजगार आने से न केवल उनका सामाजिक और आर्थिक स्तर ऊंचा उठेगा, बल्कि इससे क्षेत्र की समग्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी आत्मनिर्भर और मजबूत बनेगी।


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