रायपुर : हुनर ने बदली शीतल की तकदीर, आजीविका कॉलेज के प्रशिक्षण से मिली नई पहचान

            मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण लेकर बनी असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन, अब खुद उठा रही पढ़ाई और परिवार की जिम्मेदारी

            रायपुर (BCC NEWS 24): कठिन परिस्थितियां किसी व्यक्ति की राह रोक नहीं सकतीं, यदि उसके पास आगे बढ़ने का संकल्प और सही मार्गदर्शन हो। बस्तर जिले की बेटी शीतल बघेल ने अपने संघर्ष, मेहनत और हुनर के बल पर यह साबित कर दिखाया है। पिता स्वर्गीय फूलचंद बघेल के निधन के बाद परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा था। 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद शीतल के सामने बेरोजगारी, पारिवारिक जिम्मेदारियों और भविष्य की अनिश्चितता जैसी चुनौतियां थीं। ऐसे कठिन समय में एक शिक्षक के मार्गदर्शन ने उनकी जिंदगी को नई दिशा दी और उन्हें जिला प्रशासन की पहल जिला परियोजना आजीविका कॉलेज, आड़ावाल तक पहुंचाया।

            रुचि को मिला सही मंच, प्रशिक्षण से निखरा हुनर

            आजीविका कॉलेज में काउंसलिंग के दौरान शीतल की बिजली और तकनीकी कार्यों में रुचि को पहचानते हुए उन्हें असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन पाठ्यक्रम में प्रशिक्षण के लिए चयनित किया गया। इसके बाद उन्होंने पूरी लगन और मेहनत के साथ तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त किया। औजारों और विद्युत कार्यों की बारीकियों को सीखते हुए उन्होंने सामाजिक रूढ़ियों और कठिन परिस्थितियों को अपनी सफलता की राह में बाधा नहीं बनने दिया। निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने राज्य स्तरीय कौशल परीक्षा भी सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की।

            रोजगार मिला, परिवार को मिला संबल

            प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद शीतल को जगदलपुर स्थित मगध इलेक्ट्रिकल में असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन के रूप में रोजगार मिला। वर्तमान में वे प्रतिमाह लगभग 9 हजार रुपए की आय अर्जित कर रही हैं। इस आय से वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में सहयोग कर रही हैं, बल्कि अपनी आगे की पढ़ाई का खर्च भी स्वयं वहन कर रही हैं। शीतल ने यह सिद्ध कर दिया है कि अवसर और कौशल मिलने पर बेटियां आत्मनिर्भर बनकर परिवार और समाज दोनों के लिए प्रेरणा बन सकती हैं।

            प्रशिक्षण ने जगाया आत्मविश्वास

            शीतल कहती हैं कि आजीविका कॉलेज के प्रशिक्षण ने उनके भीतर आत्मविश्वास का नया संचार किया। आज वे आत्मनिर्भर हैं, रोजगार प्राप्त कर चुकी हैं और अपनी शिक्षा भी जारी रखे हुए हैं। वे इस नई पहचान और उज्ज्वल भविष्य के लिए जिला प्रशासन तथा मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के प्रति आभार व्यक्त करती हैं।


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